रायपुर में स्मृति ईरानी ने मंत्रियों को दिए सख्त निर्देश, सांसद-विधायकों के काम तुरंत करने को कहा
रायपुर। बीजेपी की बैठक में स्मृति ईरानी ने विधायकों से मिले फीडबैक पर नाराजगी जताई और मंत्रियों को जनप्रतिनिधियों से जुड़े काम प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सांसदों और विधायकों के काम समय पर नहीं होने से जनता के बीच गलत संदेश जाता है। बैठक में मंत्रियों से जनप्रतिनिधियों के कामकाज की रिपोर्ट तैयार करने और अपने प्रभार वाले जिलों का नियमित दौरा करने को भी कहा गया।
विधायकों के फीडबैक पर जताई नाराजगी
बैठक के दौरान विधायकों से मिले फीडबैक पर चर्चा हुई। इस फीडबैक में जनप्रतिनिधियों के काम समय पर नहीं होने का मुद्दा सामने आया। स्मृति ईरानी ने इस पर नाराजगी जताते हुए मंत्रियों को निर्देश दिए कि सांसदों और विधायकों से जुड़े कामों को तत्काल देखा जाए। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों के काम लंबित रहने से जनता के बीच सरकार और संगठन को लेकर गलत संदेश जा सकता है।
बैठक में दिए गए निर्देशों का केंद्र जनप्रतिनिधियों और मंत्रियों के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखना रहा। विधायकों और सांसदों को अपने क्षेत्र के लोगों से लगातार मिलना होता है। ऐसे में क्षेत्र से जुड़े कामों को समय पर आगे बढ़ाना जरूरी है। फीडबैक के आधार पर मंत्रियों से कहा गया कि वे लंबित मामलों की जानकारी लें और उनका समाधान प्राथमिकता से कराएं।
जनप्रतिनिधियों के कामकाज की रिपोर्ट तैयार करने को कहा
स्मृति ईरानी ने मंत्रियों को जनप्रतिनिधियों के कामकाज की रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश भी दिए। रिपोर्ट के जरिए यह जानकारी सामने लाने को कहा गया कि सांसदों और विधायकों से जुड़े कामों की स्थिति क्या है और किन मामलों में कार्रवाई की जरूरत है। इससे संबंधित कामों की प्रगति पर नजर रखने और लंबित विषयों की पहचान करने में मदद मिल सकती है।
बैठक में यह निर्देश भी दिया गया कि जनप्रतिनिधियों के काम को केवल शिकायत या फीडबैक तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उसकी स्थिति की नियमित समीक्षा की जाए। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मंत्रियों को कहा गया कि वे रिपोर्ट तैयार कर कामकाज को व्यवस्थित तरीके से देखें। इससे यह पता चल सकेगा कि कौन से काम पूरे हुए हैं और किन मामलों में आगे की कार्रवाई बाकी है।
प्रभार वाले जिलों का नियमित दौरा करने के निर्देश
स्मृति ईरानी ने मंत्रियों से अपने प्रभार वाले जिलों का नियमित दौरा करने को कहा। जिला दौरे के दौरान स्थानीय स्तर पर सामने आने वाली समस्याओं और जनप्रतिनिधियों के फीडबैक को समझने का अवसर मिलता है। निर्देशों के अनुसार, मंत्रियों को जिलों में जाकर कामकाज की स्थिति देखनी होगी और स्थानीय मुद्दों पर ध्यान देना होगा।
प्रभार वाले जिलों का नियमित दौरा करने से जिला स्तर पर चल रहे कामों की जानकारी लेने में मदद मिल सकती है। साथ ही, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय स्तर के कार्यकर्ताओं से संवाद के जरिए समस्याओं को समझा जा सकता है। बैठक में इस जिम्मेदारी को नियमित रूप से निभाने पर जोर दिया गया।
जनता तक सही संदेश पहुंचाने पर जोर
स्मृति ईरानी ने कहा कि सांसदों और विधायकों के काम नहीं होने से जनता के बीच गलत संदेश जाता है। जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्रों से जुड़े मुद्दे और लोगों की मांगें सरकार तक पहुंचाते हैं। यदि इन कामों पर समय रहते ध्यान नहीं दिया जाता, तो इसका असर जनता की धारणा पर पड़ सकता है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए मंत्रियों से कामों को तुरंत देखने और रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया।
रायपुर में हुई बैठक के दौरान दिए गए इन निर्देशों में जनप्रतिनिधियों के फीडबैक पर कार्रवाई, कामकाज की रिपोर्ट और जिलों के नियमित दौरे पर विशेष जोर रहा। मंत्रियों को कहा गया कि वे इन बिंदुओं पर ध्यान देकर सांसदों और विधायकों से जुड़े काम समय पर आगे बढ़ाएं। बैठक में सामने आए निर्देशों का उद्देश्य जनप्रतिनिधियों के कामकाज और जनता तक पहुंचने वाले संदेश को बेहतर बनाए रखना है।
