‘करोंद से मिसाइल छोड़ो तो काजी कैंप में गिरे’: विधायक रामेश्वर शर्मा के बयान पर सियासी बवाल, कांग्रेस ने सरकार से मांगा जवाब
मटकी फोड़ प्रतियोगिता के मंच से दिया बयान, बाद में विधायक ने कहा—भोपाल नहीं, इस्लामाबाद के काजी कैंप की थी बात
भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में भारतीय जनता पार्टी के हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा के एक बयान को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। रविवार रात करोंद क्षेत्र में आयोजित मटकी फोड़ प्रतियोगिता के मंच से विधायक ने “मिसाइल” और “काजी कैंप” को लेकर टिप्पणी की। उनके बयान का वीडियो सामने आने के बाद कांग्रेस ने इस पर आपत्ति जताते हुए राज्य सरकार और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से जवाब मांगा है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, करोंद के भगत सिंह चौराहे पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक रामेश्वर शर्मा ने भारत की रक्षा क्षमता और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का उल्लेख किया। इसी दौरान उन्होंने कहा कि एक समय भारत के बारे में कहा जाता था कि देश सुई तक नहीं बना सकता, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने मिसाइल बनाने और दुश्मनों को जवाब देने की क्षमता हासिल की है।
‘करोंद चौराहे से मिसाइल छोड़ो…’
कार्यक्रम के दौरान विधायक रामेश्वर शर्मा ने मंच से कहा, “करोंद के चौराहे पर खड़े होकर मिसाइल लगाओ और काजी कैंप पर गिरा दो।” उनके इस बयान के बाद कार्यक्रम में मौजूद लोगों की प्रतिक्रिया भी सामने आई। हालांकि, कुछ ही क्षण बाद विधायक ने अपने बयान पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि उन्होंने भोपाल के काजी कैंप की बात नहीं की, बल्कि इस्लामाबाद स्थित काजी कैंप का उल्लेख किया है।
विधायक की ओर से तत्काल सफाई दिए जाने के बावजूद बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने लगा। इसके बाद राजनीतिक गलियारों में बयान को लेकर चर्चा तेज हो गई। कांग्रेस ने इसे संवेदनशील और आपत्तिजनक बताते हुए भाजपा सरकार से अपना रुख स्पष्ट करने की मांग की है।
कांग्रेस ने सरकार से पूछे सवाल
कांग्रेस नेताओं ने विधायक के बयान पर आपत्ति जताते हुए सवाल उठाया कि एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि को सार्वजनिक मंच से इस प्रकार की भाषा का इस्तेमाल करना चाहिए या नहीं। विपक्ष ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश नेतृत्व से पूछा है कि क्या पार्टी विधायक के बयान से सहमत है और क्या इस मामले में उनके खिलाफ कोई कार्रवाई की जाएगी।
कांग्रेस का कहना है कि भोपाल में काजी कैंप नाम का एक बड़ा और घनी आबादी वाला क्षेत्र मौजूद है। ऐसे में सार्वजनिक मंच से मिसाइल गिराने जैसी टिप्पणी किए जाने से स्थानीय लोगों की भावनाएं आहत हो सकती हैं। विपक्ष ने बयान को सामाजिक सौहार्द और जिम्मेदार राजनीतिक संवाद से जोड़ते हुए भाजपा से औपचारिक जवाब की मांग की है।
हालांकि, विधायक रामेश्वर शर्मा ने अपने बयान के तुरंत बाद यह स्पष्ट करने का प्रयास किया कि उनका इशारा भोपाल के काजी कैंप की ओर नहीं था। उनका कहना था कि वे पाकिस्तान और आतंकवाद के संदर्भ में इस्लामाबाद की बात कर रहे थे।
पाकिस्तान और आतंकवाद का भी किया उल्लेख
अपने संबोधन में विधायक रामेश्वर शर्मा ने पाकिस्तान, आतंकवाद, राष्ट्रवाद और हिंदू समाज की एकता जैसे विषयों पर भी बात की। उन्होंने कहा कि समाज की एकजुटता केवल धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। लोगों को राष्ट्रहित से जुड़े विषयों पर भी संगठित और जागरूक होना चाहिए।
विधायक ने पाकिस्तान का उल्लेख करते हुए कहा कि भविष्य में लाहौर और इस्लामाबाद में भी मटकी फोड़ प्रतियोगिताएं आयोजित हो सकती हैं। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद लोगों से पूछा कि क्या वे इस्लामाबाद में मटकी फोड़ना चाहते हैं। इसके बाद उन्होंने वहां की “मटकी” पहले तोड़ने की बात कही। माना जा रहा है कि विधायक ने यह टिप्पणी सांकेतिक रूप से पाकिस्तान और आतंकवाद के खिलाफ भारत की कार्रवाई के संदर्भ में की थी।
हिंदू एकता को लेकर दिया संदेश
मटकी फोड़ प्रतियोगिता में विधायक रामेश्वर शर्मा ने हिंदू समाज की एकता पर जोर देते हुए कहा कि सामाजिक और धार्मिक आयोजनों के माध्यम से दिखाई देने वाली एकजुटता आगे भी बनी रहनी चाहिए। उन्होंने युवाओं से राष्ट्र और समाज के हित में संगठित रहने की अपील की।
विधायक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में भारत की सैन्य शक्ति का उल्लेख करते हुए सर्जिकल स्ट्राइक का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत अब आतंकवादी गतिविधियों का मजबूती से जवाब देने वाला देश बन चुका है। इसी क्रम में दिए गए मिसाइल वाले बयान ने पूरे संबोधन को राजनीतिक विवाद में बदल दिया।
सोशल मीडिया पर बयान की चर्चा
विधायक के संबोधन का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग उनके स्पष्टीकरण का हवाला देते हुए इसे पाकिस्तान और आतंकवाद के संदर्भ में दिया गया बयान बता रहे हैं। वहीं, आलोचना करने वाले लोगों का कहना है कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले जनप्रतिनिधियों को संवेदनशील स्थानों और समुदायों से जुड़े शब्दों का इस्तेमाल बेहद सावधानी से करना चाहिए।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विधायक की ओर से उसी मंच पर स्पष्टीकरण दिए जाने के बावजूद विवाद इतनी जल्दी शांत होने की संभावना कम है। विपक्ष अब इस मुद्दे को भाजपा सरकार की राजनीतिक और सामाजिक जवाबदेही से जोड़ रहा है।
भाजपा की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार
इस मामले में विधायक रामेश्वर शर्मा की सफाई सामने आ चुकी है, लेकिन भारतीय जनता पार्टी या राज्य सरकार की विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है। कांग्रेस की मांग है कि सरकार स्पष्ट करे कि वह विधायक के बयान को किस नजरिए से देखती है।
अब देखना होगा कि भाजपा इस बयान को विधायक द्वारा दिए गए स्पष्टीकरण के साथ समाप्त मानती है या राजनीतिक विवाद बढ़ने के बाद संगठनात्मक स्तर पर कोई प्रतिक्रिया देती है। फिलहाल, करोंद की मटकी फोड़ प्रतियोगिता में दिया गया यह बयान मध्य प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का नया मुद्दा बन गया है।
