सोने-चांदी में बड़ी गिरावट: चांदी ₹2 लाख से नीचे, सोना ₹1.42 लाख के करीब
बीते सप्ताह MCX पर चांदी 7.14% और सोना करीब 4% टूटा; फेड बैठक से पहले बाजार में उतार-चढ़ाव
नई दिल्ली। त्योहारों के मौसम में सोना-चांदी खरीदने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए बीता सप्ताह कीमतों में बड़ी गिरावट लेकर आया। घरेलू वायदा बाजार यानी मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी का भाव ₹2 लाख प्रति किलोग्राम के नीचे आ गया, जबकि सोना ₹1.42 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास रहा। हालांकि सोमवार, 26 अक्टूबर को शुरुआती कारोबार में दोनों धातुओं में हल्की तेजी दर्ज की गई। सुबह 11:16 बजे MCX पर सोना ₹1,42,691 प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹1,96,200 प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही थी। ये वायदा भाव हैं; शहरों में गहनों के खुदरा दाम अलग हो सकते हैं।
एक सप्ताह में चांदी ₹15 हजार से ज्यादा टूटी
बीते सप्ताह MCX पर दिसंबर डिलीवरी वाला सोना ₹5,768 यानी करीब 4% गिरकर ₹1.42 लाख प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। चांदी में गिरावट और तेज रही। इसका भाव ₹15,087 यानी 7.14% टूटकर ₹1.96 लाख प्रति किलोग्राम पर आ गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी पर दबाव देखने को मिला। COMEX पर दिसंबर डिलीवरी वाला सोना सप्ताह के दौरान 4.14% गिरा, जबकि चांदी करीब 6% नीचे बंद हुई।
सोमवार को घरेलू बाजार में हल्की तेजी के बावजूद कीमतें पिछले सप्ताह की गिरावट के बाद निचले स्तरों के आसपास बनी रहीं। इसलिए खरीदारी करने वालों के लिए यह समझना जरूरी है कि दिन के दौरान वायदा भाव बदल सकते हैं और ज्वेलरी की दुकान पर मिलने वाला अंतिम भाव शुद्धता, मेकिंग चार्ज और अन्य शुल्कों के कारण अलग हो सकता है।
कच्चे तेल की तेजी से बढ़ी महंगाई की चिंता
कीमती धातुओं में गिरावट की एक वजह कच्चे तेल की ऊंची कीमतें बताई जा रही हैं। तेल महंगा होने से महंगाई बढ़ने की आशंका मजबूत होती है। ऐसी स्थिति में केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा रख सकते हैं या आगे दरें बढ़ाने पर विचार कर सकते हैं। ऊंची ब्याज दरों और मजबूत अमेरिकी डॉलर से सोने जैसी धातुओं पर दबाव पड़ सकता है, क्योंकि सोना ब्याज नहीं देता और निवेशकों को अन्य विकल्प आकर्षक लग सकते हैं।
पिछले सप्ताह बॉन्ड यील्ड और डॉलर की मजबूती ने भी बुलियन बाजार की तेजी को सीमित किया। बाजार की नजर अमेरिका के फेडरल रिजर्व की 27 और 28 अक्टूबर की बैठक पर है। निवेशक ब्याज दरों के फैसले के साथ फेड चेयर की टिप्पणी से आगे की नीति के संकेत तलाशेंगे।
चांदी पर औद्योगिक मांग का भी असर
चांदी की कीमत पर निवेश मांग के साथ औद्योगिक उपयोग का असर भी पड़ता है। बाजार विश्लेषकों के मुताबिक, औद्योगिक धातुओं में कमजोरी और कुछ उद्योगों में चांदी की मांग घटने की आशंका ने भी इसकी कीमत को प्रभावित किया। चांदी में पिछले सप्ताह सोने से अधिक गिरावट इसी दबाव को दर्शाती है।
आगे बाजार में उतार-चढ़ाव संभव
विश्लेषकों के अनुसार, आने वाले दिनों में सोने-चांदी की दिशा कच्चे तेल, डॉलर, बॉन्ड यील्ड और अमेरिकी फेड के संकेतों पर निर्भर कर सकती है। यदि फेड का रुख सख्त रहा, तो डॉलर और यील्ड को समर्थन मिल सकता है तथा बुलियन पर दबाव बना रह सकता है। इसके विपरीत, नरम संकेत मिलने पर कीमतों में राहत या सुधार संभव है। बाजार में आगे भी उतार-चढ़ाव रह सकता है; इसलिए केवल एक दिन के भाव को भविष्य की दिशा का संकेत नहीं माना जा सकता।
