आचार्य श्री 108 प्रसन्नसागर जी महाराज अवतरण दिवस पूरे भारत में श्रद्धा एवं भक्ति के साथ मनाया गया। इंदौर में राजेश जैन दद्दू सहित समाज के वरिष्ठजनों ने गुरुदेव को कोटिशः वंदन कर दीर्घायु की मंगलकामना की।
आचार्य श्री 108 प्रसन्नसागर जी महाराज अवतरण दिवस पूरे भारत में श्रद्धा और भक्ति से मनाया गया
रिपोर्ट: राजेश जैन दद्दू | इंदौर
इंदौर। आचार्य श्री 108 प्रसन्नसागर जी महाराज अवतरण दिवस आज पूरे भारत में अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। तप, त्याग, संयम और करुणा की प्रतिमूर्ति माने जाने वाले युगप्रभावक आचार्य श्री 108 प्रसन्नसागर जी महाराज के पावन अवतरण दिवस पर देशभर के जैन समाज में विशेष धार्मिक आयोजन, गुरु वंदना, पूजन और मंगलकामनाओं का आयोजन किया गया।
तप, त्याग और करुणा की प्रतिमूर्ति हैं गुरुदेव
धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने कहा कि परम पूज्य आचार्य श्री 108 प्रसन्नसागर जी महाराज के सान्निध्य से अनगिनत लोगों का जीवन धर्ममय बन रहा है। उनके प्रेरणादायी प्रवचन, संयमपूर्ण जीवन और आदर्श आचरण समाज को संस्कार, सदाचार, आत्मकल्याण और अहिंसा का मार्ग दिखाते हैं। गुरुदेव के विचार आज के समय में भी मानवता को नई दिशा देने वाले हैं।
पूरे भारत में श्रद्धा एवं भक्ति का वातावरण
आचार्य श्री 108 प्रसन्नसागर जी महाराज अवतरण दिवस के अवसर पर मंदिरों में विशेष पूजन, अभिषेक, गुरु वंदना, भक्ति कार्यक्रम एवं धार्मिक सभाओं का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने बड़ी श्रद्धा और भक्ति से गुरुदेव के श्रीचरणों में वंदन कर उनके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं निरंतर धर्म प्रभावना की मंगलकामना की।
समाज के वरिष्ठजनों ने दी शुभकामनाएं
इस अवसर पर इंदौर दिगम्बर जैन समाज के वरिष्ठ समाजसेवी डॉ. जैनेन्द्र जैन, महावीर ट्रस्ट के अध्यक्ष अमित कासलीवाल, सामाजिक सांसद के अध्यक्ष आनंद नवीन गोधा, हर्ष जैन, विजय पाटोदी, हंसमुख गांधी, टीके वेद, सुशील पांड्या, फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोहर झांझरी, श्रीमती पुष्पा कासलीवाल, महिला परिषद की संभागीय अध्यक्ष श्रीमती मुक्ता जैन तथा रेखा जैन सहित अनेक समाजजनों ने पूज्य गुरुदेव को कोटिशः वंदन एवं मंगलाभिनंदन अर्पित किया।
सभी श्रद्धालुओं ने कामना व्यक्त की कि गुरुदेव का आशीर्वाद समाज पर सदैव बना रहे तथा वे दीर्घायु होकर धर्म प्रभावना करते हुए नमोस्तु शासन को निरंतर जयवंत करते रहें।
समाज को मिल रही है आध्यात्मिक प्रेरणा
आचार्य श्री 108 प्रसन्नसागर जी महाराज का जीवन तप, त्याग, सेवा, करुणा और आत्मजागरण का अनुपम उदाहरण है। उनके प्रवचन केवल जैन समाज ही नहीं बल्कि संपूर्ण मानव समाज को नैतिक जीवन, संयम, शांति और आध्यात्मिक उन्नति की प्रेरणा देते हैं। उनके सान्निध्य में हजारों लोगों ने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन का अनुभव किया है।
निष्कर्ष
आचार्य श्री 108 प्रसन्नसागर जी महाराज अवतरण दिवस केवल जन्मोत्सव नहीं बल्कि तप, त्याग, संयम और आध्यात्मिक मूल्यों के प्रति आस्था व्यक्त करने का पावन अवसर है। देशभर में बड़ी श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाए जा रहे इस उत्सव ने समाज को एक बार फिर धर्म, सेवा और संस्कारों के प्रति समर्पित रहने का संदेश दिया।
