आठनेर में प्रस्फुटन समिति शक्ति संचय प्रशिक्षण आयोजित, ग्राम विकास में समितियों की भूमिका पर दिया जोर
संवाददाता : आशीष ठाकरे
जन अभियान परिषद ने नवांकुर संस्थाओं और प्रस्फुटन समितियों की बढ़ाई क्षमता, ग्रामीण विकास के लिए तैयार की कार्ययोजना
आठनेर। मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद विकासखंड आठनेर द्वारा राज्य शासन के निर्देशानुसार संवाद योजना अंतर्गत प्रस्फुटन शक्ति संचय कार्यक्रम के तहत एक दिवसीय बैठक सह प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य चयनित नवांकुर संस्थाओं, ग्राम विकास प्रस्फुटन समितियों, परामर्शदाताओं एवं सीएम इंटर्न की क्षमता वृद्धि करना रहा।
विकासखंड कार्यालय आठनेर में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा मां भारती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत करने के बाद विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
ग्राम विकास में प्रस्फुटन समितियों की भूमिका महत्वपूर्ण: संतोष राजपूत
जन अभियान परिषद के जिला समन्वयक संतोष राजपूत ने उपस्थित प्रस्फुटन समिति पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए परिषद के उद्देश्यों और कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ग्राम विकास में प्रस्फुटन समितियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि समितियां ग्रामीण क्षेत्रों में शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रचार-प्रसार कर लोगों को उनसे जोड़ने का कार्य करें। इसके साथ ही कृषि, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, जल संरक्षण और आजीविका जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर ग्रामीणों को जागरूक करने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
उन्होंने आगामी नवांकुर सखी कार्यक्रम की रूपरेखा की जानकारी देते हुए सभी समितियों से इसे सफल बनाने का आह्वान किया।
कीटनाशकों के अत्यधिक प्रयोग से धरती को नुकसान: धुर्वे
कृषि विभाग से उपस्थित एडीओ पी.आर. धुर्वे ने प्रशिक्षण के दौरान जैविक कृषि के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने किसानों को जैविक खेती से होने वाले लाभों की जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि रासायनिक कीटनाशकों और उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से मिट्टी की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। इसके साथ ही पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि हम धरती को मां का दर्जा देते हैं, लेकिन अत्यधिक रासायनिक पदार्थों के उपयोग से उसी धरती को नुकसान पहुंचा रहे हैं। उन्होंने किसानों से जैविक खेती अपनाने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में योगदान देने की अपील की।

मृदा परीक्षण के आधार पर करें खेती: अंकित काले
कृषि विभाग के एईओ अंकित काले ने किसानों को मिट्टी परीक्षण के महत्व की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मृदा परीक्षण के आधार पर खेती करने से किसानों को भूमि की वास्तविक स्थिति और उसमें आवश्यक पोषक तत्वों की जानकारी मिलती है।
उन्होंने बताया कि मिट्टी की जरूरत के अनुसार खाद और पोषक तत्वों का उपयोग करने से कृषि लागत कम होती है और उत्पादन क्षमता बढ़ती है। साथ ही भूमि की उर्वरता को लंबे समय तक बनाए रखने में भी मदद मिलती है।
समितियों के कार्यों और आगामी योजनाओं पर हुई चर्चा
विकासखंड समन्वयक मधु चौहान ने आठनेर विकासखंड में ग्राम विकास प्रस्फुटन समितियों द्वारा किए जा रहे विभिन्न कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने आगामी अगस्त माह में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों और गतिविधियों की कार्ययोजना के बारे में बताया।
उन्होंने सभी समितियों से निर्धारित लक्ष्यों को समय-सीमा में पूरा करने और ग्राम विकास से जुड़े कार्यों को प्रभावी रूप से संचालित करने का आह्वान किया।
प्रशिक्षण में प्रतिभागियों की रही सक्रिय भागीदारी
प्रशिक्षण कार्यशाला के दौरान विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा मार्गदर्शन दिया गया। प्रतिभागियों ने भी संवाद और चर्चा में सक्रिय सहभागिता निभाई। कार्यक्रम के अंत में प्रशिक्षण में शामिल प्रतिभागियों को अतिथियों द्वारा प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
कार्यक्रम में नगर मंडल अध्यक्ष गोवर्धन राने, जनपद सदस्य राजू सलामें, कृषि विभाग के एईओ रूपेश साहू, सामाजिक कार्यकर्ता आशुतोष सिंह चौहान, नवांकुर संस्था अध्यक्ष कैलाश आजाद, दिनेश माकोड़े, सतीश ठाकरे, परामर्शदाता दिनेश साकरे, राधिका बारपेटे, अंकित सातपुते, दीपाली पातुलकर सहित बड़ी संख्या में प्रस्फुटन समिति सदस्य उपस्थित रहे।
ग्राम विकास और जनभागीदारी मजबूत करने का लिया संकल्प
कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण से प्राप्त जानकारी और मार्गदर्शन को अपने-अपने गांवों में जनहित एवं ग्राम विकास की गतिविधियों में उपयोग करने का संकल्प लिया।
सभी ने ग्रामों के सर्वांगीण विकास, जनभागीदारी को मजबूत करने और समाज के अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया। प्रशिक्षण कार्यक्रम ने ग्रामीण विकास, पर्यावरण संरक्षण और जैविक कृषि को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
