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सारणी में नीट परीक्षा को लेकर कांग्रेस का प्रदर्शन, केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग; फायर ब्रिगेड के पानी को लेकर भी विवाद
रिपोर्ट: संदीप तायड़े
स्थान: सारणी / घोड़ाडोंगरी, जिला बैतूल (मध्य प्रदेश)
नीट और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में कांग्रेस का प्रदर्शन
सारणी (बैतूल)। नीट (NEET) सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और परीक्षा प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में सारणी के जय स्तंभ चौक पर विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया। भारी बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, महिला कार्यकर्ता और युवा प्रदर्शन में शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई गई और उनका प्रतीकात्मक पुतला दहन किया गया।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता पर उठे सवालों ने लाखों विद्यार्थियों और अभिभावकों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। उनका आरोप था कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।
बारिश के बीच भी जारी रहा प्रदर्शन
सारणी के जय स्तंभ चौक पर आयोजित प्रदर्शन के दौरान लगातार बारिश होती रही, लेकिन प्रदर्शनकारी अपने निर्धारित कार्यक्रम पर डटे रहे। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए परीक्षा प्रणाली में सुधार, दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई और युवाओं के भविष्य की सुरक्षा की मांग उठाई।
प्रदर्शन में शामिल नेताओं का कहना था कि प्रतियोगी परीक्षाएं लाखों विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ी होती हैं, इसलिए इनमें किसी भी प्रकार की अनियमितता या संदेह की स्थिति गंभीर चिंता का विषय है।
पुतला दहन के दौरान पानी डाले जाने को लेकर विवाद
प्रदर्शन के दौरान उस समय विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई जब पुतला दहन के दौरान फायर ब्रिगेड वाहन से पानी छोड़ा गया।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आरोप है कि नगर पालिका की ओर से तैनात फायर ब्रिगेड ने प्रदर्शनकारियों पर गंदा पानी छोड़ा, जिससे प्रदर्शन में शामिल लोगों में नाराजगी फैल गई। प्रदर्शनकारियों ने इसे अनुचित कार्रवाई बताते हुए विरोध दर्ज कराया।
हालांकि, इस संबंध में संबंधित प्रशासनिक विभाग की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई। ऐसे में पानी छोड़े जाने के कारणों को लेकर प्रशासन का पक्ष सामने आना शेष है।
पुलिस थाने पहुंचकर दर्ज कराई शिकायत
घटना के बाद कांग्रेस के पदाधिकारी और कार्यकर्ता पुलिस थाने पहुंचे, जहां उन्होंने पूरे घटनाक्रम को लेकर शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत में प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि फायर ब्रिगेड से छोड़े गए पानी के कारण प्रदर्शन बाधित हुआ और कार्यकर्ताओं को असुविधा का सामना करना पड़ा। उन्होंने मामले की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की मांग की।
अब यह मामला संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों के संज्ञान में है और शिकायत के आधार पर आगे की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है।
युवाओं और महिलाओं की रही सक्रिय भागीदारी
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता और युवा शामिल हुए। लगातार बारिश के बावजूद उन्होंने प्रदर्शन स्थल पर मौजूद रहकर अपनी मांगों का समर्थन किया।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता बनाए रखना देश के युवाओं के हित में आवश्यक है। उन्होंने कहा कि मेहनत करने वाले विद्यार्थियों का विश्वास बनाए रखने के लिए परीक्षा प्रणाली को और अधिक मजबूत बनाया जाना चाहिए।
राष्ट्रपति के नाम सौंपा गया ज्ञापन
प्रदर्शन के उपरांत कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने सहित कई मांगें रखी गईं। प्रतिनिधिमंडल का कहना था कि विद्यार्थियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए और परीक्षा प्रक्रिया में विश्वास बहाल करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए।
ज्ञापन में रखी गईं प्रमुख मांगें
ज्ञापन में कांग्रेस की ओर से निम्न प्रमुख मांगें रखी गईं—
- नीट सहित कथित पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं के मामलों की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कराई जाए।
- यदि जांच में कोई दोषी पाया जाता है तो उसके विरुद्ध कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाए।
- भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं की रोकथाम के लिए सुरक्षित एवं पारदर्शी परीक्षा प्रणाली लागू की जाए।
- छात्रों की शिकायतों के त्वरित एवं निष्पक्ष समाधान के लिए स्वतंत्र और प्रभावी शिकायत निवारण तंत्र विकसित किया जाए।
- परीक्षा व्यवस्था में हुई कथित चूक की जवाबदेही तय की जाए तथा संबंधित स्तर पर आवश्यक कार्रवाई की जाए।
इसके साथ ही प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग भी दोहराई।
परीक्षा प्रणाली में सुधार की उठी मांग
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि देश में प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। उनका मत था कि तकनीकी सुरक्षा, गोपनीयता, डिजिटल निगरानी और पारदर्शी प्रक्रिया को मजबूत किए बिना परीक्षा प्रणाली पर लोगों का विश्वास प्रभावित हो सकता है।
उन्होंने सुझाव दिया कि परीक्षा संचालन से जुड़े सभी चरणों की नियमित समीक्षा की जाए और आधुनिक तकनीक का उपयोग कर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाया जाए।
युवाओं के भविष्य को लेकर चिंता
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में विद्यार्थी कई वर्षों तक कठिन परिश्रम करते हैं। इसलिए परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े किसी भी विवाद का सीधा प्रभाव उनके भविष्य और मनोबल पर पड़ता है।
उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि विद्यार्थियों का विश्वास बनाए रखने के लिए समयबद्ध निर्णय लिए जाएं और सभी संबंधित मामलों की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए।
आगे भी आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
प्रदर्शन के समापन पर कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि परीक्षा प्रणाली से जुड़े मुद्दों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होती है, तो भविष्य में लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रखा जाएगा।
उन्होंने कहा कि संगठन का उद्देश्य विद्यार्थियों के हितों की रक्षा और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ, जिसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन प्रशासन को सौंपा और निष्पक्ष कार्रवाई की अपेक्षा व्यक्त की।
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता, सुरक्षा व्यवस्था और विद्यार्थियों के विश्वास को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर चल रही बहस को स्थानीय स्तर पर भी प्रमुखता से सामने ला दिया है। अब संबंधित प्रशासन और सरकार की आगामी कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
