सोने के भाव रिकॉर्ड स्तर से करीब 20% नीचे, धनतेरस से पहले जयपुर के शोरूम में बढ़ी हलचल
कीमतों में आई नरमी से खरीदारी को लेकर ग्राहकों की दिलचस्पी बढ़ी; ऊंचे भाव के कारण कई परिवार कम वजन के गहने खरीदने पर दे रहे जोर
जयपुर। धनतेरस और दिवाली से पहले सोने की कीमतों में आई गिरावट ने सराफा बाजार में ग्राहकों की दिलचस्पी बढ़ा दी है। जयपुर के ज्वेलरी शोरूम में खरीदारी के लिए पहुंचने वालों की संख्या बढ़ी है। हालांकि, कीमतों में नरमी के बावजूद सोना अब भी महंगा है। ऐसे में कई ग्राहक बजट के अनुसार कम वजन के गहने खरीद रहे हैं। शादी वाले परिवारों में खरीदारी की जरूरत बनी हुई है, लेकिन कुछ लोग पहले की योजना के मुकाबले कम मात्रा में आभूषण ले रहे हैं।
रिकॉर्ड ऊंचाई से नीचे आया सोना
बाजार में सोने की कीमतों में आई गिरावट को हाल के रिकॉर्ड स्तरों से आई बड़ी नरमी के रूप में देखा जा रहा है। उपलब्ध बाजार रिपोर्टों के अनुसार, सोने का भाव वर्ष के ऊंचे स्तर से करीब 20 प्रतिशत तक नीचे आया है। हालांकि, यह गिरावट रिकॉर्ड स्तर से तुलना पर आधारित है; इसे हर शहर के खुदरा भाव में एक जैसी 20 प्रतिशत कमी नहीं समझना चाहिए। सोने के स्थानीय भाव में शहर, कैरेट, कारोबारी दर और आभूषण पर लगने वाले अतिरिक्त शुल्क के कारण अंतर हो सकता है।
जयपुर के ग्राहकों को कीमतों में आई नरमी से कुछ राहत जरूर मिली है। धनतेरस और शादी के सीजन से पहले खरीदारी की योजना बना रहे परिवारों को उम्मीद है कि मौजूदा भाव में गहने लेने से उनका बजट संभल सकता है। बाजार में यह धारणा भी है कि त्योहारी और वैवाहिक मांग बढ़ने पर कीमतों में फिर उतार-चढ़ाव हो सकता है। हालांकि, भविष्य में सोने या चांदी के भाव किस दिशा में जाएंगे, इसकी निश्चित भविष्यवाणी नहीं की जा सकती।
शोरूम में बढ़ी ग्राहकों की आवाजाही
त्योहारी खरीदारी का असर ज्वेलरी शोरूमों में दिखने लगा है। ग्राहक गहनों के डिजाइन और वजन के साथ-साथ कुल कीमत की तुलना कर रहे हैं। शादी की खरीदारी करने आए परिवार पारंपरिक आभूषणों के अलावा हल्के डिजाइन भी देख रहे हैं, ताकि जरूरी गहने खरीदे जा सकें और खर्च तय बजट के भीतर रहे।
कीमतें कुछ नीचे आने के बाद भी ग्राहक पूरी खरीदारी एक साथ करने से बच रहे हैं। कई लोग जरूरत के हिसाब से गहने चुन रहे हैं और पहले की अपेक्षा कम वजन के विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। इस तरह खरीदारी का निर्णय केवल भाव में गिरावट पर निर्भर नहीं है; परिवार का बजट, शादी की जरूरत और आभूषण का वजन भी अहम भूमिका निभा रहे हैं।
महंगे भाव से खरीदारी की मात्रा पर असर
सोने की कीमतों में गिरावट का मतलब यह नहीं है कि आभूषण अब हर परिवार के बजट में आसानी से आ गए हैं। ऊंचे भावों के कारण मध्यमवर्गीय ग्राहकों को खर्च का हिसाब लगाकर खरीदारी करनी पड़ रही है। कुछ ग्राहक भारी गहनों की जगह हल्के आभूषण चुन रहे हैं, जबकि कुछ लोग खरीदारी को जरूरी वस्तुओं तक सीमित रख रहे हैं।
शादी वाले परिवारों के लिए स्थिति अलग है। उनके सामने तय समय में खरीदारी पूरी करने की जरूरत रहती है, इसलिए भाव घटने पर वे बाजार का रुख कर रहे हैं। फिर भी कई परिवार बजट को देखते हुए कम मात्रा में गहने खरीद रहे हैं। त्योहार के लिए सिक्के या छोटे आभूषण लेने वाले ग्राहक भी अपनी जरूरत और उपलब्ध रकम के अनुसार विकल्प चुन रहे हैं।
चांदी के भाव और बाजार का रुख
सोने के साथ चांदी की कीमतों में भी उतार-चढ़ाव का असर त्योहारी बाजार पर पड़ रहा है। चांदी के सिक्के, बर्तन और उपहार खरीदने वाले ग्राहक भाव पूछकर खरीदारी कर रहे हैं। हाल के बाजार कवरेज में चांदी के दामों में नरमी का उल्लेख हुआ है, लेकिन अलग-अलग बाजारों में भाव अलग हो सकते हैं। इसलिए खरीदारी से पहले स्थानीय शोरूम से उस दिन का भाव जानना उचित है।
ज्वेलरी खरीदते समय ग्राहक सोने की शुद्धता, हॉलमार्क, वजन और बिल की जानकारी ध्यान से जांचें। आभूषण की अंतिम कीमत में सोने के भाव के अलावा मेकिंग चार्ज और लागू कर भी शामिल हो सकते हैं। इसलिए केवल प्रति दस ग्राम के भाव के आधार पर अलग-अलग दुकानों की कीमत की तुलना पूरी तस्वीर नहीं देती।
फिलहाल कीमतों में आई नरमी ने जयपुर के बाजार में खरीदारी की हलचल बढ़ाई है। धनतेरस और दिवाली से पहले ग्राहकों की आवाजाही जारी है, जबकि महंगे भाव परिवारों को कम वजन और तय बजट के विकल्पों की ओर ले जा रहे हैं।
