दुर्ग में SDM की कार्रवाई, अचानकपुर के सरपंच देवानंद साहू निलंबित
उतई थाने में अपराध दर्ज होने के बाद भेजे गए थे जेल; पंचों और जनपद पंचायत की शिकायत पर पंचायत राज अधिनियम की धारा 40 के तहत कार्रवाई
दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के पाटन क्षेत्र की अचानकपुर ग्राम पंचायत के सरपंच देवानंद साहू को निलंबित कर दिया गया है। एसडीएम नीरनिधि नंदेहा ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी किया। सरपंच के खिलाफ उतई थाने में अपराध दर्ज होने के बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया था। इसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया और वे न्यायिक अभिरक्षा में हैं।
सरपंच के जेल में रहने से ग्राम पंचायत के कामकाज और विकास कार्य प्रभावित होने की शिकायत सामने आई थी। गांव के पंचों और जनपद पंचायत की ओर से इस संबंध में शिकायत की गई। शिकायतों और उपलब्ध जानकारी के आधार पर एसडीएम ने छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम की धारा 40 के तहत कार्रवाई की। निलंबन का आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है।
जेल में रहने से पंचायत के कामकाज पर असर
अचानकपुर ग्राम पंचायत के सरपंच देवानंद साहू न्यायिक अभिरक्षा में होने के कारण पंचायत से जुड़े दायित्वों का नियमित रूप से निर्वहन नहीं कर पा रहे थे। पंचायत के निर्वाचित प्रतिनिधियों और जनपद पंचायत की शिकायत में कहा गया कि उनकी अनुपस्थिति से पंचायत के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इसके बाद प्रशासन ने मामले की समीक्षा की और सरपंच के निलंबन का निर्णय लिया।
ग्राम पंचायत स्तर पर विकास कार्यों की निगरानी और स्थानीय प्रशासन से समन्वय की जिम्मेदारी सरपंच के पद से जुड़ी होती है। सरपंच की अनुपस्थिति में इन जिम्मेदारियों के निर्वहन को लेकर व्यावहारिक कठिनाइयां पैदा हो सकती हैं। अचानकपुर में भी इसी तरह की स्थिति की शिकायत प्रशासन तक पहुंची थी। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में प्रभावित योजनाओं या रुके हुए कार्यों का अलग-अलग विवरण नहीं दिया गया है।
धारा 40 के तहत हुई कार्रवाई
प्रशासन ने यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम की धारा 40 के तहत की है। पंचों और जनपद पंचायत की शिकायत के बाद एसडीएम नीरनिधि नंदेहा ने मामले पर निर्णय लिया और देवानंद साहू को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। आदेश का उद्देश्य पंचायत के कामकाज पर पड़ रहे प्रभाव को देखते हुए प्रशासनिक कार्रवाई करना बताया गया है।
धारा 40 के तहत की गई कार्रवाई के बाद सरपंच के पद से जुड़े अधिकारों और जिम्मेदारियों को लेकर आगे की प्रक्रिया प्रशासनिक नियमों के अनुसार तय होगी। निलंबन के बाद ग्राम पंचायत का नियमित कामकाज किस व्यवस्था के तहत संचालित होगा, इसकी विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है। पंचायत के कामों को आगे बढ़ाने के लिए संबंधित प्रशासनिक स्तर पर व्यवस्था की जा सकती है।
उतई थाने में दर्ज है अपराध
देवानंद साहू के खिलाफ उतई थाने में अपराध दर्ज किया गया था। मामले में पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा। फिलहाल वे न्यायिक अभिरक्षा में हैं। उपलब्ध जानकारी में दर्ज अपराध की धाराओं या मामले के विस्तृत आरोपों का उल्लेख नहीं है, इसलिए इस संबंध में कोई अतिरिक्त विवरण सामने नहीं आया है।
किसी व्यक्ति के खिलाफ अपराध दर्ज होना या गिरफ्तारी होना आरोपों की न्यायिक पुष्टि नहीं है। मामले का निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा। वहीं, सरपंच का निलंबन पंचायत के कामकाज और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़ी कार्रवाई है। दोनों प्रक्रियाओं के उद्देश्य और परिणाम अलग-अलग हो सकते हैं।
पंचायत के कामकाज पर रहेगी नजर
सरपंच के निलंबन के बाद अब अचानकपुर ग्राम पंचायत के विकास कार्यों और दैनिक प्रशासनिक कामकाज को सुचारु रखने की जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों और पंचायत व्यवस्था पर रहेगी। स्थानीय प्रतिनिधियों की शिकायत के बाद हुई कार्रवाई से यह स्पष्ट है कि प्रशासन ने पंचायत के काम प्रभावित होने के पहलू को गंभीरता से लिया।
फिलहाल एसडीएम के आदेश से देवानंद साहू तत्काल प्रभाव से निलंबित हैं। आगे की प्रशासनिक प्रक्रिया, पंचायत के कामकाज की व्यवस्था और सरपंच से जुड़े मामले की स्थिति पर संबंधित विभागों के निर्णय के बाद अधिक जानकारी सामने आ सकती है।
