संपर्क सतत अभियान के तहत ग्राम हिरडी में लगा विद्युत विभाग का शिविर
41 आवेदन प्राप्त, बिजली बिल सुधार, आपूर्ति और मीटर संबंधी समस्याओं का मौके पर निराकरण
आमला, जिला बैतूल। बिजली संबंधी समस्याओं के त्वरित निराकरण और उपभोक्ताओं को विद्युत सेवाओं के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से मध्य प्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा चलाए जा रहे संपर्क सतत अभियान के तहत सोमवार को ग्राम हिरडी में विशेष शिविर आयोजित किया गया।
विद्युत वितरण केंद्र रायआमला के अंतर्गत ग्राम पंचायत परिसर में आयोजित शिविर में क्लस्टर के ग्राम परसोड़ी, हिरडी, एकलहरा, डोहलन और धाबला से बड़ी संख्या में ग्रामीण उपभोक्ता पहुंचे। ग्रामीणों ने बिजली बिल, मीटर, ट्रांसफार्मर, लाइन फॉल्ट और विद्युत आपूर्ति से जुड़ी समस्याएं विभागीय अधिकारियों के सामने रखीं।
शिविर में प्राप्त हुए 41 आवेदन
विद्युत विभाग के सहायक प्रबंधक नितिन आसरेकर ने बताया कि शिविर में कुल 41 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें बिजली बिल में सुधार से संबंधित 12, विद्युत आपूर्ति की समस्या से संबंधित 14 और मीटर बदलने से जुड़े 15 आवेदन शामिल थे।
विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों ने उपभोक्ताओं की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए आवेदनों की जांच की तथा उनका मौके पर ही निराकरण किया। नए घरेलू एवं कृषि कनेक्शन, ट्रांसफार्मर खराब होने और लाइन फॉल्ट से संबंधित शिकायतों पर भी आवश्यक कार्रवाई की गई।
ग्रामीणों को दी योजनाओं की जानकारी
शिविर के दौरान अधिकारियों ने ग्रामीणों को राज्य शासन और विद्युत विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। उपभोक्ताओं को समय पर बिजली बिल जमा करने, बिजली का अनावश्यक उपयोग नहीं करने तथा विद्युत उपकरणों का सुरक्षित तरीके से इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित किया गया।
सहायक प्रबंधक नितिन आसरेकर ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर और सुचारू विद्युत सेवाएं उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है। गांवों में आयोजित किए जाने वाले ऐसे शिविरों से उपभोक्ताओं को समस्याओं का स्थानीय स्तर पर समाधान मिलता है और उन्हें बार-बार विद्युत कार्यालय नहीं जाना पड़ता।
गांव में समाधान मिलने से समय और धन की बचत
शिविर में पहुंचे ग्रामीण उपभोक्ताओं ने समस्याओं का मौके पर समाधान होने पर संतोष व्यक्त करते हुए विभाग की पहल की सराहना की। ग्रामीणों ने बताया कि पहले बिजली से जुड़ी छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए कार्यालयों के कई चक्कर लगाने पड़ते थे। अब गांव में ही शिविर लगने से उनकी समस्याएं आसानी से अधिकारियों तक पहुंच रही हैं तथा समय और धन दोनों की बचत हो रही है।
शिविर में विद्युत विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ पंचायत प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपभोक्ता उपस्थित रहे।
