PMJJBY Claim: 330 रुपए के प्रीमियम से परिवार को मिला 2 लाख रुपए का आर्थिक सहारा
प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के तहत भंवरलाल राठौर के निधन के बाद वारिस दुर्गेश राठौर को ग्रामीण बैंक मऊ ने सौंपा बीमा राशि का चेक
रिपोर्टर: मनोज कुमार पुष्पद
पड़ाना। प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना एक बार फिर आर्थिक रूप से जरूरतमंद परिवार के लिए मुश्किल समय में बड़ा सहारा साबित हुई है। ग्राम ग्वाडा निवासी एवं ग्रामीण बैंक मऊ के खाताधारक भंवरलाल पिता प्रभुलाल राठौर के निधन के बाद उनके वारिस दुर्गेश राठौर को योजना के अंतर्गत 2 लाख रुपए की बीमा राशि प्रदान की गई। बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों ने मृतक के गांव पहुंचकर वारिस को बीमा राशि का चेक सौंपा।
बताया गया है कि भंवरलाल राठौर ने प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के तहत केवल 330 रुपए का वार्षिक प्रीमियम जमा कर बीमा सुरक्षा प्राप्त की थी। उनके निधन के बाद परिवार ने ग्रामीण बैंक मऊ के माध्यम से बीमा दावा प्रस्तुत किया। आवश्यक दस्तावेजों की जांच और निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद क्लेम स्वीकृत किया गया। इसके बाद परिवार को योजना के अनुसार 2 लाख रुपए की बीमा सहायता उपलब्ध कराई गई।
बैंक अधिकारियों ने गांव पहुंचकर सौंपा चेक
बीमा दावा स्वीकृत होने के बाद ग्रामीण बैंक मऊ के अधिकारी और कर्मचारी ग्राम ग्वाडा पहुंचे। यहां उन्होंने भंवरलाल राठौर के वारिस दुर्गेश राठौर को 2 लाख रुपए की बीमा राशि का चेक सौंपा। बैंक की ओर से उठाया गया यह कदम न केवल संबंधित परिवार के लिए राहत लेकर आया, बल्कि ग्रामीण क्षेत्र के अन्य लोगों को भी सरकारी बीमा योजनाओं से जुड़ने का संदेश देता है।
चेक वितरण के दौरान ग्रामीण बैंक मऊ की शाखा प्रबंधक सोनम कुशवाह, पवन कुमार शर्मा, चित्रांश श्रीवास्तव, प्रिया रघुवंशी, कविता चौहान और संतोष सेन सहित बैंक के अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि बीमा योजना का उद्देश्य परिवार के कमाऊ या जिम्मेदार सदस्य के निधन के बाद आश्रितों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है।
दस्तावेजों की जांच के बाद स्वीकृत हुआ क्लेम
भंवरलाल राठौर के निधन के बाद उनके परिजनों ने योजना के तहत बीमा राशि प्राप्त करने के लिए क्लेम प्रस्तुत किया था। बैंक स्तर पर आवेदन और संबंधित दस्तावेजों की जांच की गई। इसके बाद निर्धारित नियमों के अनुसार दावा आगे भेजा गया। प्रक्रिया पूरी होने पर बीमा दावा स्वीकृत हुआ और 2 लाख रुपए की राशि वारिस को प्रदान की गई।
इस पूरे प्रकरण से यह भी स्पष्ट होता है कि बीमा योजना से जुड़ने के साथ-साथ खाताधारक द्वारा नामांकन संबंधी जानकारी सही रखना और परिवार को पॉलिसी की जानकारी देना बेहद जरूरी है। किसी अप्रिय घटना की स्थिति में परिवार को संबंधित बैंक शाखा से संपर्क कर आवश्यक दस्तावेजों के साथ समय पर दावा प्रस्तुत करना चाहिए। सही दस्तावेज और बैंक के सहयोग से क्लेम प्रक्रिया पूरी करने में सुविधा मिलती है।
कम प्रीमियम में मिला बड़ा बीमा कवर
भंवरलाल राठौर द्वारा जमा किया गया 330 रुपए का वार्षिक प्रीमियम उनके परिवार के लिए 2 लाख रुपए की आर्थिक सहायता का आधार बना। सामान्य और सीमित आय वाले परिवारों के लिए इतनी बड़ी राशि अचानक आने वाली आर्थिक परेशानी से निपटने में उपयोगी हो सकती है। परिवार के सदस्य की मृत्यु के बाद घरेलू खर्च, बच्चों की पढ़ाई, उपचार से जुड़ी देनदारियों और अन्य आवश्यकताओं को पूरा करने में बीमा राशि मददगार बनती है।
प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना को बैंक खातों के माध्यम से संचालित किया जाता है। योजना के तहत पात्र खाताधारक निर्धारित वार्षिक प्रीमियम जमा कर जीवन बीमा सुरक्षा प्राप्त कर सकते हैं। प्रीमियम की राशि खाताधारक के बैंक खाते से निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार जमा की जाती है। योजना से जुड़ने से पहले पात्रता, वर्तमान प्रीमियम, नामांकन और अन्य शर्तों की जानकारी संबंधित बैंक शाखा से प्राप्त की जा सकती है।
सरकारी बीमा योजनाओं के प्रति जागरूकता जरूरी
ग्रामीण क्षेत्रों में कई लोगों के पास बैंक खाते तो हैं, लेकिन उन्हें खातों से जुड़ी बीमा और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की पर्याप्त जानकारी नहीं होती। जानकारी के अभाव में पात्र लोग इन योजनाओं का लाभ लेने से वंचित रह जाते हैं। बैंक अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे खाताधारकों को योजनाओं की पात्रता, प्रीमियम, बीमा कवर और क्लेम की प्रक्रिया के बारे में सरल भाषा में जानकारी दें।
वहीं, खाताधारकों को भी अपने बैंक खाते में पर्याप्त राशि बनाए रखने, नामिनी का विवरण दर्ज कराने और जरूरी दस्तावेजों को सुरक्षित रखने पर ध्यान देना चाहिए। नामिनी से जुड़ी जानकारी अपडेट रहने पर बीमा दावा प्रस्तुत करने और उसका निपटारा कराने में परिवार को अपेक्षाकृत कम परेशानी होती है।
परिवार के लिए संकट के समय बनी राहत
किसी सदस्य का निधन परिवार के लिए भावनात्मक क्षति के साथ आर्थिक संकट भी लेकर आता है। ऐसे समय में बीमा राशि उस नुकसान की भरपाई तो नहीं कर सकती, लेकिन परिवार की तत्काल आर्थिक आवश्यकताओं को पूरा करने में सहायक अवश्य बन सकती है। भंवरलाल राठौर के परिवार को मिली 2 लाख रुपए की सहायता इसी सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था का उदाहरण है।
ग्रामीण बैंक मऊ के अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि वे बैंक और सरकार द्वारा संचालित बीमा योजनाओं की जानकारी प्राप्त करें तथा पात्र होने पर उनसे जुड़ें। साथ ही अपने परिवार के सदस्यों को भी योजना, नामिनी और आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी दें, ताकि जरूरत पड़ने पर बीमा का लाभ समय पर प्राप्त किया जा सके।
भंवरलाल राठौर के वारिस दुर्गेश राठौर को बीमा राशि का चेक सौंपे जाने से जहां परिवार को आर्थिक संबल मिला, वहीं क्षेत्र के अन्य खाताधारकों के बीच भी जीवन बीमा और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के महत्व का संदेश पहुंचा है।
