गंदगी, जलभराव और ट्रैफिक जाम से बदहाल महिदपुर-बनी-निपनिया मार्ग, ग्रामीणों ने प्रशासन से की त्वरित कार्रवाई की मांग
संवाददाता : संयम जैन
महिदपुर। महिदपुर-बनी-सेमलिया-निपनिया मुख्य मार्ग इन दिनों गंदगी, जलभराव और अव्यवस्थित यातायात की गंभीर समस्या से जूझ रहा है। लंबे समय से सड़क किनारे फैले कचरे के ढेर, नालियों में जमा गंदा पानी और गणेश चौपाटी क्षेत्र में अव्यवस्थित मछली बाजार के कारण स्थानीय नागरिकों का जीवन प्रभावित हो रहा है। हजारों ग्रामीण, किसान, विद्यार्थी और रोजाना इस मार्ग से गुजरने वाले राहगीर प्रतिदिन परेशानियों का सामना कर रहे हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है, जिससे लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है।
सड़क किनारे कचरे के ढेर बने परेशानी का कारण
महिदपुर से बनी, सेमलिया और निपनिया को जोड़ने वाला यह मार्ग क्षेत्र का प्रमुख संपर्क मार्ग है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्रामीण, विद्यार्थी, व्यापारी और किसान इसी रास्ते से आवागमन करते हैं। लेकिन पिछले कई महीनों से सड़क के दोनों ओर कचरे के ढेर जमा होने से स्वच्छता व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई है।
बरसात के मौसम में कचरे के साथ गंदा पानी जमा हो जाने से दुर्गंध फैल रही है। इससे आसपास रहने वाले लोगों को सांस लेने में परेशानी के साथ-साथ संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सफाई नहीं कराई गई तो स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है।
जलभराव से बढ़ा मच्छरों का प्रकोप
क्षेत्र में कई स्थानों पर पानी की निकासी नहीं होने से बरसात का पानी लंबे समय तक जमा रहता है। इस रुके हुए पानी में मच्छरों का तेजी से प्रजनन हो रहा है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार ऐसे वातावरण में डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया और टाइफाइड जैसी बीमारियों के फैलने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि छोटे बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर इसका सबसे अधिक असर पड़ रहा है। शाम होते ही मच्छरों का प्रकोप इतना बढ़ जाता है कि लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है।
गणेश चौपाटी पर मछली बाजार से फैल रही गंदगी
स्थानीय नागरिकों के अनुसार समस्या का एक प्रमुख कारण गणेश चौपाटी क्षेत्र में संचालित मछली की दुकानें भी हैं। दुकानों से निकलने वाला जैविक कचरा खुले में फेंका जाता है, जिससे पूरे क्षेत्र में दुर्गंध फैली रहती है।
इसके कारण बड़ी संख्या में आवारा सुअर और अन्य पशु सड़क पर घूमते रहते हैं। सड़क पर अचानक सुअरों के आ जाने से वाहन चालकों को दुर्घटना का खतरा बना रहता है। कई बार दोपहिया वाहन चालक गिरकर घायल भी हो चुके हैं।

रोज लग रहा ट्रैफिक जाम
गणेश चौपाटी क्षेत्र में सड़क किनारे अव्यवस्थित रूप से लगने वाली दुकानों और वाहनों की आवाजाही के कारण आए दिन लंबा ट्रैफिक जाम लग जाता है। स्कूल और कार्यालय के समय स्थिति और अधिक गंभीर हो जाती है।
ग्रामीणों का कहना है कि कई बार एंबुलेंस और अन्य आवश्यक सेवाओं के वाहन भी जाम में फंस जाते हैं। इससे मरीजों और आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
विद्यार्थियों और किसानों पर सबसे अधिक असर
इस मार्ग का उपयोग आसपास के कई गांवों के विद्यार्थी स्कूल और कॉलेज जाने के लिए करते हैं। सड़क पर गंदगी, जलभराव और जाम के कारण उन्हें समय पर अपने शिक्षण संस्थानों तक पहुंचने में कठिनाई होती है।
वहीं किसान अपनी कृषि उपज लेकर मंडियों तक जाते हैं। ट्रैफिक जाम और खराब सफाई व्यवस्था के कारण परिवहन प्रभावित होता है, जिससे किसानों का समय और आर्थिक संसाधन दोनों प्रभावित होते हैं।
शिकायतों के बावजूद नहीं हुई प्रभावी कार्रवाई
स्थानीय रहवासियों का कहना है कि उन्होंने कई बार नगर परिषद और संबंधित विभागों के अधिकारियों को इस समस्या से अवगत कराया है। समय-समय पर आश्वासन तो मिलता है, लेकिन स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
लोगों का कहना है कि कभी-कभार औपचारिक सफाई कर दी जाती है, लेकिन नियमित व्यवस्था नहीं होने के कारण कुछ ही दिनों में स्थिति फिर पहले जैसी हो जाती है।

ग्रामीणों ने रखीं प्रमुख मांगें
क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मार्ग पर विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाए तथा नियमित कचरा संग्रहण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा जलभराव वाले स्थानों पर उचित जल निकासी की व्यवस्था की जाए ताकि बरसात का पानी जमा न रहे।
उन्होंने गणेश चौपाटी क्षेत्र से मछली बाजार को किसी उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित करने की भी मांग की है, जिससे सड़क पर फैलने वाली गंदगी और यातायात बाधा दोनों समाप्त हो सकें। साथ ही आवारा पशुओं की समस्या के समाधान के लिए भी प्रभावी कार्रवाई की आवश्यकता बताई गई है।
स्वास्थ्य सुरक्षा पर भी दिया जाए ध्यान
क्षेत्रवासियों का कहना है कि केवल सफाई अभियान पर्याप्त नहीं होगा। स्वास्थ्य विभाग द्वारा मच्छररोधी दवाओं का छिड़काव, फॉगिंग और स्वच्छता जागरूकता अभियान भी चलाया जाना चाहिए ताकि संक्रामक बीमारियों की रोकथाम की जा सके।
समय रहते समाधान की आवश्यकता
स्थानीय नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के खिलाफ आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। उनका कहना है कि स्वच्छ वातावरण, सुरक्षित सड़क और बेहतर यातायात व्यवस्था प्रत्येक नागरिक का अधिकार है।
ग्रामीणों का मानना है कि यदि प्रशासन समन्वित रूप से सफाई, जल निकासी, यातायात प्रबंधन और अतिक्रमण हटाने जैसी कार्रवाई करे तो महिदपुर-बनी-निपनिया मार्ग की वर्तमान समस्याओं का स्थायी समाधान संभव है। इससे न केवल लोगों को राहत मिलेगी, बल्कि क्षेत्र में स्वच्छता, स्वास्थ्य और यातायात व्यवस्था भी बेहतर होगी।

