दमोह में महर्षि वाल्मीकि प्रकटोत्सव पर निकली भव्य शोभायात्रा, जगह-जगह हुआ स्वागत
कोमल अहिरवार, जिला ब्यूरो चीफ
दमोह। आदिकवि महर्षि वाल्मीकि के प्रकटोत्सव पर सोमवार को दमोह में भव्य शोभायात्रा निकाली गई। वाल्मीकि जयंती आयोजन समिति और स्वतंत्र वाल्मीकि समाज जिला परिषद, दमोह के संयुक्त आयोजन में निकली यात्रा में समाज के साथ विभिन्न जाति-वर्गों के महिला-पुरुष शामिल हुए। जिले के सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों और विभिन्न राजनीतिक दलों के जनप्रतिनिधियों ने पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया।
प्रभात फेरी के बाद निकली शोभायात्रा
आयोजन के तहत 25 अक्टूबर, रविवार को दोपहर 4 बजे वाहन रैली निकाली गई थी। सोमवार 26 अक्टूबर को सुबह 8 बजे वाल्मीकि टेकरी से प्रभात फेरी निकाली गई। इसके बाद दोपहर 1 बजे भव्य शोभायात्रा शुरू हुई। इसमें बड़ी संख्या में समाजजन और अन्य नागरिक शामिल हुए। मार्ग में जगह-जगह सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने पुष्पवर्षा कर महर्षि वाल्मीकि की शोभायात्रा का स्वागत किया।
आयोजन समिति के अनुसार, महर्षि वाल्मीकि प्रकटोत्सव के अवसर पर वाहन रैली, प्रभात फेरी, शोभायात्रा, शिक्षा सम्मान पुरस्कार, सांस्कृतिक कार्यक्रम और भंडारे सहित विभिन्न कार्यक्रम रखे गए। आयोजकों ने जिलेवासियों से इन कार्यक्रमों में शामिल होकर आयोजन को सफल बनाने का अनुरोध किया।
शिक्षा सम्मान और सांस्कृतिक कार्यक्रम
सोमवार रात 8 बजे शिक्षा सम्मान पुरस्कार और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाने का कार्यक्रम रखा गया। प्रकटोत्सव के आयोजनों में शिक्षा को प्रोत्साहित करने और समाज के लोगों की सहभागिता बढ़ाने पर जोर दिया गया। शोभायात्रा में सभी वर्गों के लोगों की मौजूदगी ने आयोजन को सामूहिक स्वरूप दिया।
कार्यक्रमों में एडवोकेट अवतार वाल्मीकि, अजय हारिया, काशीराम हारिया, एडवोकेट बलराम करोसिया, महेश सारिया, परसादी हारिया (पथरिया), राजू खरारे, हजारी सपेरा, उत्तम सपेरा, धर्मेंद्र सपेरा और प्रवेश करोसिया (हटा) सहित अनेक अतिथि शामिल हुए।
इसके अलावा कनई हारिया (लखरौनी), लक्ष्मण करोसिया (जगयर), श्रीराम बोहत, जग्गू पयरोल (केरबना), चिन्नू करोसिया, पूरन करोसिया (गूगरा), फालचंद्र पथरोल, बलराम पथरोल (बटियागढ़), अनौखे लाल, संतोष डागौर, छिग्गे लाल और मूलचंद्र पारौचे (नरसिंहगढ़) भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।
संतोष पारौचे, धीरज, मिठूलाल (खड़ेरी), बल्कू कछवाहा, मकुन्दी चौहान (किशुनगंज), शालिगराम पारौचे (पिपरौधा), कालीचरण, मुकेश कछवाहा (खजरी), संजय डागौर (फुटेरा), मोहन पारौचे, अशोक पारौचे, राजेंद्र पारौचे, महेश सनकत और हीरालाल पारौचे (नोहटा) ने भी सहभागिता की।
नितेश कछवाह (बनवार), रोशन नाहर, घनश्याम नाहर (गैसाबाद), मुकेश ओमप्रकाश चुटेले (रनेह), भगवानदास करोसिया, रामलोटन (मड़ियादो), देवेंद्र घारू, अरविंद घारू (हिनौता), कालूराम सपेरा, लक्ष्मण सपेरा और मुकेश चुटेले (पटेरा) सहित समाज के अन्य लोग भी आयोजन में शामिल हुए। लक्ष्मण करोसिया, गणेश खरारे, चंद्रशेखर (हिंडोरिया), पर्वत डागौर, राजेश डागौर (कुड़ई), नीरज सोना कछवाहा और चंदन कछवाहा (बांदकपुर) सहित दमोह जिले के वाल्मीकि समाज के सदस्यों ने कार्यक्रम में भाग लिया।
27 अक्टूबर को होगा भंडारा
आयोजन के अंतिम चरण में मंगलवार 27 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे से शाम 6 बजे तक विशाल भंडारे का कार्यक्रम रखा गया है। यह वाल्मीकि वार्ड, नया बाजार नंबर 3, गाड़ीखाना, दमोह में आयोजित होगा। आयोजकों ने सामाजिक महिला-पुरुषों और जिलेवासियों को भंडारे में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है।
सभी कार्यक्रमों का आयोजन वाल्मीकि समाज जिला दमोह की ओर से किया गया। आयोजन समिति ने शोभायात्रा में शामिल समाजजनों, नागरिकों, सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया।
