तेज रफ्तार डंपरों और उड़ती धूल से परेशान लोगों ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
वाहनों की गति नियंत्रित करने और खुले में हो रही ढुलाई पर रोक लगाने की मांग; कार्रवाई नहीं होने पर धरना-चक्काजाम की चेतावनी
संवाददाता: वैभव जैन मस्ताना
सिलवानी नगर से लगातार गुजर रहे तेज रफ्तार ट्रक और डंपरों से परेशान लोगों ने स्थानीय एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर समस्या के समाधान की मांग की है। क्षेत्रीय विकास परिषद और लघु व्यापार संघ के तत्वावधान में दिए गए ज्ञापन में भारी वाहनों की गति नियंत्रित करने, नियमों के विरुद्ध हो रही ढुलाई रोकने और उड़ती धूल पर नियंत्रण के लिए तत्काल कार्रवाई करने की मांग की गई।
ज्ञापन में बताया गया कि पहाड़ी क्षेत्र से बड़ी संख्या में ट्रक और डंपर सिलवानी नगर से होकर गुजरते हैं। इन वाहनों में कच्ची मिट्टी, रखड़, रेत और गिट्टी जैसी निर्माण सामग्री ढोई जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई वाहनों में सामग्री खुले रूप में ले जाई जाती है। इससे रास्ते में मिट्टी और धूल फैलती है तथा नगर के रिहायशी इलाकों में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
धूल से जनजीवन प्रभावित होने की शिकायत
लोगों के अनुसार, भारी वाहनों के आवागमन से सड़क पर धूल उड़ती रहती है। इसका असर बच्चों, बुजुर्गों और राहगीरों पर पड़ रहा है। ज्ञापन में आशंका जताई गई कि लगातार धूल के संपर्क में रहने से लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की कि सामग्री ढोने वाले वाहनों को ढंककर चलाने और सड़क पर धूल फैलने से रोकने के लिए संबंधित नियमों का पालन कराया जाए।
क्षेत्रीय विकास परिषद और लघु व्यापार संघ का कहना है कि नगर की सड़कों पर भारी वाहनों की आवाजाही से आम लोगों और व्यापारियों को भी दिक्कत होती है। धूल से दुकानों और आसपास के घरों में गंदगी पहुंचती है। सड़क से गुजरने वाले लोगों को भी धूल और तेज रफ्तार वाहनों के कारण सावधानी बरतनी पड़ती है। लोगों ने कहा कि समस्या लंबे समय से बनी हुई है, इसलिए केवल आश्वासन के बजाय नियमित निगरानी और ठोस कार्रवाई की जरूरत है।
तेज रफ्तार से दुर्घटना का खतरा
ज्ञापन में ट्रक और डंपरों की तेज रफ्तार को भी चिंता का कारण बताया गया। लोगों का कहना है कि घनी आबादी वाले हिस्सों से भारी वाहन तेज गति से गुजरते हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है। कई बार सड़क पर जाम की स्थिति भी बन जाती है। इससे राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी होती है तथा विवाद की स्थिति पैदा होने की आशंका रहती है।
लोगों ने प्रशासन से मांग की कि नगर के भीतर भारी वाहनों की गति नियंत्रित करने के लिए आवश्यक व्यवस्था की जाए। संबंधित मार्गों पर नियमों का पालन कराया जाए और परिवहन में लगे वाहनों की नियमित जांच हो। ज्ञापन में खुले में सामग्री ढोने और नियमों के विपरीत चल रहे वाहनों पर रोक लगाने की मांग भी शामिल है।
कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
ज्ञापन सौंपने वालों ने कहा कि यदि समस्या पर जल्द ध्यान नहीं दिया गया तो स्थानीय लोग धरना-प्रदर्शन और चक्काजाम करने के लिए मजबूर होंगे। उनका कहना है कि सड़क पर यातायात प्रभावित होने से आम लोगों को अतिरिक्त परेशानी हो सकती है, इसलिए प्रशासन समय रहते समस्या का समाधान करे। प्रतिनिधियों ने शासन-प्रशासन से लोगों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए उचित कदम उठाने का आग्रह किया।
एसडीएम ने प्रतिनिधियों को नियमानुसार कार्रवाई करने और लोगों की मांग पर ध्यान देने का भरोसा दिया। ज्ञापन सौंपते समय लघु व्यापार संघ अध्यक्ष सुनील वेधराज, क्षेत्रीय विकास परिषद अध्यक्ष आलोक श्रीवास्तव, वरिष्ठ नेता सलीम काजी, लुकमान, बृजेश रघुवंशी, लीला साहू, अंसार खान, शाहिद सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
