ठा. भेरूसिंह चैहान राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में पुनः मनोनीत हुए। अलवर राष्ट्रीय अधिवेशन में जातिगत आरक्षण, एससी-एसटी एक्ट, प्रमोशन में आरक्षण और यूजीसी के खिलाफ राष्ट्रव्यापी आंदोलन का ऐलान किया गया।
ठा. भेरूसिंह चैहान राष्ट्रीय अध्यक्ष पुनः बने, सवर्ण हितों के लिए राष्ट्रव्यापी आंदोलन का बड़ा ऐलान
नागदा। ठा. भेरूसिंह चैहान राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में एक बार फिर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की कमान संभालेंगे। राजस्थान के अलवर में आयोजित राष्ट्रीय अधिवेशन में सर्वसम्मति से उन्हें आगामी तीन वर्षों के लिए संगठन का राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित किया गया। इस अवसर पर उन्होंने समाज के संगठन विस्तार, सदस्यता अभियान और सवर्ण समाज के मुद्दों को लेकर राष्ट्रव्यापी आंदोलन चलाने की घोषणा की।
ठा. भेरूसिंह चैहान राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में पुनः मनोनीत
अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा का राष्ट्रीय अधिवेशन रविवार 7 जून 2026 को राजस्थान के अलवर में संपन्न हुआ। अधिवेशन में देशभर से संगठन के राष्ट्रीय पदाधिकारी, प्रदेश अध्यक्ष, जिला अध्यक्ष, युवा विंग एवं महिला विंग की प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में रतलाम राजघराने की महारानी साहिबा तथा अलवर की युवरानी एवं केंद्रीय मंत्री भंवर जितेंद्र सिंह की बहन मीनाक्षी सिंह साहिबा अपने पति महाराज सूर्यवीर सिंह जी के साथ विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं।कार्यक्रम की अध्यक्षता ठा. भेरूसिंह चैहान ने की।
भगवान राम और महाराणा प्रताप के चित्र पर माल्यार्पण
राष्ट्रीय अधिवेशन की शुरुआत भगवान राम एवं महाराणा प्रताप के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन से हुई। इसके बाद राष्ट्रगीत तथा क्षत्रिय गीत “केसरिया ध्वज लहरे” का सामूहिक गायन किया गया।राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मेश सिंह ने स्वागत भाषण देते हुए सभी अतिथियों और प्रतिनिधियों का अभिनंदन किया।
सर्वसम्मति से ठा. भेरूसिंह चैहान राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित
राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव हेतु अशोक सिंह तोमर को चुनाव अधिकारी नियुक्त किया गया।मध्यप्रदेश अध्यक्ष रामकुमार सिंह सिकरवार ने राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए ठा. भेरूसिंह चैहान के नाम का प्रस्ताव रखा। इस प्रस्ताव को देशभर से आए पदाधिकारियों ने समर्थन दिया।इसके बाद चुनाव प्रभारी अशोक सिंह तोमर ने सर्वसम्मति से ठा. भेरूसिंह चैहान को आगामी तीन वर्षों के लिए अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा का राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित किया।
एक करोड़ सदस्य बनाने का लक्ष्य
राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोनीत होने के बाद ठा. भेरूसिंह चैहान ने कहा कि संगठन को ग्राम स्तर तक मजबूत किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि:
- प्रत्येक गांव तक संगठन का विस्तार किया जाएगा।
- बड़े स्तर पर सदस्यता अभियान चलाया जाएगा।
- पूरे देश में एक करोड़ सदस्य बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
- समाजहित के लिए हर चुनौती का सामना किया जाएगा।
ठा. भेरूसिंह चैहान राष्ट्रीय अध्यक्ष का बड़ा बयान
ठा. भेरूसिंह चैहान ने कहा कि वर्तमान समय में सरकार की सवर्ण विरोधी नीतियों को लेकर समाज में व्यापक असंतोष है।उन्होंने घोषणा की कि अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा देशभर के विभिन्न सवर्ण संगठनों को साथ लेकर राष्ट्रव्यापी आंदोलन करेगी।
प्रमुख मांगें
- जातिगत आरक्षण समाप्त किया जाए।
- एससी-एसटी एक्ट की समीक्षा की जाए।
- प्रमोशन में आरक्षण समाप्त किया जाए।
- यूजीसी कानून को समाप्त किया जाए।
प्रदेश अध्यक्षों को दिए महत्वपूर्ण निर्देश
राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद ठा. भेरूसिंह चैहान ने पूर्व राष्ट्रीय कार्यकारिणी को यथावत रखते हुए सभी प्रदेश अध्यक्षों को निर्देश दिए कि:
- हर छह माह में प्रदेश स्तरीय बैठक अनिवार्य होगी।
- प्रतिवर्ष राष्ट्रीय अधिवेशन आयोजित किया जाएगा।
- अलग-अलग राज्यों में अधिवेशन आयोजित होंगे।
- संगठन विस्तार अभियान को गति दी जाएगी।
देशभर से पहुंचे पदाधिकारी
राष्ट्रीय अधिवेशन में निम्न राज्यों से प्रतिनिधि उपस्थित रहे:
- महाराष्ट्र
- गुजरात
- मध्यप्रदेश
- राजस्थान
- हरियाणा
- उत्तराखंड
- उत्तर प्रदेश
- बिहार
- छत्तीसगढ़
- दिल्ली
उज्जैन-नागदा क्षेत्र से इन नेताओं की रही मौजूदगी
अधिवेशन में उज्जैन-नागदा क्षेत्र से भी बड़ी संख्या में पदाधिकारी और समाजजन उपस्थित रहे।
इनमें प्रमुख रूप से:
- श्रीमती उषा पंवार (राष्ट्रीय अध्यक्ष)
- श्रीमती अनिता राजपूत (प्रदेश अध्यक्ष)
- श्रीमती प्रेमलता राजपूत
- राजेन्द्रसिंह सोनगरा अर्जला
- यशपालसिंह सिसोदिया (प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष)
- कुबेरसिंह पंवार
- राजेन्द्रसिंह झाला
- गजराजसिंह पंवार
- जीवनसिंह तंवर
- सुरेन्द्रसिंह सोनगरा
- युवराजसिंह पंवार
- महेन्द्रसिंह बैंस
सहित अनेक राजपूत सरदार उपस्थित रहे।
निष्कर्ष
ठा. भेरूसिंह चैहान राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में पुनः मनोनीत होने के बाद अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा ने संगठन विस्तार, सदस्यता अभियान और विभिन्न सामाजिक मुद्दों को लेकर देशव्यापी रणनीति तैयार करने का संकेत दिया है। अलवर में आयोजित राष्ट्रीय अधिवेशन में लिए गए निर्णय आगामी समय में संगठन की गतिविधियों की दिशा तय करेंगे।






