गंधवानी में धूमधाम से मनाई गई वीर दुर्गादास राठौड़ की 388वीं जयंती
भव्य शोभायात्रा में घोड़े पर सवार युवाओं ने थामे केसरिया और तिरंगा ध्वज, बैंड-ढोल की धुन पर झूमे समाजजन
गंधवानी। शिरोमणि मुकुटवीर दुर्गादास राठौड़ की 388वीं जयंती गंधवानी में क्षत्रिय राठौड़ समाज संकल पंच गंधवानी के तत्वावधान में हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाई गई। जयंती के अवसर पर नगर में भव्य चल समारोह एवं शोभायात्रा निकाली गई। इसमें समाज के महिला-पुरुष, युवा और बच्चे बड़ी संख्या में शामिल हुए।
शोभायात्रा में सबसे आगे अश्व पर सवार युवक दो केसरिया ध्वज और तिरंगा ध्वज लेकर चल रहे थे। वहीं समाजजनों के लिए निर्धारित ड्रेस कोड आकर्षण का केंद्र रहा। पारंपरिक वेशभूषा में बड़ी संख्या में समाजजन शोभायात्रा में शामिल हुए।
बैंड और ढोल की धुन पर झूमे युवा
शोभायात्रा के दौरान बैंड की देशभक्ति और उत्साह से भरी धुनों पर युवा वर्ग उत्साहपूर्वक झूमता नजर आया। वहीं ढोल की थाप पर महिला मंडल की सदस्यों ने गरबा करते हुए शोभायात्रा में सहभागिता की।

शोभायात्रा का वातावरण पूरे समय उत्साह और सामाजिक एकजुटता से भरा रहा। नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरते समय बड़ी संख्या में नागरिकों ने शोभायात्रा का स्वागत किया।
राठौड़ धर्मशाला से शुरू हुई शोभायात्रा
भव्य शोभायात्रा की शुरुआत राठौड़ धर्मशाला से हुई। इसके बाद शोभायात्रा नित्यानंद मार्ग, शिवाजी चौक, बलवारी चोपटी, सिर्वी मोहल्ला, सबरंग चोपटी, बस स्टैंड और पुराने पुलिस थाना क्षेत्र से होते हुए पुनः राठौड़ समाज धर्मशाला पहुंची।
पूरे मार्ग में समाजजन उत्साह के साथ शामिल रहे। जगह-जगह नागरिकों और विभिन्न सामाजिक संगठनों की ओर से शोभायात्रा का स्वागत किया गया।
विभिन्न समाजों ने किया स्वागत
शोभायात्रा का विभिन्न सामाजिक एवं राजनीतिक संगठनों और परिवारों की ओर से स्वागत किया गया। माली परिवार, जैन समाज, ग्राम पंचायत, भाजपा मंडल, नित्यानंद युवा भक्त मंडल, कमल जी जैन परिवार, रतनलाल जी मारसाहब परिवार, टकवासिया परिवार, क्षत्रिय सिर्वी समाज, कलचुरी कलाल समाज, पार्षद ग्रुप, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी, प्रजापत समाज, श्याम साख परिवार, संजय राठौड़ प्रेम किराना और मनोज घीसालाल जी राठौड़ सहित अन्य लोगों ने शोभायात्रा का स्वागत कर स्वल्पाहार की व्यवस्था की।
इस दौरान नगर में सामाजिक सौहार्द और भाईचारे का संदेश भी देखने को मिला।
दुर्गादास राठौड़ के चित्र पर किया माल्यार्पण
शोभायात्रा के समापन के बाद राठौड़ समाज धर्मशाला में कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहां वीर दुर्गादास राठौड़ के छायाचित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।
कार्यक्रम में समाज के अध्यक्ष जगदीश बाबूलाल राठौड़, उपाध्यक्ष संतोष लक्ष्मण राठौड़, कोषाध्यक्ष गोपाल रतनलाल राठौड़, रमेश जी वकील साहब, लक्ष्मीनारायण जी, भगीरथ जी, नवयुवक अध्यक्ष चित्रेश राठौड़ और महिला मंडल अध्यक्ष कविता निलेश राठौड़ सहित अन्य पदाधिकारी मंचासीन रहे।
युवाओं ने बताया वीर दुर्गादास का जीवन
कार्यक्रम के दौरान मंचासीन अतिथियों का नवयुवक संगठन के सदस्यों ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। समाज के युवा राहुल राठौड़ ने वीर दुर्गादास राठौड़ के जीवन, उनके संघर्ष और योगदान पर प्रकाश डाला।
उन्होंने समाजजनों को वीर दुर्गादास के जीवन से प्रेरणा लेने और उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का संदेश दिया।
मेधावी विद्यार्थियों को किया सम्मानित
जयंती समारोह के दौरान शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को भी प्रोत्साहित किया गया। बोर्ड कक्षाओं में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
समाज की ओर से विद्यार्थियों को सम्मानित करने का उद्देश्य शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना और युवा पीढ़ी को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करना रहा।
समाजजनों के लिए भोज का आयोजन
कार्यक्रम के दौरान समाजजनों के लिए सामूहिक भोज का भी आयोजन किया गया। बड़ी संख्या में समाज के लोगों ने इसमें सहभागिता की। आयोजन के माध्यम से सामाजिक एकता और आपसी भाईचारे को मजबूत करने का संदेश दिया गया।

इसके साथ ही समाज की ओर से पत्रकारों का सम्मान भी किया गया। पत्रकारों को सम्मानित कर समाज की गतिविधियों और कार्यक्रमों को जन-जन तक पहुंचाने में उनके योगदान के लिए आभार व्यक्त किया गया।
कृष्णा राठौड़ ने किया संचालन
पूरे कार्यक्रम का संचालन कृष्णा राठौड़ ने किया। उन्होंने कार्यक्रम को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाते हुए विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। कार्यक्रम के अंत में अंकित हिंदुस्तानी ने उपस्थित अतिथियों, समाजजनों और आयोजन में सहयोग करने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त किया।
वीर दुर्गादास राठौड़ की जयंती पर आयोजित यह आयोजन गंधवानी में सामाजिक एकता, सांस्कृतिक परंपरा और वीरता के सम्मान का संदेश देते हुए उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। शोभायात्रा में बड़ी संख्या में समाजजनों की सहभागिता ने आयोजन को भव्य स्वरूप प्रदान किया।
