अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज 47वां अवतरण दिवस: 3 से 5 जुलाई तक भव्य तीन दिवसीय धार्मिक महोत्सव, हजारों श्रद्धालु होंगे शामिल
इंदौर | संवाददाता: राजेश जैन दद्दू
अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज 47वां अवतरण दिवस पर इंदौर में तीन दिवसीय धार्मिक महोत्सव
इंदौर। अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज 47वां अवतरण दिवस के पावन अवसर पर इंदौर के परिवहन नगर स्थित श्री 1008 महावीर दिगंबर जैन मंदिर में 3 जुलाई से 5 जुलाई तक भव्य तीन दिवसीय धार्मिक महोत्सव आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन का संचालन मंदिर समिति एवं आरोहण परिवार के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। धार्मिक आयोजन को लेकर समाज में उत्साह का वातावरण है और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
तीन दिवसीय धार्मिक महोत्सव का आयोजन
समाज अध्यक्ष नवनीत जैन एवं रेखा-संजय जैन ने जानकारी देते हुए बताया कि अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज 47वां अवतरण दिवस के उपलक्ष्य में तीन दिवसीय धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। आयोजन का उद्देश्य समाज में धार्मिक चेतना, संस्कार एवं आध्यात्मिक वातावरण को सुदृढ़ करना है।
3 जुलाई को होगी श्री जिन सहस्त्रनाम अर्चना
धार्मिक महोत्सव का शुभारंभ 3 जुलाई (शुक्रवार) को प्रातः 6:30 बजे श्री जिन सहस्त्रनाम अर्चना से होगा। श्रद्धालु भगवान जिनेन्द्र की भक्ति एवं पूजन-अर्चना कर पुण्य लाभ प्राप्त करेंगे।
4 जुलाई को आयोजित होगी गौ सेवा
कार्यक्रम के दूसरे दिन 4 जुलाई (शनिवार) को गौ सेवा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। समाजजन गौमाता की सेवा कर धर्मलाभ अर्जित करेंगे।
5 जुलाई को होगा मुख्य धार्मिक आयोजन
धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने बताया कि अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज 47वां अवतरण दिवस का मुख्य समारोह 5 जुलाई (रविवार) को आयोजित होगा।सुबह 8:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक
- भव्य गुरु पूजन
- धर्मसभा
- अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्य सागर जी महाराज के मंगल प्रवचन
- धार्मिक आशीर्वचन
- समाजजनों का सम्मान
का आयोजन किया जाएगा।
वात्सल्य भोज का भी होगा आयोजन
मुख्य धार्मिक कार्यक्रम के पश्चात सभी श्रद्धालुओं के लिए वात्सल्य भोज (भोजन प्रसादी) आयोजित किया जाएगा, जिसमें समाज के सभी वर्गों के लोग एक साथ भोजन ग्रहण करेंगे।
समाजजनों से की गई विशेष अपील
आयोजकों ने समाज के सभी श्रद्धालुओं से सपरिवार उपस्थित होकर अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज 47वां अवतरण दिवस के इस पावन आयोजन में सहभागी बनने, धर्मलाभ प्राप्त करने एवं कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाने की अपील की है।धार्मिक आयोजन के माध्यम से समाज में आध्यात्मिक ऊर्जा, संस्कार एवं सामाजिक एकता का संदेश भी प्रसारित किया जाएगा।
