MP वर्ग-1 शिक्षक भर्ती विवाद: BSP ने 10 हजार अतिरिक्त पद और 5,819 पदों पर दूसरी काउंसलिंग की मांग उठाई
भोपाल/शिवपुरी, 6 सितंबर 2026। मध्यप्रदेश उच्च माध्यमिक शिक्षक वर्ग-1 चयन परीक्षा 2023 के अभ्यर्थियों की लंबे समय से लंबित नियुक्ति की मांग को लेकर बहुजन समाज पार्टी ने शासन के समक्ष मुद्दा प्रमुखता से उठाया है। बसपा प्रदेश अध्यक्ष जियालाल अहिरवार रविवार को भोपाल के नीलम पार्क पहुंचे और धरना दे रहे शिक्षक अभ्यर्थियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने अभ्यर्थियों के आंदोलन को पार्टी का पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की।
बसपा ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि वर्ष 2023 की वर्ग-1 उच्च माध्यमिक शिक्षक भर्ती में 10 हजार अतिरिक्त पद स्वीकृत किए जाएं तथा प्रथम काउंसलिंग के बाद लंबित 5,819 पदों पर तत्काल द्वितीय काउंसलिंग आयोजित की जाए।
अभ्यर्थियों के अनुसार, वर्ष 2023 की वर्ग-1 शिक्षक भर्ती के तहत कुल 8,720 पद विज्ञापित किए गए थे। प्रथम काउंसलिंग में इनमें से मात्र 2,901 पदों पर नियुक्तियां दी गईं, जबकि लगभग 5,819 पद अब भी लंबित बताए जा रहे हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि जब बड़ी संख्या में उम्मीदवार चयन प्रक्रिया पूरी कर चुके हैं और सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों के पद रिक्त हैं, तो शेष पदों पर काउंसलिंग रोकने का कोई औचित्य नहीं है।
वर्षों की मेहनत के बाद भी नियुक्ति का इंतजार
आंदोलन कर रहे शिक्षक अभ्यर्थियों ने बसपा प्रदेश अध्यक्ष को अपनी समस्याओं से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि वे कई वर्षों से शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे हैं। परीक्षा, चयन प्रक्रिया और दस्तावेज सत्यापन जैसे विभिन्न चरणों को पूरा करने के बावजूद उन्हें नियुक्ति नहीं मिल सकी है।
अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में लगातार हो रही देरी से उनके सामने भविष्य को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। कई योग्य अभ्यर्थी अब निर्धारित आयु सीमा के करीब पहुंच रहे हैं। ऐसे में यदि नियुक्ति प्रक्रिया में और देरी होती है तो उन्हें भविष्य में सरकारी नौकरी के अवसरों से वंचित होने का खतरा है।
अभ्यर्थियों ने सरकार से विभागवार और विषयवार रिक्त पदों की वास्तविक स्थिति सार्वजनिक करने की मांग भी की है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि विभिन्न विषयों में कितने पद वर्तमान में रिक्त हैं।
रिक्त पदों पर नियुक्ति से दोहरा लाभ
नीलम पार्क में आंदोलनकारियों को संबोधित करते हुए बसपा प्रदेश अध्यक्ष जियालाल अहिरवार ने कहा कि प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की आवश्यकता और युवाओं के रोजगार के मुद्दे को अलग-अलग नहीं देखा जा सकता।
उन्होंने कहा कि यदि सरकारी विद्यालयों में उपलब्ध रिक्त पदों पर योग्य अभ्यर्थियों की नियुक्ति की जाती है, तो इससे एक ओर विद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर होगी, वहीं दूसरी ओर वर्षों से मेहनत कर रहे योग्य युवाओं को रोजगार मिल सकेगा।
अहिरवार ने कहा कि अभ्यर्थियों की मांगों को गंभीरता से लेते हुए सरकार को जल्द निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि लंबे समय से चयन प्रक्रिया से जुड़े अभ्यर्थियों को नियुक्ति के संबंध में स्पष्ट स्थिति बताई जानी चाहिए।
शिक्षा मंत्री से बैठक की उम्मीद
बसपा प्रदेश अध्यक्ष जियालाल अहिरवार ने बताया कि अभ्यर्थियों के लगातार आंदोलन और बसपा के समर्थन के बाद शिक्षा मंत्री ने मंगलवार को आंदोलनकारियों से मुलाकात का समय दिया है। इस बैठक में लंबित पदों, द्वितीय काउंसलिंग और अतिरिक्त पदों सहित अन्य मांगों पर चर्चा होने की उम्मीद है।
अभ्यर्थियों को उम्मीद है कि सरकार के साथ होने वाली बैठक में उनकी समस्याओं का ठोस समाधान सामने आएगा और लंबित 5,819 पदों पर जल्द द्वितीय काउंसलिंग का रास्ता साफ होगा।
मीडिया से भी समर्थन की अपील
जियालाल अहिरवार ने मीडिया से भी अपील की कि शिक्षक अभ्यर्थियों की मांगों को प्रमुखता से सामने लाया जाए। उन्होंने कहा कि यह केवल एक भर्ती प्रक्रिया का विषय नहीं है, बल्कि हजारों युवाओं के भविष्य और प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था से जुड़ा मामला है।
उन्होंने कहा कि योग्य अभ्यर्थियों को लंबे समय तक नियुक्ति का इंतजार कराना उचित नहीं है। सरकार को रिक्त पदों की स्थिति स्पष्ट करते हुए भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की दिशा में प्रभावी कदम उठाना चाहिए।
बसपा ने स्पष्ट किया कि वह शिक्षक अभ्यर्थियों के आंदोलन के साथ खड़ी है और उनकी मांगों को शासन के समक्ष लगातार उठाती रहेगी।
