मऊ में ट्रांसफार्मर से फैले करंट की चपेट में आई भैंस, दर्दनाक मौत; ग्रामीणों ने हादसे की आशंका जताई
खदान के पास लगा ट्रांसफार्मर बना खतरे का कारण, पानी में भी करंट फैलने का दावा; विद्युत विभाग ने ट्रांसफार्मर को दूसरी जगह शिफ्ट करने की बात कही
पड़ाना/मऊ। समीपस्थ ग्राम मऊ में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां ट्रांसफार्मर से फैले करंट की चपेट में आने से एक दुधारू भैंस की मौत हो गई। घटना के बाद ग्रामीणों में चिंता और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस स्थान पर ट्रांसफार्मर लगा है, वहां से बड़ी संख्या में लोगों का रोजाना आवागमन होता है और आसपास गहरी खदान भी है। ऐसे में यदि समय रहते विद्युत व्यवस्था को सुरक्षित नहीं किया गया तो भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है।
ग्रामीणों के अनुसार, मंगलवार सुबह से ही हाईवे के पास खदान के समीप लगे ट्रांसफार्मर के आसपास करंट फैलने की स्थिति बनी हुई थी। इसी दौरान एक मजदूर हंसराज राजपूत की भैंस को चराने के लिए जंगल की ओर ले जा रहा था। ट्रांसफार्मर के पास पहुंचते ही भैंस अचानक करंट की चपेट में आ गई और मौके पर ही तड़पने लगी।
मजदूर बाल-बाल बचा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भैंस को लेकर जा रहा मजदूर ट्रांसफार्मर से कुछ दूरी पर था। जैसे ही भैंस अचानक तड़पने लगी, आसपास मौजूद लोगों ने मजदूर को तुरंत पीछे हटने के लिए कहा।
ग्रामीणों की सतर्कता के कारण मजदूर समय रहते वहां से दूर हो गया और उसकी जान बच गई। यदि मजदूर भैंस के ज्यादा नजदीक होता तो स्थिति गंभीर हो सकती थी।
घटना के बाद ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर विद्युत विभाग को सूचना देने की मांग की और ट्रांसफार्मर के आसपास की स्थिति को लेकर चिंता जताई।
करीब एक लाख रुपये की बताई जा रही भैंस की कीमत
मृत भैंस हंसराज राजपूत की बताई गई है। हंसराज राजपूत के अनुसार भैंस दुधारू थी और उसकी कीमत करीब एक लाख रुपये थी।
उन्होंने बताया कि भैंस सुबह और शाम मिलाकर करीब 14 लीटर दूध देती थी। परिवार के लिए यह भैंस आय का महत्वपूर्ण साधन भी थी। अचानक करंट की चपेट में आने से हुई मौत के बाद परिवार को आर्थिक नुकसान हुआ है।
भैंस की मौत से पशुपालक परिवार में भी दुख का माहौल है।
खदान के पास लगा है ट्रांसफार्मर
ग्रामीणों ने बताया कि जिस स्थान पर ट्रांसफार्मर लगाया गया है, उसके पास ही एक गहरी खदान है। बारिश के कारण खदान पानी से भर गई है। ग्रामीणों के मुताबिक खदान की गहराई करीब 100 फीट है और ट्रांसफार्मर के खंभे से पानी की दूरी भी बहुत कम है।
ग्रामीणों का दावा है कि जब ट्रांसफार्मर से करंट फैल रहा था, तब आसपास के पानी में भी विद्युत प्रवाह की स्थिति दिखाई दे रही थी और पानी में बुलबुले उठते नजर आए।
हालांकि, पानी में करंट की स्थिति की तकनीकी पुष्टि विद्युत विभाग द्वारा जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। लेकिन ग्रामीणों ने इसे गंभीर खतरा बताते हुए तत्काल सुरक्षा उपाय करने की मांग की है।
कई गांवों और स्कूल के लिए महत्वपूर्ण रास्ता
ग्रामीणों के अनुसार, यह मार्ग केवल मऊ गांव के लोगों के लिए ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि आसपास के कई स्थानों को जोड़ता है। इसी रास्ते से आवास कॉलोनी, सांदीपनी स्कूल और बरुखेड़ी गांव की ओर भी लोग आते-जाते हैं।
सुबह से शाम तक इस मार्ग पर ग्रामीणों, विद्यार्थियों, मजदूरों और अन्य लोगों की आवाजाही बनी रहती है। ऐसे में ट्रांसफार्मर के आसपास करंट फैलने की घटना ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि विद्युत लाइन या ट्रांसफार्मर में किसी प्रकार की तकनीकी खराबी आती है और करंट आसपास की जमीन या पानी में फैलता है तो राहगीरों और बच्चों के लिए गंभीर खतरा पैदा हो सकता है।
ग्रामीणों ने ट्रांसफार्मर हटाने की मांग की
घटना के बाद ग्रामीणों ने विद्युत विभाग से मांग की है कि खदान के किनारे लगे ट्रांसफार्मर को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि फिलहाल एक पशु की जान गई है, लेकिन यदि समय रहते ट्रांसफार्मर को नहीं हटाया गया तो भविष्य में कोई व्यक्ति या बच्चा भी इसकी चपेट में आ सकता है।
ग्रामीणों ने विद्युत विभाग से ट्रांसफार्मर और आसपास की विद्युत लाइन की तकनीकी जांच कराने, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और खतरनाक स्थान से ट्रांसफार्मर हटाने की मांग की है।
विद्युत विभाग ने दिया कार्रवाई का आश्वासन
घटना को लेकर विद्युत वितरण केंद्र मऊ के सहायक यंत्री द्वारका प्रसाद मिश्रा ने कहा कि खदान वाली जगह से ट्रांसफार्मर को हटाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि ट्रांसफार्मर को दूसरी जगह शिफ्ट करने या एक-दो पोल इधर-उधर करने की व्यवस्था की जाएगी, ताकि करंट फैलने जैसी समस्या की पुनरावृत्ति न हो और किसी प्रकार की दुर्घटना की संभावना को कम किया जा सके।
विद्युत विभाग के इस आश्वासन के बाद ग्रामीणों को उम्मीद है कि जल्द ही ट्रांसफार्मर को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित कर दिया जाएगा।
भविष्य में बड़े हादसे को रोकने की जरूरत
मऊ में हुई भैंस की मौत ने क्षेत्र की विद्युत सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि किसी भी दुर्घटना के बाद कार्रवाई करने के बजाय संभावित खतरे वाले स्थानों की पहले से पहचान कर सुरक्षा उपाय किए जाने चाहिए।
विशेषकर ऐसे स्थान जहां गहरी खदान, जलभराव और लोगों की आवाजाही एक साथ हो, वहां विद्युत उपकरणों की स्थापना और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अतिरिक्त सावधानी जरूरी है।
ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि विद्युत विभाग जल्द ही ट्रांसफार्मर को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करेगा और आसपास की विद्युत व्यवस्था की भी जांच कराएगा, ताकि भविष्य में किसी इंसान या पशु की जान खतरे में न पड़े।
फिलहाल इस घटना में एक दुधारू भैंस की मौत हुई है, जबकि उसे ले जा रहा मजदूर बाल-बाल बच गया। ग्रामीणों की मांग और विद्युत विभाग के आश्वासन के बाद अब सभी की नजर ट्रांसफार्मर को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किए जाने की कार्रवाई पर है।
