किसानों की 34 मांगों को लेकर महासंघ ने सौंपे प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन
C2+50 प्रतिशत एमएसपी, कर्जमाफी, सूखा घोषित करने और नकली खाद पर रोक सहित उठाए कई मुद्दे
कृषि उपज मंडी से एसडीएम कार्यालय तक निकाली रैली, मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी
रिपोर्ट: कौशिक पंडित
मनावर, जिला धार। राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ ने किसानों और कृषि मजदूरों की विभिन्न समस्याओं को लेकर प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के नाम दो अलग-अलग ज्ञापन अनुविभागीय अधिकारी राजस्व मनावर के माध्यम से सौंपे। दोनों ज्ञापनों में कुल 34 मांगें उठाई गईं। इनमें राज्य सरकार सरकार सरकार से संबंधित 23 और केंद्र सरकार से संबंधित 11 मांगें शामिल हैं।
ज्ञापन सौंपने से पहले राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के नेतृत्व में कृषि उपज मंडी से एसडीएम कार्यालय तक रैली निकाली गई। इसमें बड़ी संख्या में किसान और मजदूर अपने वाहनों के साथ शामिल हुए। महासंघ ने मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिए जाने की स्थिति में आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी।
राज्य सरकार के सामने रखीं 23 मांगें
मुख्यमंत्री के नाम सौंपे ज्ञापन में नकली खाद एवं कीटनाशकों की जांच के लिए प्रत्येक तहसील स्तर पर प्रयोगशाला स्थापित करने की मांग की गई। खाद के प्रत्येक बैग पर बारकोड जारी करने की व्यवस्था लागू करने की मांग भी उठाई गई, ताकि खाद की गुणवत्ता और आपूर्ति की निगरानी की जा सके।
महासंघ ने आरोप लगाया कि पोटाश में यूरिया की मिलावट किए जाने से किसानों की फसलों को नुकसान हो रहा है। संगठन ने नकली एवं अमानक खाद की बिक्री करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
किसानों की संपूर्ण कृषि उपज की खरीदी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर करने, हाईटेंशन लाइन से प्रभावित किसानों को प्रति टावर 8 से 10 लाख रुपए का मुआवजा देने और वर्ष 2017 की अवृष्टि से प्रभावित फसलों की लंबित 75 प्रतिशत मुआवजा राशि किसानों के खातों में जमा कराने की मांग भी रखी गई।
सिंचाई के लिए 18 घंटे बिजली उपलब्ध कराने की मांग
ज्ञापन में किसानों को सिंचाई के लिए प्रतिदिन 18 घंटे बिजली देने, ओवरलोड ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने और जरूरत वाले स्थानों पर अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगाने की मांग की गई।
कुक्षी क्षेत्र में नया विद्युत ग्रिड बनाने एवं अमलझुमा ग्रिड की स्वीकृति शीघ्र जारी करने की मांग भी उठाई गई। डिफाल्टर किसानों की भूमि कुर्क करने और मनमानी कर्ज वसूली पर रोक लगाने की मांग की गई। महासंघ ने कहा कि कर्जमाफी की प्रक्रिया के कारण डिफाल्टर हुए किसानों को राहत देते हुए फिर से नियमित श्रेणी में लाया जाना चाहिए।
धार जिले को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग
महासंघ ने धार जिले में अल्पवर्षा की स्थिति को देखते हुए तत्काल सूखा घोषित करने की मांग की। ओंकारेश्वर नहर से पानी छोड़ने, शहीद चंद्रशेखर बांध की नहरों की सफाई कराने और अधूरे हिस्सों का निर्माण पूर्ण करने की मांग भी रखी गई।
बरखेड़ा बांध का पानी किसानों के खेतों तक पहुंचाने और सिंचाई की पर्याप्त व्यवस्था करने का विषय भी उठाया गया। किसानों के कुओं पर लगाए गए स्मार्ट मीटर एवं थ्री-फेज कनेक्शन निरस्त कर पूर्व की फ्लैट रेट व्यवस्था लागू करने की मांग की गई।
ग्रामीण सड़कों और फसल सुरक्षा के मुद्दे उठाए
मुख्यमंत्री सड़क योजना के तहत विभिन्न ग्रामीण मार्गों का निर्माण और चौड़ीकरण कराने, खेतों तक पहुंचने के लिए हाईवे की तर्ज पर पक्की सड़कें बनाने तथा फसलों की सुरक्षा के लिए खेतों में बाउंड्रीवॉल योजना लागू करने की मांग ज्ञापन में शामिल रही।
ग्रामीण क्षेत्रों में हो रही चोरी की घटनाओं पर प्रभावी कार्रवाई, लिफ्ट इरिगेशन पाइपलाइन से प्रभावित किसानों को चार गुना मुआवजा, स्वीकृति के अनुसार जवाहर नवोदय विद्यालय को मनावर में ही स्थापित करने और मंडी के बाहर कृषि उपज बेचने पर आरटीजीएस भुगतान संबंधी आदेश को निरस्त करने की मांग भी की गई।
केंद्र सरकार से उठाईं 11 प्रमुख मांगें
प्रधानमंत्री के नाम सौंपे ज्ञापन में स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुसार C2+50 प्रतिशत का फार्मूला लागू करने और एमएसपी गारंटी कानून बनाने की प्रमुख मांग रखी गई। महासंघ ने किसानों की संपूर्ण उपज की खरीदी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सुनिश्चित करने की मांग की।
कॉटन कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के माध्यम से कपास की खरीदी शीघ्र प्रारंभ करने और रेशे की गुणवत्ता के आधार पर कपास खरीदने की मांग भी की गई।
महासंघ ने कृषि योग्य भूमि के अधिग्रहण पर रोक लगाने तथा अत्यंत आवश्यक होने पर भूमि अधिग्रहण के बदले किसानों को बाजार मूल्य का चार गुना मुआवजा देने की मांग की।
किसान सम्मान निधि बढ़ाकर 30 हजार रुपए करने की मांग
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की वार्षिक राशि बढ़ाकर 30 हजार रुपए करने, गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा देने और संसद का विशेष सत्र बुलाकर दो दिनों तक किसानों की समस्याओं पर चर्चा कराने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही।
नकली खाद की बिक्री पर रोक, लिफ्ट इरिगेशन पाइपलाइन के लिए चार गुना मुआवजा और भावांतर योजना के स्थान पर संपूर्ण फसल की एमएसपी पर खरीदी सुनिश्चित करने की मांग दोहराई गई। महासंघ ने अमेरिका के साथ प्रस्तावित व्यापार समझौते को लेकर भी अपनी आपत्ति दर्ज कराई।
समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन करेगा महासंघ
रैली और ज्ञापन के दौरान राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के रमेशचंद्र पाटीदार, रामदास पाटीदार, रामेश्वर हवेलीवाला, तुलसीराम गंगाजी, शांतिलाल मुकाती और महादेव पटेल सहित मालवा-निमाड़ क्षेत्र के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
महासंघ ने कहा कि किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ और अन्नदाता हैं। लंबे समय से चली आ रही समस्याओं का समाधान नहीं होने पर संगठन किसानों के हित में आंदोलन का रास्ता अपनाएगा।
