तिरंगे की गूंज के साथ घर लौटा Agniveer Shubham, गांव आशारेटा में हुआ भव्य स्वागत
पडाना -अग्निवीर बनकर उत्तराखंड के अल्मोड़ा, रानीखेत से प्रशिक्षण पूरा कर लौटे Shubham पंजाबी पुत्र मुकेश पंजाबी का शुक्रवार को घर वापसी पर जोरदार स्वागत हुआ।
देशभक्ति और सम्मान से भरे इस जुलूस की शुरुआत पडाना नगर के प्राचीन झीरी स्थान से हुई। यहां शुभम ने साधु संतों से आशीर्वाद लिया और मंदिरों में माथा टेककर देश की रक्षा की शपथ दोहराई। तत्पश्चात पडाना से आशारेटा तक करीब 5 किलोमीटर का सफर शुभम ने आन, बान और शान के प्रतीक तिरंगे के काफिले के साथ तय किया। पूरे रास्ते राष्ट्रीय धुन और देशभक्ति गीतों से माहौल देशमय बना रहा। हाथों में तिरंगा लिए ग्रामीणों, युवाओं और बच्चों ने जयकारों से फौजी भाई का अभिनंदन किया!
गृह गांव आशारेटा पहुंचते ही सबसे भावुक पल आया जब साईं नाथ कॉन्वेंट हाई स्कूल के गेट के पास जैसे ही जवान का चल समारोह पहुंचा वहां उपस्थित 150 से अधिक छात्र-छात्राओं हाथों में पुष्प व्थलीय खड़े थे सभी के मुंह से एक ही आवाज वंदे मातरम भारत माता की जय करो के साथ विद्यार्थियों एवं स्टाफ ने शुभम का भव्य स्वागत किया। यहीं से शुभम ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा शुरू की थी। बच्चों ने फूलमाला पहनाकर और नारों के साथ अपने पुराने छात्र को सम्मान दिया!इस मौके पर संस्था संचालक राजेश परमार, प्राचार्य रवि जाट, सह प्राचार्य मनोज राठौर सहित पूरा स्टाफ मौजूद रहा।
स्वागत करने वालों में शिक्षक मनोज परमार, अमित जाट, धर्मेंद्र सर, कमल परमार, आशीष पालीवाल, कृष्ण पाल गुर्जर, शतीश भिलाला, पप्पू भिलाला, गिरजा मैडम, प्रभा परमार, लक्ष्मी बरेठा, प्राची परिहार, कुमकुम परिहार, खुशी यादव और करिश्मा जाट शामिल थे!शुभम ने स्कूल परिवार और गांव वालों का आभार जताया और बच्चों को अनुशासन, मेहनत और देशसेवा का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि रानीखेत की ट्रेनिंग और गांव का संस्कार एवं स्कूल का अनुशासन ही उन्हें हर कदम पर ताकत देता है।
