सुभाष घई ने पूरी की अपनी अगली फिल्म ‘मान्या’, मुक्ता आर्ट्स की 48वीं वर्षगाँठ पर जारी हुआ नया लुक पोस्टर
मुंबई, अक्टूबर 2026
‘मान्या’ पूरी, नया लुक पोस्टर जारी
भारतीय सिनेमा में 50 साल पूरे करने की ओर अग्रसर सुभाष घई ने अपनी अगली फिल्म ‘Manya’ पूरी कर ली है। मुक्ता आर्ट्स की 48वीं वर्षगाँठ पर फिल्म का नया लुक पोस्टर जारी किया गया है। इसी के साथ ‘इकबाल’ के लगभग दो दशक बाद श्रेयस तलपड़े की मुक्ता आर्ट्स में दमदार वापसी हुई है।
संवेदनशील और मानवीय कहानियों के फिल्मकार
सुभाष घई उन चुनिंदा फिल्मकारों में से हैं, जिन्होंने अपनी संवेदनशील और मानवीय कहानियों के जरिए दर्शकों के दिलों को छुआ है। उनकी फिल्मों में ‘कालीचरण’, ‘कर्ज़’, ‘हीरो’, ‘परदेस’ और ‘ताल’ जैसी मुख्यधारा की मनोरंजक फिल्में शामिल हैं। वहीं ‘इकबाल’, ‘ब्लैक एंड व्हाइट’ और ‘जॉगर्स पार्क’ जैसी छोटी और सामाजिक मुद्दों पर आधारित फिल्में भी उनके नाम हैं।
मुक्ता आर्ट्स के माध्यम से उन्होंने फिल्म निर्माण, वितरण, प्रदर्शन और फिल्म शिक्षा तक फैला एक व्यापक व्यवसाय भी खड़ा किया है।
मुक्ता आर्ट्स का विस्तार
मुक्ता आर्ट्स ने 24 अक्टूबर को अपनी 48वीं वर्षगाँठ मनाई। कंपनी अब एनिमेटेड फीचर फिल्मों, फीचर फिल्मों, ओटीटी सीरीज़ और डॉक्यूमेंट्रीज़ के क्षेत्र में विस्तार कर रही है। इनमें से कई प्रोजेक्ट्स की जानकारी जल्द ही दर्शकों को मिलेगी।
इस साल सुभाष घई संजय दत्त के साथ ‘खलनायक रिटर्न्स’ और अनिल कपूर के साथ एक कोर्टरूम ड्रामा पर काम कर रहे हैं। इसके अलावा कई अन्य प्रोजेक्ट्स भी विकास के विभिन्न चरणों में हैं।
‘इकबाल’ के दो दशक बाद फिर साथ
शोमैन सुभाष घई और श्रेयस तलपड़े ‘इकबाल’ के लगभग दो दशक बाद फिल्म ‘मान्या’ के लिए एक बार फिर साथ आए हैं।
क्या है ‘मान्या’ की कहानी
‘मान्या’ एक किशोर लड़के के जीवन पर केंद्रित है। यह फिल्म अपराध से परे जाकर उसके पीछे छिपी मानवीय कहानी को सामने लाने का वादा करती है। समीर जोशी के निर्देशन में बनी इस फिल्म को मुक्ता आर्ट्स, पुनीत अग्रवाल और राहुल पुरी ने स्लो बर्न एंटरटेनमेंट के सहयोग से निर्मित किया है। फिल्म में ‘दृश्यम 3’ से जुड़ीं संवेदना सुवालका के साथ दिव्या शर्मा, प्रियदर्शिनी पूजा और जोहेब फारूकी भी अहम भूमिकाओं में नजर आएँगे।
सुभाष घई का बयान
‘मान्या’ के बारे में बात करते हुए घई ने कहा, “यह महत्वपूर्ण पड़ाव मुक्ता आर्ट्स की यात्रा में एक नई और खास शुरुआत का प्रतीक है। आगे कई रोमांचक प्रोजेक्ट्स आने वाले हैं, जिनमें ऐसी कहानियाँ शामिल हैं, जो जीवन में बहुत मायने रखती हैं। इनमें सबसे पहली फिल्म ‘मान्या’ है।”
उन्होंने कहा, “लगभग दो दशक बाद श्रेयस के साथ काम करना शानदार अनुभव रहा। इससे मुझे उनकी प्रतिभा और अभिनय के व्यापक दायरे को एक बार फिर करीब से देखने का मौका मिला। फिल्म की पूरी कास्ट ने भी अपने शानदार अभिनय से कहानी में गहराई जोड़ी है। नए और उभरते हुए कलाकारों में अपार संभावनाएँ हैं। मैं दर्शकों को अपनी नजरों से मान्या का सफर दिखाने के लिए बेहद उत्साहित हूँ।”
आगे की राह
इस साल भारतीय सिनेमा में अपने 50 साल पूरे करने जा रहे घई के लिए ‘मान्या’ उनके सफर में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित होने वाली है। आने वाले समय में अन्य प्रोजेक्ट्स की भी घोषणा की जाएगी। मुक्ता आर्ट्स सिनेमा की नई लहर के साथ कदम मिलाते हुए अपनी पुरानी परंपराओं और मूल्यों को बरकरार रख रहा है, यानी ऐसी कहानियों के जरिए दर्शकों का मनोरंजन करना, जो वास्तव में मायने रखती हैं।
