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Dhar जिले के गंधवानी में कृषि विभाग की बड़ी कार्रवाई, अवैध कपास बीजों पर छापामार अभियान जारी

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Published On: 27 June 2026
Dhar जिले के गंधवानी में कृषि विभाग की बड़ी कार्रवाई, अवैध कपास बीजों पर छापामार अभियान जारी

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Dhar जिले के गंधवानी में कृषि विभाग की बड़ी कार्रवाई, अवैध कपास बीजों पर छापामार अभियान जारी

अवैध बीज बिक्री के खिलाफ कृषि विभाग का सख्त रुख

संवाददाता : गौरव बर्फा (पत्रकार)

Dhar जिले के गंधवानी क्षेत्र में कृषि विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध और बिना अनुमति के कपास बीजों के खिलाफ छापामार अभियान चलाया है। यह कार्रवाई कृषि विभाग के उड़नदस्ते (Flying Squad) द्वारा की गई, जिसने क्षेत्र में चल रहे संदिग्ध बीज व्यापार की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए यह कदम उठाया।

सूत्रों के अनुसार, गंधवानी और आसपास के क्षेत्रों में लंबे समय से 4G कपास बीज तथा बिना अधिकृत अनुमति वाले अन्य कपास बीजों की बिक्री और भंडारण की सूचनाएं मिल रही थीं। इन्हीं शिकायतों के आधार पर कृषि विभाग ने अचानक कार्रवाई करते हुए संबंधित दुकानों और गोदामों पर छापे मारे।

उड़नदस्ते की टीम ने संभाली कार्रवाई की कमान

इस पूरी कार्रवाई का नेतृत्व कृषि विभाग की उड़नदस्ते टीम द्वारा किया गया। मौके पर उप संचालक कृषि (DDA) सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और तकनीकी स्टाफ मौजूद रहे। टीम ने संबंधित दुकानों में रखे बीजों के स्टॉक, पैकेजिंग, लाइसेंस और गुणवत्ता प्रमाणपत्रों की बारीकी से जांच की।

अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई किसानों को नकली या अवैध बीजों से होने वाले नुकसान से बचाने के उद्देश्य से की गई है। कई बार ऐसे बीजों के कारण फसल उत्पादन पर गंभीर असर पड़ता है, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।

कई दुकानों और फर्मों पर जांच जारी

कार्रवाई के दौरान डीपी ट्रेडर्स और कृषिधन कुशल एग्रो नामक प्रतिष्ठानों पर विशेष रूप से जांच की गई। इन प्रतिष्ठानों में उपलब्ध कपास बीजों की बड़ी मात्रा को जांच के दायरे में लिया गया है।

कृषि विभाग की टीम ने मौके पर मौजूद स्टॉक का मिलान रिकॉर्ड से किया और यह देखा कि क्या इन बीजों के लिए आवश्यक सरकारी अनुमति और प्रमाण पत्र उपलब्ध हैं या नहीं। प्रारंभिक जांच में कई दस्तावेजों की कमी और अनियमितताओं की बात सामने आई है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही की जाएगी।

4G कपास बीज को लेकर बढ़ी चिंता

इस कार्रवाई का मुख्य केंद्र 4G कपास बीज रहा, जिसे लेकर पहले भी कई बार विवाद सामने आ चुके हैं। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, यदि बीज बिना उचित परीक्षण और अनुमति के बेचा जाता है, तो यह किसानों की फसल के लिए हानिकारक साबित हो सकता है।

कई किसानों ने शिकायत की थी कि बाजार में उपलब्ध कुछ कपास बीजों की गुणवत्ता संदिग्ध है और उनसे अपेक्षित उत्पादन नहीं मिल रहा। इन्हीं शिकायतों के बाद कृषि विभाग ने यह अभियान शुरू किया।

मौके पर भारी पुलिस और प्रशासनिक मौजूदगी

छापामार कार्रवाई के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से बचने के लिए प्रशासन ने मौके पर सुरक्षा व्यवस्था भी सुनिश्चित की। कृषि विभाग की टीम के साथ स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे।

दुकानों और गोदामों में जांच के दौरान कर्मचारियों से पूछताछ की गई और बीजों की आपूर्ति श्रृंखला (supply chain) की जानकारी ली गई। कई मामलों में संबंधित व्यक्तियों से अतिरिक्त दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया है।

किसानों के हितों की सुरक्षा पर जोर

कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई पूरी तरह किसानों के हितों की रक्षा के उद्देश्य से की जा रही है। विभाग का कहना है कि अवैध या अप्रमाणित बीजों का उपयोग फसल उत्पादन को प्रभावित करता है और इससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है।

अधिकारियों ने किसानों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत और प्रमाणित बीज विक्रेताओं से ही बीज खरीदें और किसी भी संदिग्ध उत्पाद की जानकारी तुरंत कृषि विभाग को दें।

बीजों की गुणवत्ता और दस्तावेजों की जांच

छापेमारी के दौरान टीम ने बीजों की गुणवत्ता जांच प्रक्रिया भी शुरू की। इसके तहत बीजों के पैकेट, बैच नंबर, उत्पादन तिथि, लाइसेंस नंबर और आपूर्तिकर्ता की जानकारी को रिकॉर्ड में लिया गया।

कई नमूनों को आगे की प्रयोगशाला जांच (laboratory testing) के लिए भेजे जाने की संभावना है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि बीज कृषि मानकों के अनुरूप हैं या नहीं।

अवैध व्यापार पर सख्त कार्रवाई की तैयारी

कृषि विभाग ने संकेत दिए हैं कि यदि जांच में किसी भी प्रकार की अनियमितता या अवैध गतिविधि पाई जाती है, तो संबंधित फर्मों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसमें लाइसेंस निरस्तीकरण, जुर्माना और अन्य दंडात्मक कार्रवाई शामिल हो सकती है।

अधिकारियों ने कहा कि राज्य सरकार की नीति के अनुसार किसी भी प्रकार के अवैध कृषि इनपुट व्यापार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

स्थानीय स्तर पर हड़कंप

इस छापामार कार्रवाई के बाद गंधवानी क्षेत्र में बीज व्यापार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है। कई अन्य दुकानदारों ने भी अपने स्टॉक और दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है ताकि भविष्य में किसी भी कार्रवाई से बचा जा सके।

किसानों के बीच भी इस कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज हो गई है और कई लोग इसे एक सकारात्मक कदम मान रहे हैं।

कृषि विभाग की अपील

कृषि विभाग ने सभी किसानों और बीज विक्रेताओं से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें और केवल प्रमाणित स्रोतों से ही बीज खरीद-बिक्री करें।

साथ ही विभाग ने यह भी कहा है कि भविष्य में भी इस तरह के निरीक्षण और छापामार अभियान लगातार जारी रहेंगे ताकि कृषि क्षेत्र में पारदर्शिता बनी रहे और किसानों को किसी भी प्रकार के नुकसान से बचाया जा सके।

जांच जारी, अंतिम रिपोर्ट का इंतजार

फिलहाल पूरी कार्रवाई जांच के अधीन है और विभाग द्वारा विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि कितनी अनियमितताएं सामने आई हैं और किन-किन फर्मों पर अंतिम कार्रवाई की जाएगी।

कृषि विभाग ने कहा है कि पारदर्शी और निष्पक्ष जांच के बाद ही सभी तथ्यों को सार्वजनिक किया जाएगा।

निष्कर्ष

गंधवानी में हुई यह कार्रवाई कृषि क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे न केवल बीज व्यापार में पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि किसानों के हितों की भी बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी। विभाग का यह अभियान आने वाले समय में अन्य क्षेत्रों में भी जारी रहने की संभावना है, जिससे पूरे जिले में कृषि इनपुट सिस्टम को और मजबूत किया जा सके।

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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