गुरु पूर्णिमा पर आराध्य गुरुदेव के चरणों में नतमस्तक हुए भाजपा जिला ग्रामीण अध्यक्ष Rajesh Dhakad
मोहनखेड़ा तीर्थ में दर्शन-पूजन कर लिया आशीर्वाद, गौशाला में कराई जीव सेवा, चातुर्मासरत संतों के किए दर्शन
नागदा । गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के जिला ग्रामीण अध्यक्ष Rajesh Dhakad ने अपने आराध्य गुरुदेव प्रातः स्मरणीय दादा गुरुदेव श्रीमद् विजय राजेन्द्र सूरिश्वरजी महाराजा के चरणों में पहुंचकर श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ नमन किया।
बुधवार सुबह राजेश धाकड़ नागदा से मोहनखेड़ा तीर्थ पहुंचे, जहां उन्होंने दादा गुरुदेव के चरणों में श्रद्धापूर्वक वंदन करते हुए विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने समाज, प्रदेश और राष्ट्र की सुख-समृद्धि, शांति एवं जनकल्याण की मंगलकामना की।
राजेश धाकड़ दादा गुरुदेव के परम भक्त हैं और समय-समय पर मोहनखेड़ा तीर्थ पहुंचकर दर्शन, वंदन एवं धार्मिक आराधना करते रहते हैं। गुरु पूर्णिमा के विशेष अवसर पर उन्होंने गुरु के प्रति अपनी अटूट आस्था व्यक्त करते हुए कहा कि गुरु जीवन के सच्चे पथप्रदर्शक होते हैं। गुरु के मार्गदर्शन से व्यक्ति को ज्ञान, संस्कार, सेवा भावना और आध्यात्मिक चेतना की प्राप्ति होती है। गुरु का आशीर्वाद जीवन की सबसे बड़ी शक्ति और पूंजी है।
गुरु कृपा से मिलता है सही मार्ग
राजेश धाकड़ ने गुरु पूर्णिमा के अवसर पर गुरु की महत्ता को रेखांकित करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोच्च और पूजनीय माना गया है। गुरु केवल शिक्षा देने वाले नहीं होते, बल्कि वे व्यक्ति के जीवन को सही दिशा प्रदान करने वाले मार्गदर्शक होते हैं। गुरु के ज्ञान और आशीर्वाद से व्यक्ति अज्ञान के अंधकार से निकलकर ज्ञान, संस्कार और सकारात्मक सोच की ओर बढ़ता है।
उन्होंने कहा कि गुरु के बताए हुए मार्ग पर चलकर व्यक्ति अपने जीवन में श्रेष्ठ मूल्यों को अपनाता है और समाज व मानवता के कल्याण के लिए कार्य करने की प्रेरणा प्राप्त करता है। गुरु का सान्निध्य व्यक्ति के अंदर सेवा, विनम्रता, अनुशासन और आध्यात्मिक चेतना का विकास करता है।
राजेश धाकड़ ने कहा कि गुरु का आशीर्वाद जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। गुरु द्वारा दिखाए गए सत्य, धर्म और सद्मार्ग पर चलने से व्यक्ति न केवल स्वयं का उत्थान करता है, बल्कि समाज के लिए भी प्रेरणास्रोत बनता है। उन्होंने गुरु परंपरा के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हुए सभी से गुरु के आदर्शों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
मोहनखेड़ा गौशाला में की सेवा
दर्शन-पूजन के बाद राजेश धाकड़ मोहनखेड़ा तीर्थ स्थित गौशाला पहुंचे। यहां उन्होंने गौसेवा करते हुए मूक पशु-पक्षियों को आहार कराया। उन्होंने कहा कि जीव दया, सेवा और करुणा भारतीय संस्कृति के महत्वपूर्ण संस्कार हैं। प्रत्येक व्यक्ति को अपनी क्षमता के अनुसार सेवा और परोपकार के कार्यों में योगदान देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि गौसेवा और जीवों के प्रति संवेदना रखना धार्मिक और सामाजिक जिम्मेदारी है। ऐसे कार्यों से आत्मिक शांति मिलती है और समाज में सकारात्मक संदेश जाता है।
चातुर्मासरत संतों से लिया आशीर्वाद
इसके बाद राजेश धाकड़ ने मोहनखेड़ा तीर्थ परिसर स्थित श्री जयन्तसेन म्यूजियम में चातुर्मास हेतु विराजमान श्रमण-श्रमणी भगवंतों के दर्शन-वंदन किए और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर मोहनखेड़ा तीर्थ का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय नजर आया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर अपने आराध्य गुरुओं के प्रति श्रद्धा प्रकट की और पूजा-अर्चना कर धर्म लाभ प्राप्त किया।
इस अवसर पर अखिल भारतीय श्री राजेन्द्र जैन नवयुवक परिषद के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी ब्रजेश बोहरा, राजकुमार मोहता एवं मोनू कारिया भी साथ रहे। सभी ने तीर्थ में धर्म आराधना करते हुए गुरु परंपरा के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की।
गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर मोहनखेड़ा तीर्थ में भक्ति, सेवा और आध्यात्मिकता का अनूठा संगम देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने गुरु चरणों में नमन करते हुए जीवन में धर्म, सेवा और सदाचार के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
मोहनखेड़ा तीर्थ से दर्शन-वंदन के बाद राजेश धाकड़ बड़नगर में आयोजित भाजपा कार्यक्रम में शामिल होने के लिए रवाना हुए। इसके बाद वे नागदा के लिए प्रस्थान करेंगे।
नागदा से जीवनलाल जैन की रिपोर्ट।
