सिलवानी में मां महाकाली की भव्य अगवानी, राजमाता परिवार और मां बिजासन ग्रुप ने किया स्वागत
गांधी चौक पर पूजा-अर्चना कर शोभायात्रा में शामिल लोगों का सम्मान; देवनगर से आई देवी प्रतिमा बोरास घाट विसर्जन के लिए रवाना हुई
वैभव जैन मस्ताना
सिलवानी रायसेन जिले के देवनगर से आई मां महाकाली की विशाल प्रतिमा का सिलवानी नगर में भव्य स्वागत किया गया। राजमाता परिवार एवं मां बिजासन ग्रुप, गांधी चौक के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में युवाओं और नगरवासियों ने उत्साह के साथ देवी मां की अगवानी की। इस अवसर पर करीब 500 लोगों का स्वागत और सम्मान किया गया। पूजन और आरती के बाद शोभायात्रा सिलवानी से आगे मां नर्मदा के तट पर स्थित बोरास घाट के लिए रवाना हुई।
दशहरा के बाद देवनगर की मां महाकाली की शोभायात्रा सिलवानी नगर से होकर निकली। देवी प्रतिमा को देखने और दर्शन करने के लिए रास्ते में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। नगर आगमन पर गांधी चबूतरा स्थित मंच पर राजमाता परिवार और मां बिजासन ग्रुप के सदस्यों ने देवी मां का स्वागत किया। आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की और आरती कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की।
तिलक और श्रीराम दुपट्टा भेंट कर किया सम्मान
कार्यक्रम में बाहर से आए अतिथियों और शोभायात्रा में शामिल समिति के सदस्यों का तिलक लगाकर स्वागत किया गया। उन्हें श्रीराम दुपट्टा भेंट कर सम्मानित किया गया। आयोजन से जुड़े सदस्यों ने कहा कि मां महाकाली की शोभायात्रा का सिलवानी पहुंचना नगर के लिए श्रद्धा और उत्साह का अवसर रहा। नगरवासियों ने मिलकर देवी मां के दर्शन किए और शोभायात्रा में शामिल लोगों का अभिनंदन किया।
राजमाता परिवार एवं मां बिजासन ग्रुप के सदस्य कार्यक्रम में उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर स्वागत की व्यवस्थाओं में सहभागिता की। गांधी चौक पर श्रद्धालुओं के जुटने से धार्मिक माहौल बना रहा। देवी मां की आरती और पूजन के दौरान भक्तों ने श्रद्धा के साथ भाग लिया। युवाओं ने भी स्वागत कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर सहयोग किया।
झांकियों के निर्माण में सहयोग करने वालों का भी सम्मान
नगर में देवी उत्सव के दौरान झांकियों के निर्माण और आयोजन में सहयोग देने वाले लोगों को भी मंच पर सम्मानित किया गया। पूर्व पार्षद, युवा सामाजिक कार्यकर्ता और मां बिजासन मंदिर समिति के पूर्व अध्यक्ष नीरज नेमा के नेतृत्व में सम्मान कार्यक्रम आयोजित हुआ। झांकियों के निर्माण में योगदान देने वाले लोगों का स्वागत कर उनके सहयोग की सराहना की गई।
आयोजकों ने कहा कि धार्मिक आयोजनों में सामूहिक सहयोग से नगर की परंपराएं और उत्सव आगे बढ़ते हैं। झांकियों के निर्माण में अनेक लोगों का श्रम और समय लगता है। ऐसे सहयोगियों का सम्मान करने का उद्देश्य उनके योगदान को पहचान देना और भविष्य में भी लोगों को सामाजिक तथा धार्मिक गतिविधियों से जोड़ना है।
नर्मदा तट पर विसर्जन के लिए रवाना हुई शोभायात्रा
सिलवानी में स्वागत और पूजन के बाद मां महाकाली की शोभायात्रा आगे बढ़ी। प्रतिमा को उदयपुरा के पास बोरास घाट ले जाया गया, जहां मां नर्मदा के तट पर विसर्जन किया जाना था। यात्रा के दौरान श्रद्धालु देवी मां के दर्शन के लिए जुटे रहे। नगर से शोभायात्रा के गुजरने पर भक्तों ने श्रद्धा व्यक्त की और आयोजन में शामिल लोगों का अभिनंदन किया।
कार्यक्रम में हजारों की संख्या में मां के भक्त उपस्थित रहे। श्रद्धालुओं ने देवी मां के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। राजमाता परिवार और मां बिजासन ग्रुप की ओर से किए गए स्वागत और सम्मान कार्यक्रम में नगर के लोगों ने भी सहभागिता की। पूरे आयोजन में धार्मिक उत्साह और भक्ति का वातावरण बना रहा।
देवनगर की मां महाकाली की शोभायात्रा का सिलवानी से होकर गुजरना नगरवासियों के लिए विशेष अवसर रहा। गांधी चौक पर आयोजित अगवानी कार्यक्रम में पूजन, आरती और सम्मान के माध्यम से श्रद्धालुओं ने देवी मां के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। इसके बाद शोभायात्रा बोरास घाट की ओर रवाना हुई।
