ओरछा के राम राजा मंदिर में 30 अक्टूबर से तीन दिवसीय रामलीला
सभ्यता फाउंडेशन और मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड का आयोजन; राष्ट्रीय स्तर की रामलीला मंडली पहली बार मंदिर में देगी प्रस्तुति
झांसी। ओरछा के ऐतिहासिक राम राजा मंदिर में 30 अक्टूबर से 1 नवंबर 2026 तक तीन दिवसीय रामलीला का आयोजन किया जाएगा। सभ्यता फाउंडेशन मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड के साथ मिलकर यह कार्यक्रम आयोजित कर रहा है। राष्ट्रीय स्तर पर पहचान रखने वाली शुभ प्रवेश इवेंट्स की रामलीला मंडली पहली बार मंदिर परिसर में प्रस्तुति देगी। पारंपरिक रंगमंच के माध्यम से रामायण के प्रसंगों को दर्शकों के सामने जीवंत किया जाएगा।
रामलीला प्रतिदिन शाम 7 बजे से रात 9:30 बजे तक होगी। मंदिर में दर्शकों का प्रवेश शाम 6 बजे से शुरू होगा। आयोजन सभी के लिए निःशुल्क रहेगा। आयोजकों के अनुसार, राम राजा मंदिर में होने वाली यह प्रस्तुति पर्यटकों और स्थानीय लोगों को ओरछा की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ने का अवसर देगी।
राम राजा मंदिर की परंपरा से जुड़ी प्रस्तुति
ओरछा का राम राजा मंदिर अपनी विशिष्ट धार्मिक परंपरा के लिए जाना जाता है। यहां भगवान राम की पूजा राजा के रूप में की जाती है और उन्हें ‘राजा राम’ कहा जाता है। ऐसे स्थान पर रामलीला का आयोजन केवल मंचीय प्रस्तुति तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि स्थानीय आस्था और रामायण की कथा के बीच संबंध को भी सामने लाएगा।
सभ्यता फाउंडेशन की सलाहकार मंडल की सह-अध्यक्ष अवंतिका डालमिया ने कहा कि ओरछा भारत के धार्मिक स्थलों में विशेष स्थान रखता है। उनके अनुसार, राम राजा मंदिर में रामलीला का आयोजन शहर की जीवंत परंपरा के साथ जुड़ने का माध्यम है। उन्होंने बताया कि फाउंडेशन ऐसे सांस्कृतिक अनुभव तैयार करने में विश्वास करता है, जो लोगों के लिए सुलभ हों और अपनी स्थानीय जड़ों से जुड़े हों। मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड के साथ ओरछा में पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाने की दिशा में यह फाउंडेशन का पहला सार्वजनिक आयोजन है।
मध्य प्रदेश में फाउंडेशन का पहला सार्वजनिक आयोजन
सभ्यता फाउंडेशन भारत की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को सांस्कृतिक अनुभवों के माध्यम से लोगों तक पहुंचाने के लिए काम करता है। भारत सरकार की ‘एडॉप्ट ए हेरिटेज 2.0’ पहल के तहत फाउंडेशन स्मारक सारथी के रूप में कार्य कर रहा है। इसके प्रयासों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन, ऐतिहासिक स्थलों की जानकारी उपलब्ध कराना और पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाना शामिल है।
फाउंडेशन ने दिल्ली के लाल किले में डालमिया भारत के साथ ‘जय हिंद’ साउंड एंड लाइट शो प्रस्तुत किया है, जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली। दिल्ली के सफदरजंग मकबरे, पुराने किले और महरौली पुरातत्व पार्क जैसे स्थलों पर भी फाउंडेशन काम कर रहा है। यहां ऐतिहासिक महत्व और वास्तुकला को ध्यान में रखते हुए पर्यटकों के लिए ऐसे अनुभव तैयार किए जाते हैं, जो उन्हें स्मारकों के इतिहास और परंपराओं से परिचित कराते हैं।
ओरछा की बुंदेला विरासत और परंपराओं से जुड़ाव
ओरछा में रामलीला आयोजन का उद्देश्य पर्यटकों को शहर के स्मारकों से आगे उसकी सांस्कृतिक परंपराओं और कहानियों से भी जोड़ना है। ओरछा की बुंदेला विरासत और धार्मिक परंपराएं आज भी शहर की पहचान का हिस्सा हैं। आयोजकों के मुताबिक, रामलीला के माध्यम से स्थल, प्रस्तुति और दर्शकों को एक साथ जोड़कर जीवंत परंपराओं को विरासत अनुभव का हिस्सा बनाया जाएगा।
मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड के साथ मिलकर सभ्यता फाउंडेशन ओरछा को प्रमुख विरासत पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के व्यापक दृष्टिकोण पर काम कर रहा है। इसमें शहर के ऐतिहासिक स्मारकों, धार्मिक महत्व और सांस्कृतिक परंपराओं को साथ रखकर पर्यटकों के लिए अधिक समृद्ध अनुभव तैयार करना शामिल है।
रामलीला मंडली को कई प्रमुख स्थलों पर प्रस्तुति का अनुभव
शुभ प्रवेश रामलीला मंडली को देश के प्रमुख सांस्कृतिक और धार्मिक स्थलों पर प्रस्तुति देने का अनुभव है। मंडली 2014 से दिल्ली के लाल किले में दिल्ली लव कुश और धार्मिक रामलीला समितियों के साथ प्रस्तुति देती आ रही है।
इसके पूर्व आयोजनों में 2017 में भोपाल में रामलीला, 2020 और 2021 में अयोध्या में आयोजित रामलीला तथा 2022 में चित्रकूट में चैत्र नवरात्रि के दौरान दी गई प्रस्तुति शामिल है। अयोध्या की 2020 और 2021 की रामलीला का प्रसारण दूरदर्शन नेशनल पर किया गया था।
आयोजकों को उम्मीद है कि राम राजा मंदिर में तीन दिनों तक होने वाली रामलीला से स्थानीय लोगों के साथ ओरछा आने वाले पर्यटक भी लाभान्वित होंगे। कार्यक्रम के जरिए शहर की सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक परंपरा को मंचीय प्रस्तुति के माध्यम से व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
