सांडों की लड़ाई से सदर बाजार में मची अफरा-तफरी, आधे घंटे तक यातायात रहा बाधित
मनोज कुमार पुष्पद की रिपोर्ट
पड़ाना।
नगर में आवारा सांडों और बेसहारा पशुओं की बढ़ती समस्या अब लोगों के लिए गंभीर चिंता का विषय बनती जा रही है। गुरुवार शाम करीब 4:30 बजे नगर के व्यस्त सदर बाजार क्षेत्र में दो सांडों के बीच हुई जोरदार भिड़ंत से अचानक भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। सांडों की लड़ाई के कारण बाजार में मौजूद दुकानदारों, ग्राहकों और राहगीरों में दहशत फैल गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोनों सांड काफी देर तक एक-दूसरे से भिड़ते रहे, जिससे बाजार का मुख्य मार्ग प्रभावित हो गया। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि लोगों को अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागना पड़ा। करीब आधे घंटे तक यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
दुकानदारों ने छोड़ी दुकानें, वाहन सुरक्षित स्थानों पर हटाए
सांडों की लड़ाई के दौरान बाजार में मौजूद दुकानदारों ने सुरक्षा के लिए अपनी दुकानें छोड़ दीं। कई व्यापारियों ने अपने सामान और वाहनों को नुकसान से बचाने के लिए मोटरसाइकिलें एवं अन्य वाहन सुरक्षित स्थानों पर खड़े कर दिए।
कुछ वाहन चालकों ने मार्ग बदलकर अपने गंतव्य तक पहुंचना उचित समझा। स्थानीय लोगों ने लाठी-डंडों की मदद से दोनों सांडों को अलग करने का प्रयास किया, जिसके बाद किसी तरह स्थिति पर नियंत्रण पाया जा सका।
आवारा पशुओं का जमावड़ा बना परेशानी का कारण
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नगर के कई प्रमुख स्थानों पर रोजाना आवारा सांडों और बेसहारा पशुओं का जमावड़ा लगा रहता है। विशेष रूप से गांधी चौक, बस स्टैंड, सदर बाजार, आसारेटा मार्ग और तलेन चौराहा जैसे क्षेत्रों में पशुओं की मौजूदगी से लोगों को लगातार परेशानी होती है।
राहगीरों, स्कूली बच्चों, महिलाओं और व्यापारियों को इन पशुओं के कारण हर समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है। नागरिकों का कहना है कि कई बार शिकायतों के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।
पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
स्थानीय लोगों ने बताया कि कुछ दिन पहले भी गांधी चौक बस स्टैंड क्षेत्र में सांडों की लड़ाई हुई थी, जिसमें एक बाइक सवार बाल-बाल बच गया था। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं से लोगों में भय का माहौल बना हुआ है।
नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते आवारा पशुओं को आबादी वाले क्षेत्रों से हटाकर सुरक्षित स्थानों पर नहीं भेजा गया, तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
प्रशासन से कार्रवाई की मांग
नगरवासियों और व्यापारियों ने प्रशासन से मांग की है कि आवारा सांडों और बेसहारा पशुओं को पकड़कर आबादी से दूर सुरक्षित स्थानों पर भेजा जाए, ताकि बाजार क्षेत्र में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
स्थानीय दुकानदार रमेशचंद गुप्ता, अशोक गुप्ता, दिनेश परमार, संतोष चतुर्वेदी, शुभम परिहार, सुनील गुप्ता और पीयूष गुप्ता सहित अन्य नागरिकों ने प्रशासन से इस समस्या पर जल्द कार्रवाई करने की मांग की है।
नगरवासियों का कहना है कि बाजार जैसे भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में आवारा पशुओं की समस्या का स्थायी समाधान करना जरूरी है, ताकि व्यापारियों और आम नागरिकों को सुरक्षित माहौल मिल सके।
