छत्तीसगढ़ शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान योजना: पात्र परिवारों को कैसे मिलेगा मुफ्त इलाज?
BPL परिवारों को सालाना ₹5 लाख और अन्य पात्र राशन कार्डधारी परिवारों को ₹50 हजार तक की सहायता; जानें कार्ड बनवाने और अस्पताल में लाभ लेने की प्रक्रिया
रायपुर। छत्तीसगढ़ की शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान स्वास्थ्य योजना का उद्देश्य पात्र परिवारों को अस्पताल में इलाज के खर्च से राहत देना है। राज्य में यह योजना आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के साथ मिलकर संचालित की जाती है। उपलब्ध सरकारी जानकारी के अनुसार, अंत्योदय और प्राथमिकता राशन कार्डधारी परिवारों को सालाना ₹5 लाख तक तथा अन्य पात्र राशन कार्डधारी परिवारों को निर्धारित नियमों के तहत ₹50 हजार तक का कैशलेस इलाज मिल सकता है। पात्रता परिवार की श्रेणी और सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज जानकारी के आधार पर तय होती है।
इलाज का लाभ लेने के लिए परिवार के सदस्यों का आयुष्मान कार्ड बनना जरूरी है। उपचार योजना से जुड़े अस्पताल में और स्वीकृत पैकेजों के अंतर्गत मिलता है। इसलिए अस्पताल जाने से पहले अपनी पात्रता, कार्ड की स्थिति और संबंधित अस्पताल में उपलब्ध इलाज की जानकारी जांच लेना उपयोगी होगा।
किन परिवारों को मिल सकता है योजना का लाभ?
योजना के तहत पात्र परिवारों को मिलने वाली सहायता उनकी राशन कार्ड श्रेणी के अनुसार अलग हो सकती है। सरकारी जानकारी में अंत्योदय और प्राथमिकता राशन कार्डधारी परिवारों के लिए ₹5 लाख तक के सालाना इलाज का उल्लेख है। अन्य पात्र राशन कार्डधारी परिवारों के लिए ₹50 हजार तक की सहायता बताई गई है। इन राशियों को परिवार के लिए निर्धारित वार्षिक स्वास्थ्य कवर के रूप में समझना चाहिए; पात्रता और इलाज की स्वीकृति सरकारी सूची तथा योजना के नियमों के अनुसार होती है।
किसी परिवार के पास राशन कार्ड होने मात्र से हर उपचार स्वतः योजना में शामिल नहीं हो जाता। पहले यह पुष्टि करना जरूरी है कि परिवार और संबंधित सदस्य लाभार्थी सूची में दर्ज हैं या नहीं। पात्रता की जानकारी आयुष्मान पोर्टल या ऐप, नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र, कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) अथवा योजना से जुड़े अस्पताल में ली जा सकती है।
आयुष्मान कार्ड कैसे बनवाएं?
पात्र लाभार्थी आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए नजदीकी CSC या योजना में सूचीबद्ध अस्पताल जा सकते हैं। कुछ मामलों में मोबाइल से आयुष्मान ऐप के माध्यम से भी कार्ड बनाने की सुविधा उपलब्ध है। ऑनलाइन प्रक्रिया में लाभार्थी की पहचान और पात्रता का सत्यापन किया जाता है। प्रक्रिया में आधार, राशन कार्ड या परिवार से जुड़ी पहचान संबंधी जानकारी मांगी जा सकती है। कार्ड बनने के बाद उसे डाउनलोड करके सुरक्षित रखें और जरूरत पड़ने पर उसकी डिजिटल या प्रिंट कॉपी साथ रखें।
कार्ड बनवाने या पात्रता जांचने के दौरान परिवार की जानकारी में अंतर मिले, तो उसे संबंधित केंद्र पर ठीक कराने के बारे में पूछें। नाम, परिवार के सदस्यों का विवरण या पहचान संबंधी रिकॉर्ड सही होना जरूरी है, ताकि अस्पताल में सत्यापन के समय परेशानी न हो।
अस्पताल में इलाज का लाभ लेने की प्रक्रिया
इलाज के लिए योजना से जुड़े सरकारी या निजी अस्पताल में संपर्क करें। अस्पताल के आयुष्मान सहायता काउंटर या संबंधित कर्मचारी को कार्ड दिखाएं और मरीज की पात्रता का सत्यापन कराएं। अस्पताल यह भी जांचेगा कि बीमारी या उपचार योजना के स्वीकृत पैकेज में शामिल है या नहीं। पात्रता और उपचार की स्वीकृति मिलने पर योजना के नियमों के अनुसार कैशलेस इलाज की प्रक्रिया आगे बढ़ती है। इलाज शुरू करने से पहले अस्पताल से यह स्पष्ट कर लें कि कौन-सी सेवाएं योजना में शामिल हैं और क्या किसी अतिरिक्त दस्तावेज की जरूरत है।
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत सूचीबद्ध अस्पतालों में पात्र लाभार्थियों को भर्ती उपचार के लिए कैशलेस सुविधा दी जाती है। अस्पतालों की सूची और योजना संबंधी जानकारी आधिकारिक माध्यमों से जांची जा सकती है।
अस्पताल जाने से पहले रखें ये बातें ध्यान में
अस्पताल जाते समय आयुष्मान कार्ड और पहचान से जुड़े दस्तावेज साथ रखें। मरीज की पुरानी जांच रिपोर्ट, डॉक्टर की पर्ची और अस्पताल में पहले से चल रहे इलाज का विवरण भी उपयोगी हो सकता है। भर्ती होने से पहले अस्पताल के आयुष्मान काउंटर से पूछें कि प्रस्तावित इलाज योजना के अंतर्गत स्वीकृत है या नहीं। किसी शुल्क या उपचार को लेकर संदेह हो, तो भुगतान करने से पहले उसका कारण और विवरण लिखित में मांगें।
यदि पात्रता जांचने, कार्ड बनवाने या सूचीबद्ध अस्पताल में इलाज पाने में समस्या आए, तो नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र या योजना हेल्पलाइन से जानकारी लें। छत्तीसगढ़ सरकार की जानकारी में 104 और 14555 नंबरों पर संपर्क करने का उल्लेख है।
