श्री आदिनाथ दिगंबर जैन त्रिकाल चौबीसी पुण्योदय अतिशय क्षेत्र नसियां जी दादाबाड़ी कोटा की नई प्रबंध कार्यकारिणी की घोषणा परम पूज्य मुनि श्री सुधासागर जी महाराज के आशीर्वाद से की गई। जानें पूरी सूची, उद्देश्य और भविष्य की योजनाएं।
- भूमिका
- श्री आदिनाथ दिगंबर जैन त्रिकाल चौबीसी पुण्योदय अतिशय क्षेत्र नसियां जी दादाबाड़ी कोटा का महत्व
- प्रबंध कार्यकारिणी की घोषणा का पावन अवसर
- नवगठित प्रबंध कार्यकारिणी : पदाधिकारी सूची
- कार्यकारिणी सदस्यों की विस्तृत सूची
- मंदिर समिति के प्रमुख वक्तव्य
- भविष्य की योजनाएं और विकास का संकल्प
- निष्कर्ष
भूमिका
श्री आदिनाथ दिगंबर जैन त्रिकाल चौबीसी पुण्योदय अतिशय क्षेत्र नसियां जी दादाबाड़ी कोटा जैन समाज की आस्था, तप और साधना का एक प्रमुख केंद्र है। इस पावन अतिशय क्षेत्र की प्रबंध व्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाने के उद्देश्य से वर्ष 2025 में नई प्रबंध कार्यकारिणी की घोषणा की गई है। यह घोषणा परम पूज्य निर्यापक श्रमण मुनि पुंगव श्री सुधासागर जी महाराज के पावन आशीर्वाद से संपन्न हुई।
श्री आदिनाथ दिगंबर जैन त्रिकाल चौबीसी पुण्योदय अतिशय क्षेत्र नसियां जी दादाबाड़ी कोटा का महत्व
यह अतिशय क्षेत्र न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि सामाजिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक चेतना का केंद्र भी है। यहां प्रतिवर्ष हजारों श्रद्धालु दर्शन, अभिषेक और धार्मिक आयोजनों में भाग लेने आते हैं।
प्रबंध कार्यकारिणी की घोषणा का पावन अवसर
संस्था के परम संरक्षक राजेन्द्र हरसौरा ने जानकारी देते हुए बताया कि समिति का गठन पारदर्शी और सर्वसम्मति से किया गया है। इसका उद्देश्य श्री आदिनाथ दिगंबर जैन त्रिकाल चौबीसी पुण्योदय अतिशय क्षेत्र नसियां जी दादाबाड़ी कोटा के सर्वांगीण विकास को नई दिशा देना है।
नवगठित प्रबंध कार्यकारिणी : प्रमुख पदाधिकारी
🔹 निदेशक
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हुकम जैन काका
🔹 अध्यक्ष
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जम्बू जैन सर्राफ
🔹 उपाध्यक्ष
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धर्मचंद जैन धनोप्या
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सुमित जैन सेंकी
🔹 महामंत्री
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महेंद्र कासलीवाल
🔹 प्रशासनिक मंत्री
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पारस जैन दोराया
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अर्चना जैन सर्राफ
🔹 कोषाध्यक्ष
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मनीष जैन मोहिवाल
कार्यकारिणी सदस्यों की विस्तृत सूची
कार्यकारिणी में समाज के अनुभवी, युवा और महिला सदस्यों को सम्मिलित किया गया है, जिनमें
राजेंद्र जैन गुड वाले, जय प्रकाश सबदरा, अर्पित जैन हरसौरा, संदीप जैन गंगवाल, मधु शाह, आशा श्रीमाल, सुनीता जैन सबदरा, प्रीति मोहिवाल सहित अनेक सदस्य शामिल हैं।
यह समावेशिता समिति को मजबूत बनाती है।
मंदिर समिति के प्रमुख वक्तव्य
निदेशक हुकम जैन काका ने कहा कि नई कार्यकारिणी विकास, संरक्षण और व्यवस्थाओं को आधुनिक स्वरूप देगी।
अध्यक्ष जम्बू जैन सर्राफ ने सभी सदस्यों के सुझावों से मंदिर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का संकल्प व्यक्त किया।
भविष्य की योजनाएं और विकास का संकल्प
नई कार्यकारिणी द्वारा:
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धार्मिक आयोजनों का विस्तार
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अतिथियों के लिए सुविधाओं का विकास
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डिजिटल और पारदर्शी प्रबंधन
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युवा वर्ग की भागीदारी
जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर कार्य किया जाएगा।
निष्कर्ष
श्री आदिनाथ दिगंबर जैन त्रिकाल चौबीसी पुण्योदय अतिशय क्षेत्र नसियां जी दादाबाड़ी कोटा की नई प्रबंध कार्यकारिणी आस्था, संगठन और विकास का सशक्त उदाहरण है। यह समिति आने वाले वर्षों में क्षेत्र को नई पहचान और ऊंचाइयां प्रदान करेगी।
