खलरी स्कूल में विद्यार्थियों के निःशुल्क बैंक खाते और KYC अभियान का शुभारंभ, वित्तीय सशक्तिकरण की दिशा में पहल
संवाददाता: जीवन लाल जैन
भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट के सहयोग से ग्रामीण विद्यार्थियों को बैंकिंग सुविधाओं से जोड़ा गया
खलरी (सिहोरा), जिला जबलपुर। ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को बैंकिंग सुविधाओं से जोड़ने और वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शासकीय माध्यमिक विद्यालय, ग्राम खलरी (सिहोरा), जिला जबलपुर में विद्यार्थियों के निःशुल्क बैंक खाते खोलने एवं KYC अद्यतन करने का विशेष अभियान शुरू किया गया। यह अभियान भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट के सहयोग से आयोजित किया गया।
04 अगस्त 2026 को आयोजित इस अभियान में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। भारतीय स्टेट बैंक किओस्क के माध्यम से विद्यार्थियों के बैंक खाते खोलने एवं आवश्यक KYC प्रक्रिया पूरी करने का कार्य किया गया।
विद्यार्थियों को दी गई बैंकिंग और वित्तीय जागरूकता की जानकारी
अभियान के दौरान विद्यार्थियों और अभिभावकों को बैंक खाता होने के महत्व, डिजिटल बैंकिंग सुविधाओं, छात्रवृत्ति योजनाओं तथा शासन की विभिन्न योजनाओं की राशि सीधे बैंक खाते में प्राप्त करने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी गई।
बैंक प्रतिनिधियों द्वारा विद्यार्थियों के आवश्यक दस्तावेजों का परीक्षण कर नियमानुसार बैंक खाते खोलने और KYC अपडेट करने की प्रक्रिया पूरी की गई। आयोजकों ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को आर्थिक रूप से जागरूक और आत्मनिर्भर बनाना है।

ट्रस्ट पदाधिकारियों ने किया विद्यार्थियों का मार्गदर्शन
कार्यक्रम में भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट की ओर से कटनी जिला अध्यक्ष श्री सुरेंद्र कुमार शर्मा, जिला संयोजक श्री अनिल कुमार हल्दकार, जिला सह प्रभारी श्री राहुल काछी, सिहोरा तहसील मीडिया प्रभारी श्री नवल किशोर यादव तथा तहसील उपाध्यक्ष श्री नितिन उपाध्याय उपस्थित रहे।
सभी पदाधिकारियों ने विद्यार्थियों और अभिभावकों को बैंकिंग सुविधाओं के महत्व के बारे में जानकारी दी तथा अधिक से अधिक बच्चों के बैंक खाते खुलवाने के लिए प्रेरित किया।
बैंक खाता विद्यार्थियों के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण: पदाधिकारी
कार्यक्रम में उपस्थित पदाधिकारियों ने कहा कि वर्तमान समय में प्रत्येक विद्यार्थी का बैंक खाता होना अत्यंत आवश्यक है। बैंक खाते के माध्यम से शासन की छात्रवृत्ति, प्रोत्साहन राशि और अन्य आर्थिक योजनाओं का लाभ पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से सीधे विद्यार्थियों तक पहुंचता है।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में इस प्रकार के अभियान बच्चों के उज्ज्वल भविष्य और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहे हैं।

राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बताया शिक्षा के साथ आर्थिक सशक्तिकरण का महत्व
भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सुनील सिंह यादव ने अपने संदेश में कहा कि शिक्षा के साथ आर्थिक सशक्तिकरण भी वर्तमान समय की आवश्यकता है। प्रत्येक विद्यार्थी का बैंकिंग व्यवस्था से जुड़ना आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक मजबूत कदम है।
उन्होंने कहा कि भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट समाज के अंतिम व्यक्ति तक शिक्षा, जागरूकता, मानव अधिकार और जनहितकारी सेवाएं पहुंचाने के लिए लगातार कार्य कर रहा है। उन्होंने समाज सेवा में योगदान देने वाले सभी पदाधिकारियों और सहयोगियों का अभिनंदन किया।
संयुक्त संदेश में विद्यार्थियों को बैंकिंग प्रणाली से जोड़ने पर जोर
भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट की राष्ट्रीय संस्थापक श्रीमती मालती सुनील सिंह यादव, राष्ट्रीय संयोजक श्री प्रेम कुमार वैध, राष्ट्रीय सचिव श्री शिवम तिवारी, राष्ट्रीय महामंत्री श्रीमती साधना सेठी, युवा विंग राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री कृष्णा यादव, राष्ट्रीय विधिक सलाहकार श्री इंद्रजीत सिंह चौहान, मध्यप्रदेश प्रदेश सचिव श्रीमती अनीता दुबे, प्रदेश मीडिया प्रभारी श्री जीवनलाल जैन “चाय वाले”, श्री रामवेश सिंह राजावत, श्री मनीष गुप्ता एवं श्री युवराज सिंह राठौर ने संयुक्त संदेश जारी किया।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों का बैंकिंग प्रणाली से जुड़ना केवल औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि उनके सुरक्षित, सशक्त और आत्मनिर्भर भविष्य की आधारशिला है। बैंक खाता और समय पर KYC होने से विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति, प्रोत्साहन राशि एवं अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे और पारदर्शी रूप से प्राप्त हो सकेगा।

जनसेवा के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रहा ट्रस्ट
भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट शिक्षा, स्वास्थ्य, मानव अधिकार संरक्षण, महिला एवं बाल सशक्तिकरण, पर्यावरण संरक्षण, नशा मुक्ति, साइबर जागरूकता, वित्तीय साक्षरता और सामाजिक उत्थान जैसे क्षेत्रों में निरंतर कार्य कर रहा है।
ट्रस्ट ने समाज के नागरिकों, शिक्षकों, अभिभावकों और युवाओं से अपील की कि वे ऐसे जनहितकारी अभियानों में सक्रिय सहभागिता निभाएं और राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दें।
आयोजकों ने कहा कि सेवा, समर्पण और मानवता ही संगठन की सबसे बड़ी पहचान है और भविष्य में भी इसी भावना के साथ जनकल्याणकारी कार्य लगातार जारी रहेंगे।
