पटाड़िया डाबी में आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम, पौधरोपण कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
पड़ाना। सेवा संकल्प अभियान के तहत पटाड़िया डाबी गांव में आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों, भाजपा कार्यकर्ताओं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और हितग्राहियों ने सहभागिता की। इस अवसर पर आंगनबाड़ी परिसर में पौधरोपण किया गया तथा लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल का संकल्प लिया गया। बच्चों, किशोरी बालिकाओं और महिलाओं के साथ संवाद कर अभियान के उद्देश्यों की जानकारी भी दी गई।
आयोजन में ग्राम के पटेल, सरपंच और अन्य ग्रामीण शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान पौधे लगाने के साथ उनके संरक्षण की जिम्मेदारी निभाने पर जोर दिया गया। उपस्थित लोगों ने अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
दीप प्रज्वलन और माल्यार्पण से हुई शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती एवं भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर की गई। उपस्थित लोगों ने चित्रों पर माल्यार्पण किया। इसके बाद आंगन मिलन सेवा के अंतर्गत निर्धारित गतिविधियां आयोजित हुईं। ग्रामीणों और आंगनबाड़ी केंद्र से जुड़े लोगों ने इनमें भाग लिया।
आयोजन में जनप्रतिनिधियों, कार्यकर्ताओं और हितग्राहियों की उपस्थिति रही। महिलाओं तथा किशोरी बालिकाओं ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की। प्रारंभिक गतिविधियों के बाद सभी का ध्यान पौधरोपण और संवाद की ओर रहा। इस तरह कार्यक्रम में सामूहिक सहभागिता के साथ सेवा संकल्प अभियान के उद्देश्यों पर चर्चा की गई।
आंगनबाड़ी परिसर में किया गया पौधरोपण
आंगनबाड़ी परिसर में ग्रामीणों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने मिलकर पौधरोपण किया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने इस गतिविधि के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। साथ ही अधिक से अधिक पौधे लगाने के लिए अपनी सहभागिता का संकल्प व्यक्त किया।
पौधरोपण के दौरान लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल की बात भी प्रमुखता से रखी गई। उपस्थित ग्रामीणों ने कहा कि पौधा लगाने के बाद उसकी देखभाल की जिम्मेदारी निभाना जरूरी है। कार्यक्रम में पौधरोपण को केवल एक गतिविधि तक सीमित रखने के बजाय उसके बाद संरक्षण पर भी ध्यान देने की बात कही गई।
पौधों की देखभाल का लिया संकल्प
उपस्थित लोगों ने लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने का संकल्प लिया। ग्रामीणों ने कहा कि पौधरोपण के साथ देखभाल की जिम्मेदारी जुड़ी रहती है। पौधे लगाने का प्रयास तभी आगे बढ़ सकता है, जब उनकी देखरेख पर भी ध्यान दिया जाए।
इस चर्चा में पर्यावरण संरक्षण के संदेश को दैनिक जिम्मेदारी से जोड़ा गया। अधिक पौधे लगाने के साथ पहले से लगाए गए पौधों की देखभाल की बात सामने रखी गई। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों की संयुक्त सहभागिता से पौधरोपण की गतिविधि संपन्न हुई। कार्यक्रम में मौजूद बच्चों और महिलाओं ने भी इस सामूहिक आयोजन में हिस्सा लिया।
बच्चों और महिलाओं के साथ हुआ संवाद
कार्यक्रम के दौरान बच्चों, महिलाओं और आंगनबाड़ी केंद्र से जुड़े हितग्राहियों से संवाद किया गया। उन्हें सेवा संकल्प अभियान के उद्देश्यों की जानकारी दी गई। इस गतिविधि में केंद्र से जुड़े लोगों की सहभागिता को स्थान मिला।
किशोरी बालिकाएं और महिलाएं भी आयोजन का हिस्सा रहीं। संवाद के माध्यम से अभियान की जानकारी साझा की गई, जबकि पौधरोपण के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश सामने रखा गया। कार्यक्रम में दोनों गतिविधियों को शामिल किया गया। आंगन मिलन सेवा के अंतर्गत ग्रामीणों तथा केंद्र से जुड़े हितग्राहियों को एक साथ सहभागिता का अवसर मिला।
जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने लिया हिस्सा
आयोजन में ग्राम के पटेल और सरपंच सहित भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे। उनके साथ आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिका, महिलाओं, बच्चों और अन्य ग्रामीणों ने भाग लिया। कार्यक्रम में स्थानीय स्तर पर विभिन्न समूहों की सहभागिता रही।
ग्रामीणों ने पौधों की देखभाल को आवश्यक जिम्मेदारी बताते हुए पर्यावरण संरक्षण की बात रखी। जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं की उपस्थिति में पौधरोपण तथा अभियान संबंधी संवाद संपन्न हुआ। कार्यक्रम की जानकारी के अनुसार, आयोजन का प्रमुख संदेश अधिक पौधे लगाना और उनकी नियमित देखभाल करना रहा।
ये रहे कार्यक्रम में उपस्थित
कार्यक्रम में अर्जुन सिंह राजपूत, लक्ष्मण सिंह राजपूत, भगवत प्रजापति और सरपंच उपस्थित रहे। इसके साथ सीमा बाई, बिना बाई, प्रेमकुंवर, गुलाबकुंवर तथा हाकम बाई ने सहभागिता की। शिक्षिका सरोज पंवार भी कार्यक्रम में शामिल हुईं।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रिंकू कारपेंटर, सहायिका, बच्चे, महिलाएं और अन्य ग्रामीण आयोजन में मौजूद रहे। सभी की सहभागिता से आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम में पौधरोपण, देखभाल का संकल्प और हितग्राहियों के साथ संवाद की गतिविधियां आयोजित हुईं। सेवा संकल्प अभियान के तहत हुए इस कार्यक्रम में ग्रामीणों ने पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ पौधों के प्रति जिम्मेदारी निभाने पर जोर दिया।
