भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट ग्वालियर महाशिवरात्रि सेवा कार्यक्रम के अंतर्गत अंधाश्रम में सुंदरकांड, हवन, भोजन वितरण और मानव सेवा का प्रेरक आयोजन किया गया।
भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट ग्वालियर महाशिवरात्रि सेवा कार्यक्रम: सेवा और श्रद्धा का संगम
महाशिवरात्रि पर सेवा का अनूठा उदाहरण
भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट ग्वालियर महाशिवरात्रि सेवा कार्यक्रम के अंतर्गत 15 फरवरी 2026 को ग्वालियर स्थित स्थानीय अंधाश्रम में भक्ति, आस्था और मानव सेवा से परिपूर्ण धार्मिक आयोजन किया गया।
यह कार्यक्रम केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि समाज के वंचित वर्ग के प्रति संवेदनशीलता और सहयोग का जीवंत उदाहरण बना।
धार्मिक अनुष्ठान से बना आध्यात्मिक वातावरण
कार्यक्रम में सुंदरकांड पाठ एवं हवन का आयोजन किया गया।
मंत्रोच्चार और भक्तिमय वातावरण ने पूरे आश्रम परिसर को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।
उपस्थित सभी श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से प्रार्थना कर समाज कल्याण की कामना की।
अंधाश्रम में खाद्य सामग्री वितरण
मानव सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आश्रम में आवश्यक खाद्य सामग्री भेंट की गई, जिसमें शामिल रहे:
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20 किलो आलू
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12 किलो साबूदाना
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5 किलो मूंगफली
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खाद्य तेल
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अन्य दैनिक उपयोग की सामग्री
यह सहयोग केवल सहायता नहीं बल्कि संवेदना का प्रतीक था।
कन्या भोज एवं प्रसाद वितरण
कार्यक्रम के अंतर्गत श्रद्धा भाव से कन्या भोज आयोजित किया गया।
सर्वप्रथम खिचड़ी का वितरण किया गया, तत्पश्चात सभी को प्रेमपूर्वक आलू-पूरी का प्रसाद प्रदान किया गया।
आश्रम में निवासरत सभी जनों को स्नेहपूर्वक भोजन कराया गया।
पदाधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम जिला अध्यक्ष श्रीमती ऊर्मिला नाहर एवं जिला सहसचिव श्रीमती सुनीता गिरधर के मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ।
संगठन मंत्री श्रीमती पूनम सेमर की विशेष उपस्थिति ने आयोजन को और प्रेरणादायी बनाया।
संगठन के सक्रिय सदस्यों की सहभागिता उल्लेखनीय रही:
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शिवम तिवारी
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कृष्णा यादव
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युवराज सिंह राठौर
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जीवनलाल जैन (चाय वाले)
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मनीष गुप्ता
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प्रेमकुमार वैध
राष्ट्रीय अध्यक्ष का संदेश
राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील सिंह यादव ने अपने संदेश में कहा:
“महाशिवरात्रि केवल आस्था का पर्व नहीं, बल्कि सेवा, करुणा और मानवता को जीवन में उतारने की प्रेरणा देता है।
सच्ची पूजा वही है, जिसमें जरूरतमंदों की सहायता हो।”
समाज को मिला मानवीय संदेश
उपस्थित पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से कहा कि ऐसे धार्मिक एवं सेवा कार्यक्रम समाज में:
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संवेदनशीलता बढ़ाते हैं
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सहयोग की भावना मजबूत करते हैं
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सामाजिक उत्तरदायित्व का बोध कराते हैं
संगठन ने भविष्य में भी इसी प्रकार सेवा एवं जनकल्याण के कार्य निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया।

