Gold Silver Rate Today 1 June 2026: सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट, बड़े शहरों में रेट में बदलाव
देशभर में सोने के दामों में गिरावट दर्ज
1 जून 2026 को देश के सर्राफा बाजारों में Gold की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, भोपाल, अहमदाबाद, जयपुर और लखनऊ जैसे प्रमुख शहरों में 22 कैरेट और 24 कैरेट सोने के भाव नीचे आए हैं। वैश्विक बाजार में डॉलर की मजबूती और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का सीधा असर भारतीय बाजार पर देखने को मिला है।
बीते एक सप्ताह से सोने के दामों में लगातार नरमी का रुख बना हुआ है। निवेशकों ने फिलहाल सतर्कता बरतते हुए खरीदारी कम कर दी है, जिससे बाजार में दबाव बढ़ा है। विशेषज्ञों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संकेतों और भू-राजनीतिक घटनाओं के कारण सोने में उतार-चढ़ाव जारी है।
बड़े शहरों में Gold की ताजा कीमतें
देश के प्रमुख शहरों में 1 जून 2026 को सोने की कीमतें इस प्रकार रहीं:
- दिल्ली: 24 कैरेट सोना लगभग ₹1,57,650 प्रति 10 ग्राम, 22 कैरेट ₹1,44,090 प्रति 10 ग्राम
- मुंबई: 24 कैरेट ₹1,57,030, 22 कैरेट ₹1,43,940 प्रति 10 ग्राम
- कोलकाता: 24 कैरेट ₹1,57,030, 22 कैरेट ₹1,43,940 प्रति 10 ग्राम
- चेन्नई: 24 कैरेट ₹1,59,590, 22 कैरेट ₹1,46,290 प्रति 10 ग्राम
- भोपाल: 24 कैरेट ₹1,57,080, 22 कैरेट ₹1,43,990 प्रति 10 ग्राम
- अहमदाबाद: 24 कैरेट ₹1,57,080, 22 कैरेट ₹1,43,990 प्रति 10 ग्राम
- जयपुर और लखनऊ: लगभग समान स्तर पर ₹1,57,180 (24 कैरेट) और ₹1,44,100 (22 कैरेट)
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि देशभर में सोने की कीमतों में एक समान गिरावट का रुख देखने को मिला है, हालांकि चेन्नई में रेट अन्य शहरों की तुलना में थोड़ा अधिक बना हुआ है।
पिछले एक सप्ताह में कितनी गिरावट आई?
बाजार के आंकड़ों के अनुसार पिछले एक सप्ताह में 24 कैरेट सोने की कीमतों में लगभग ₹2,000 से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है। 22 कैरेट सोने में भी समान अनुपात में नरमी देखी गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह गिरावट अचानक नहीं है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में चल रही अनिश्चितताओं का परिणाम है। डॉलर इंडेक्स में मजबूती और वैश्विक निवेश प्रवाह में बदलाव ने सोने पर दबाव बनाया है।
चांदी के दामों में भी नरमी
सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी गिरावट देखने को मिली है। घरेलू बाजार में चांदी का भाव लगभग ₹2,79,900 प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गया है। पिछले एक सप्ताह में चांदी की कीमतों में करीब ₹5,000 तक की गिरावट दर्ज की गई है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी चांदी का भाव दबाव में है, जहां यह लगभग 75.54 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही है। इस साल की शुरुआत में चांदी ने रिकॉर्ड ऊंचाई को छुआ था, लेकिन अब इसमें लगातार उतार-चढ़ाव का दौर चल रहा है।
कीमतों में गिरावट के पीछे प्रमुख कारण
सोने और चांदी की कीमतों में आई गिरावट के पीछे कई वैश्विक और आर्थिक कारण जिम्मेदार हैं। विशेषज्ञों के अनुसार प्रमुख कारण इस प्रकार हैं:
डॉलर की मजबूती
अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में मजबूती आने से सोने की मांग पर असर पड़ा है, क्योंकि सोना डॉलर में मूल्यांकित होता है।
कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव
ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतों में तेजी और अस्थिरता ने वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ा दी है, जिसका असर सोने पर भी पड़ा है।
भू-राजनीतिक तनाव
अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर को लेकर अनिश्चितता और वैश्विक तनाव की स्थिति ने निवेशकों को सतर्क किया है।
निवेशकों की सतर्कता
निवेशक फिलहाल जोखिम से बचते हुए सुरक्षित निवेश के विकल्पों को लेकर सावधानी बरत रहे हैं, जिससे सोने की मांग प्रभावित हुई है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का प्रभाव
अंतरराष्ट्रीय हाजिर बाजार में सोने की कीमत लगभग 4,527 डॉलर प्रति औंस के आसपास रही। यह स्तर वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं को दर्शाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक बाजार में यदि डॉलर और मजबूत होता है, तो सोने की कीमतों में और दबाव आ सकता है। वहीं यदि भू-राजनीतिक तनाव बढ़ता है, तो सोने में फिर से तेजी देखने को मिल सकती है।
चांदी का वैश्विक बाजार रुझान
चांदी का अंतरराष्ट्रीय भाव 75 डॉलर प्रति औंस के आसपास बना हुआ है। औद्योगिक मांग और निवेश दोनों में संतुलन नहीं होने के कारण चांदी में अस्थिरता बनी हुई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इलेक्ट्रॉनिक्स और सोलर सेक्टर में चांदी की मांग लंबे समय में बढ़ सकती है, लेकिन फिलहाल कीमतें दबाव में हैं।
ग्राहकों के लिए क्या संकेत?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा गिरावट आम ग्राहकों के लिए खरीदारी का अच्छा अवसर हो सकती है, खासकर शादी और त्योहारों के सीजन को देखते हुए।
ज्वेलरी बाजार में ग्राहकों की पूछताछ बढ़ने लगी है, लेकिन निवेशक अभी भी इंतजार की स्थिति में हैं।
निवेशकों के लिए सलाह
विशेषज्ञ सलाह दे रहे हैं कि सोने में निवेश करने से पहले अंतरराष्ट्रीय बाजार की दिशा को समझना जरूरी है। अचानक आने वाली वैश्विक घटनाएं कीमतों में बड़ा बदलाव ला सकती हैं।
दीर्घकालिक निवेशकों के लिए सोना अब भी एक सुरक्षित विकल्प माना जा रहा है, जबकि अल्पकालिक निवेशकों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
भविष्य का अनुमान
यदि डॉलर मजबूत बना रहता है और कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता जारी रहती है, तो सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
हालांकि, शादी और त्योहारी सीजन के नजदीक आने पर घरेलू मांग बढ़ने से कीमतों में फिर से तेजी देखने को मिल सकती है।
निष्कर्ष
1 जून 2026 को सोने और चांदी दोनों की कीमतों में आई गिरावट ने पूरे सर्राफा बाजार को प्रभावित किया है। जहां एक ओर यह गिरावट आम ग्राहकों के लिए राहत की खबर साबित हुई है, वहीं दूसरी ओर निवेशकों के लिए यह स्थिति सतर्कता का संकेत मानी जा रही है। कीमतों में नरमी के चलते ज्वेलरी बाजार में खरीदारी की हलचल बढ़ने की संभावना है, खासकर शादी और त्योहारों के सीजन को देखते हुए।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतों की दिशा मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय बाजार के रुझान, अमेरिकी डॉलर की मजबूती और कच्चे तेल की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव पर निर्भर करेगी। वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और भू-राजनीतिक घटनाओं का भी सीधा असर इन कीमती धातुओं पर देखने को मिल सकता है। ऐसे में निवेशकों को बाजार पर नजर बनाए रखते हुए सोच-समझकर निर्णय लेने की सलाह दी जा रही है।
