आज 12 मई को भारतीय वायदा बाजार (MCX) में Gold-Silver की कीमतों में एक बार फिर जबरदस्त तेजी देखने को मिली है। सोमवार को जहां सोने में हल्की गिरावट दर्ज की गई थी, वहीं आज बाजार खुलते ही दोनों कीमती धातुओं ने रफ्तार पकड़ ली। सोना जहां नए रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंच गया है, वहीं चांदी ने भी मजबूत रिकवरी करते हुए निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।
वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, भू-राजनीतिक तनाव और सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग के बीच सोना-चांदी लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में भी इन धातुओं में उतार-चढ़ाव का दौर जारी रह सकता है।
Gold ने तोड़ा रिकॉर्ड, ₹1.53 लाख के पार
MCX पर 5 जून 2026 एक्सपायरी वाला सोना आज ₹1,53,888 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया है। यह पिछले कारोबारी सत्र की तुलना में ₹225 (0.15%) की बढ़त दर्शाता है।
यह तेजी अचानक नहीं है, बल्कि पिछले कई दिनों से बन रहे वैश्विक माहौल का परिणाम है। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अस्थिरता और निवेशकों की सुरक्षित संपत्ति (Safe Haven) की तलाश ने सोने की मांग को लगातार बढ़ाया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि जब भी दुनिया में राजनीतिक तनाव, युद्ध जैसी स्थिति या आर्थिक अनिश्चितता बढ़ती है, तो निवेशक शेयर बाजार और जोखिम वाले एसेट्स से पैसा निकालकर सोने में लगाते हैं। यही कारण है कि सोना लगातार नए रिकॉर्ड स्तर छू रहा है।
Silver में भी जोरदार तेजी, ₹2,80,388 तक पहुंची कीमत
सोने के साथ-साथ चांदी ने भी बाजार में मजबूत प्रदर्शन किया है। 3 जुलाई 2026 एक्सपायरी वाली चांदी आज ₹2,80,388 प्रति किलोग्राम पर ट्रेड कर रही है।
इसमें आज ₹2,077 (0.75%) की बढ़त दर्ज की गई है, जो सोने की तुलना में अधिक तेज गति को दर्शाती है।
चांदी की कीमतों में केवल निवेश ही नहीं बल्कि औद्योगिक मांग भी अहम भूमिका निभा रही है। इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल, ऑटोमोबाइल और मेडिकल उपकरणों में चांदी का व्यापक उपयोग होता है। जैसे-जैसे वैश्विक उद्योगों में सुधार हो रहा है, वैसे-वैसे चांदी की मांग भी बढ़ रही है।
वैश्विक तनाव ने बढ़ाई बाजार में अनिश्चितता
सोना और चांदी की कीमतों में तेजी का सबसे बड़ा कारण वैश्विक स्तर पर बढ़ता तनाव है। हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता विफल होने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजारों में चिंता बढ़ गई है।
इसके अलावा मध्य-पूर्व (West Asia) में जारी अस्थिरता ने भी निवेशकों को सतर्क कर दिया है। जब भी वैश्विक राजनीति में तनाव बढ़ता है, तो इसका सीधा असर कमोडिटी बाजार पर पड़ता है।
निवेशक ऐसे समय में जोखिम भरे निवेश से दूरी बनाकर सुरक्षित विकल्प की ओर रुख करते हैं और यही कारण है कि सोने की मांग तेजी से बढ़ जाती है।
कमजोर रुपया भी बढ़ा रहा कीमतों का दबाव
भारतीय बाजार में सोना-चांदी की कीमतों पर रुपये की कमजोरी का भी सीधा असर पड़ता है। डॉलर के मुकाबले रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर के आसपास कारोबार कर रहा है।
जब रुपया कमजोर होता है, तो भारत के लिए सोना-चांदी का आयात महंगा हो जाता है। चूंकि भारत अपनी बड़ी मात्रा में सोना आयात करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय कीमतों में मामूली वृद्धि भी घरेलू बाजार में बड़ा असर डालती है।
इस कारण स्थानीय बाजार में सोने और चांदी दोनों की कीमतों में तेजी बनी रहती है।
निवेशकों के लिए सेफ हेवन बना सोना
सोना हमेशा से ही सुरक्षित निवेश (Safe Haven Asset) माना जाता है। आर्थिक अनिश्चितता के समय निवेशक इसे सबसे भरोसेमंद विकल्प मानते हैं।
वर्तमान समय में—
- वैश्विक तनाव
- मुद्रा में उतार-चढ़ाव
- महंगाई का दबाव
- शेयर बाजार में अस्थिरता
इन सभी कारणों ने सोने की मांग को बढ़ा दिया है।
विशेषज्ञों के अनुसार, जैसे-जैसे अनिश्चितता बढ़ती है, वैसे-वैसे सोने की कीमतों में मजबूती देखने को मिलती है।
चांदी की बढ़ती औद्योगिक मांग
चांदी सिर्फ निवेश का माध्यम नहीं है, बल्कि एक महत्वपूर्ण औद्योगिक धातु भी है।
आज के समय में चांदी का उपयोग—
- सोलर एनर्जी पैनल
- इलेक्ट्रॉनिक उपकरण
- मोबाइल और कंप्यूटर
- मेडिकल उपकरण
- ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री
में बड़े पैमाने पर होता है।
जैसे-जैसे ग्रीन एनर्जी और टेक्नोलॉजी सेक्टर बढ़ रहा है, वैसे-वैसे चांदी की मांग भी तेजी से बढ़ रही है। यही कारण है कि चांदी की कीमतों में अक्सर सोने से अधिक तेज मूवमेंट देखने को मिलता है।
बाजार विशेषज्ञों की राय
कमोडिटी विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल बाजार में भारी अस्थिरता बनी हुई है। कीमतों में तेजी का मुख्य कारण निवेशकों की सुरक्षित संपत्ति की ओर बढ़ती रुचि है।
विशेषज्ञों के अनुसार—
- सोना अभी भी मजबूत ट्रेंड में है
- चांदी में वोलैटिलिटी अधिक रहेगी
- आने वाले दिनों में वैश्विक घटनाएं कीमत तय करेंगी
वे यह भी सलाह देते हैं कि छोटे निवेशकों को जल्दबाजी में निवेश से बचना चाहिए, क्योंकि कीमतों में अचानक बदलाव संभव है।
शादी सीजन का भी असर
भारत में शादी का सीजन चल रहा है, जिसका सीधा असर सोने की मांग पर पड़ता है। भारतीय परिवारों में सोना न केवल निवेश बल्कि परंपरा और सामाजिक स्थिति का प्रतीक भी माना जाता है।
इस वजह से—
- गहनों की मांग बढ़ती है
- ज्वेलरी बाजार सक्रिय रहता है
- कीमतों को सपोर्ट मिलता है
हालांकि ऊंची कीमतों के कारण कुछ खरीदार थोड़े सतर्क भी नजर आ रहे हैं।
आगे क्या हो सकता है?
आने वाले दिनों में सोना और चांदी की कीमतें कई कारकों पर निर्भर करेंगी—
- अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक स्थिति
- डॉलर इंडेक्स की चाल
- कच्चे तेल की कीमतें
- रुपये की स्थिति
- वैश्विक आर्थिक डेटा
यदि वैश्विक तनाव बना रहता है, तो सोना और चांदी दोनों में और तेजी देखने को मिल सकती है। वहीं अगर अंतरराष्ट्रीय स्थिति स्थिर होती है, तो कीमतों में कुछ करेक्शन भी संभव है।
निष्कर्ष
12 मई का दिन सोना और चांदी दोनों के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहा। सोना जहां ₹1.53 लाख के पार पहुंचकर नए रिकॉर्ड स्तर के करीब है, वहीं चांदी ने भी मजबूत तेजी दिखाई है।
वैश्विक तनाव, कमजोर रुपया और सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग ने इन दोनों धातुओं को मजबूती दी है। फिलहाल बाजार में तेजी का माहौल बना हुआ है, लेकिन विशेषज्ञ सावधानी के साथ निवेश की सलाह दे रहे हैं।
आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और आर्थिक संकेतक इनकी दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
