शरद पूर्णिमा पर गुरु महाराज को अर्पित किए 56 भोग, कवि सम्मेलन में बही काव्य रसधारा — दैनिक स्वराज वाणी
रात 12 बजे महाआरती के बाद वितरित हुई खीर की प्रसादी, हजारों श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
पड़ाना। शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर ग्राम सुल्तानिया स्थित गुरु महाराज समाधि स्थल गुरुधाम में श्रद्धा और भक्ति के साथ धार्मिक आयोजन किया गया। रविवार को सुबह 11 बजे से रात 11 बजे तक विशाल भंडारा चला। शाम 8 बजे से आयोजित कवि सम्मेलन में गीत, गजल, हास्य और देशभक्ति की कविताओं ने श्रोताओं को देर रात तक बांधे रखा। रात 12 बजे गुरु टेकचंद दास जी महाराज की महाआरती कर उन्हें 56 भोग अर्पित किए गए। इसके बाद श्रद्धालुओं को चंद्रमा की रोशनी में खीर की प्रसादी वितरित की गई।
आयोजन में आसपास के गांवों सहित दूर-दराज से हजारों श्रद्धालु पहुंचे। उन्होंने गुरु महाराज के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की। गुरु महाराज के बाग परिसर में आकर्षक विद्युत सजावट की गई थी। धार्मिक अनुष्ठानों और कवि सम्मेलन के कारण मंदिर परिसर में दिनभर उत्सव जैसा माहौल रहा।
कवियों ने गीत, गजल और हास्य से बांधा समां
कवि सम्मेलन की शुरुआत कवि हुकुम सिंह गुर्जर बंजारी ने मां सरस्वती की वंदना से की। इसके बाद मालवा के सुप्रसिद्ध गीतकार सुरेश बीरमाल ने मधुर गीत प्रस्तुत किए। उनकी पंक्तियों—“तन कागज पर मैंने कई दर्दीले गीत लिखे हैं, कभी मिलोगे तो कह दूंगा, वरना मेरे पास रखे हैं”—को श्रोताओं ने खूब सराहा।
कवि राजेश यादव ‘राज’ ने धार्मिक भजन प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय बनाया। सुरेश बम ने हास्य-व्यंग्य और चुटीली रचनाओं से श्रोताओं को गुदगुदाया। ब्यावरा के डालचंद मनमौजी ने अपनी प्रस्तुतियों से तालियां बटोरीं, वहीं कवयित्री रचना माहेश्वरी ने शेर-शायरी के माध्यम से श्रोताओं का ध्यान आकर्षित किया।
कार्यक्रम का संचालन कर रहे मिथुन मिथिलेश ने वीर रस की कविताओं के जरिए देशभक्ति का संदेश दिया। कवि सम्मेलन में गीत, गजल, हास्य और ओजपूर्ण रचनाओं की प्रस्तुतियों से पंडाल देर रात तक गूंजता रहा।
महाआरती के बाद खीर प्रसादी का वितरण
शरद पूर्णिमा पर गुरु टेकचंद दास जी महाराज को विधि-विधान से 56 भोग अर्पित किए गए। रात 12 बजे हुई महाआरती के लिए सर्वाधिक 11 हजार रुपये की बोली हीरालाल नागर ने लगाई। इसके बाद श्रद्धालुओं ने आरती में भाग लिया और गुरु महाराज का आशीर्वाद लिया। पूर्णिमा के चंद्रमा की रोशनी में खीर की प्रसादी वितरित की गई। प्रसादी ग्रहण करने के लिए श्रद्धालुओं की कतार लगी रही।
मानव सेवा समिति सुल्तानिया के अध्यक्ष गिरवर सिंह नागर और समिति सदस्यों ने मंदिर के पुजारी तथा उपस्थित ब्राह्मणों का साफा बांधकर और पुष्पमालाओं से स्वागत किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सांसद रोडमल नागर सहित अन्य अतिथियों का भी आयोजन समिति की ओर से पुष्पमालाओं से स्वागत-सम्मान किया गया।
समिति सदस्यों ने संभाली व्यवस्थाएं
विशाल भंडारे की व्यवस्था नारायण सिंह भंडारी, बालचंद भंडारी, त्रिलोकचंद भंडारी, भंवरलाल अध्यापक, अनोख सिंह नागर, हरि सिंह नागर और प्रेम सिंह भिलाला अध्यापक ने संभाली। 56 भोग की व्यवस्था रोडमल तार वाले ने की। विद्युत सजावट की जिम्मेदारी रोडमल बाड़ा वाले ने निभाई, जबकि चाय-पान की व्यवस्था राहुल पेंटर और रोडमल विश्वकर्मा ने संभाली।
आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता की। धार्मिक अनुष्ठान, भंडारे, कवि सम्मेलन और प्रसादी वितरण ने शरद पूर्णिमा के पर्व को भक्तिमय और सांस्कृतिक रंगों से भर दिया।
