Chhattisgarh में कांग्रेस का आमरण अनशन खत्म, तीन मांगें मानने के बाद समाप्त हुआ धरना
Chhattisgarh में कांग्रेस पार्टी द्वारा किया जा रहा आमरण अनशन और धरना प्रदर्शन आखिरकार समाप्त हो गया। पुलिस प्रशासन द्वारा कांग्रेस की तीन प्रमुख मांगें मान लेने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज समेत पार्टी नेताओं ने धरना खत्म करने का ऐलान किया। यह प्रदर्शन कांग्रेस नेता नरेंद्र जैन पर आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज मामले के विरोध में किया जा रहा था।
धरना और आमरण अनशन थाने के सामने शुरू किया गया था, जहां कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पुलिस कार्रवाई को राजनीतिक दबाव में की गई कार्रवाई बताया। पार्टी का आरोप था कि नरेंद्र जैन के खिलाफ दर्ज केस पूरी तरह से दुर्भावनापूर्ण और विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश है।
थाने के सामने कांग्रेस ने खोला मोर्चा
कांग्रेस नेताओं ने सुबह से ही थाने के बाहर मोर्चा संभाल लिया था। बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता धरना स्थल पर जुट गए थे। कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, आंदोलन जारी रहेगा।
धरने में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, टीएस सिंहदेव और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज की मौजूदगी ने पूरे प्रदर्शन को बड़ा राजनीतिक रूप दे दिया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पार्टी अन्याय और राजनीतिक प्रतिशोध के खिलाफ लड़ाई लड़ रही है।
नरेंद्र जैन पर दर्ज केस बना विवाद की वजह
पूरा विवाद कांग्रेस नेता नरेंद्र जैन पर दर्ज आर्म्स एक्ट मामले को लेकर शुरू हुआ था। कांग्रेस का आरोप है कि यह मामला राजनीतिक दबाव में दर्ज किया गया और इसके जरिए पार्टी नेताओं को परेशान करने की कोशिश की जा रही है।
कांग्रेस नेताओं का कहना था कि पुलिस प्रशासन निष्पक्ष तरीके से काम नहीं कर रहा और विपक्षी नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है। इसी के विरोध में कांग्रेस ने आमरण अनशन और धरना शुरू किया था।
पुलिस अधिकारियों ने की बातचीत
धरने और आमरण अनशन की जानकारी मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने कांग्रेस नेताओं से बातचीत की और उनकी मांगों को विस्तार से सुना। कई घंटों तक चली चर्चा और मंथन के बाद प्रशासन की ओर से कुछ महत्वपूर्ण आश्वासन दिए गए।
सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस की तीन प्रमुख मांगों पर सहमति बनने के बाद पार्टी नेताओं ने आंदोलन समाप्त करने का फैसला लिया। हालांकि, कांग्रेस ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में फिर किसी प्रकार की राजनीतिक कार्रवाई हुई तो पार्टी दोबारा आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेगी।
थाना प्रभारी हटाए जाने के बाद बदला माहौल
प्रदर्शन के बाद संबंधित थाना प्रभारी को हटाए जाने की खबर सामने आई। इसे कांग्रेस ने अपनी बड़ी जीत बताया। पार्टी नेताओं का कहना है कि यह फैसला साबित करता है कि उनकी मांगें जायज थीं और प्रशासन को आखिरकार झुकना पड़ा।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह लड़ाई किसी एक नेता के लिए नहीं बल्कि लोकतांत्रिक अधिकारों और न्याय के लिए लड़ी गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है, जिसे कांग्रेस कभी सफल नहीं होने देगी।
भूपेश बघेल ने सरकार पर साधा निशाना
धरना समाप्त होने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य सरकार और प्रशासन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता की आवाज उठाती रहेगी और किसी भी तरह के अन्याय के खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा।
भूपेश बघेल ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं को डराने और झूठे मामलों में फंसाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन पार्टी इससे डरने वाली नहीं है। उन्होंने कार्यकर्ताओं की एकजुटता की भी सराहना की।
टीएस सिंहदेव और दीपक बैज भी रहे सक्रिय
धरने के दौरान टीएस सिंहदेव और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज लगातार प्रदर्शनकारियों के बीच मौजूद रहे। दोनों नेताओं ने कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ाया और आंदोलन को शांतिपूर्ण बनाए रखने की अपील की।
दीपक बैज ने कहा कि कांग्रेस लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रख रही थी और प्रशासन को आखिरकार जनता की आवाज सुननी पड़ी। उन्होंने कहा कि पार्टी प्रदेश में कानून के दुरुपयोग के खिलाफ लगातार संघर्ष करती रहेगी।
भारी संख्या में पहुंचे कार्यकर्ता
धरना स्थल पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ देखने को मिली। कई जिलों से कार्यकर्ता आंदोलन में शामिल होने पहुंचे थे। पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई थी ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति पैदा न हो।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की और पुलिस प्रशासन के खिलाफ विरोध जताया। हालांकि पूरे आंदोलन को शांतिपूर्ण बनाए रखने की कोशिश की गई।
प्रदेश की राजनीति में बढ़ी हलचल
इस पूरे घटनाक्रम के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस इस मामले को राजनीतिक मुद्दा बनाकर सरकार को घेरने की कोशिश कर रही है। वहीं राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में यह मामला और बड़ा रूप ले सकता है।
धरना खत्म होने के बावजूद कांग्रेस नेताओं ने साफ कर दिया है कि यदि विपक्षी नेताओं पर इसी तरह कार्रवाई जारी रही तो पार्टी राज्यभर में बड़े आंदोलन शुरू करेगी।
कांग्रेस ने इसे बताया लोकतंत्र की जीत
धरना समाप्त होने के बाद कांग्रेस नेताओं ने इसे लोकतंत्र और जनआवाज की जीत बताया। नेताओं का कहना है कि जनता के समर्थन और कार्यकर्ताओं की एकजुटता की वजह से प्रशासन को उनकी मांगें माननी पड़ीं।
पार्टी ने कहा कि यह आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण था और इसका उद्देश्य केवल न्याय की मांग करना था। कांग्रेस ने भविष्य में भी इसी तरह जनता के मुद्दों को उठाने की बात कही है।
आगे भी जारी रहेगा राजनीतिक संघर्ष
हालांकि फिलहाल धरना समाप्त हो चुका है, लेकिन कांग्रेस ने संकेत दिए हैं कि पार्टी राज्य सरकार के खिलाफ अपना राजनीतिक संघर्ष जारी रखेगी। नेताओं ने कहा कि वे प्रदेश में लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा और विपक्ष की आवाज बुलंद करने के लिए लगातार लड़ते रहेंगे।
अब पूरे मामले पर प्रदेश की राजनीति की नजर बनी हुई है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और बयानबाजी तथा राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
