4 राज्यों की 28 MLC सीटों पर मतदान शुरू, बिहार की पटना स्नातक सीट पर अनंत सिंह-नीरज कुमार के मुकाबले पर नजर
उत्तर प्रदेश, बिहार, कर्नाटक और महाराष्ट्र में सुबह 8 बजे से वोटिंग; स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के मतदाता चुनेंगे अपने प्रतिनिधि
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश, बिहार, कर्नाटक और महाराष्ट्र में विधान परिषद की 28 सीटों के लिए शुक्रवार सुबह मतदान शुरू हो गया। इन सीटों पर स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के मतदाता अपने प्रतिनिधियों का चुनाव कर रहे हैं। मतदान सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक चलेगा। चारों राज्यों में हो रहे इस चुनाव पर राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों की नजरें टिकी हैं। बिहार की पटना स्नातक सीट पर जेडीयू नेता नीरज कुमार और मोकामा विधायक अनंत सिंह के बीच चल रही राजनीतिक खींचतान को मुकाबले का अहम पहलू माना जा रहा है।
मतदान केंद्रों पर सुबह से ही वोट डालने की प्रक्रिया शुरू हो गई। चुनाव में स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के मतदाता भाग ले रहे हैं। इन निर्वाचन क्षेत्रों की सीटों पर चुने गए प्रतिनिधि विधान परिषद में अपने क्षेत्र से जुड़े मुद्दे उठाते हैं। मतदान के लिए निर्धारित समय शाम 4 बजे तक है। मतदान समाप्त होने के बाद मतपेटियों को सुरक्षित रखा जाएगा और मतगणना की प्रक्रिया चुनाव कार्यक्रम के अनुसार होगी।
चार राज्यों में 28 सीटों पर चुनाव
इस चुनाव में उत्तर प्रदेश, बिहार, कर्नाटक और महाराष्ट्र की कुल 28 विधान परिषद सीटें शामिल हैं। अलग-अलग राज्यों में सीटों की स्थिति और उम्मीदवारों का स्थानीय समीकरण अलग है। कहीं स्नातक मतदाताओं की भूमिका अहम है, तो कहीं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के मतदाता उम्मीदवारों की किस्मत तय करेंगे। इस वजह से चुनावी मुद्दे और मुकाबले का स्वरूप भी राज्य और निर्वाचन क्षेत्र के हिसाब से अलग-अलग है।
स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में पंजीकृत स्नातक मतदाता मतदान करते हैं, जबकि शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में पात्र शिक्षक मतदाता अपने प्रतिनिधि चुनते हैं। ये सीटें सामान्य विधानसभा चुनाव से अलग होती हैं। यहां उम्मीदवारों को सीमित और निर्धारित मतदाता समूहों के बीच समर्थन हासिल करना होता है। इसलिए प्रचार के दौरान उम्मीदवार स्थानीय समस्याओं, शिक्षा, रोजगार और अपने क्षेत्र के विकास जैसे विषयों को प्रमुखता देते हैं।
बिहार की पटना स्नातक सीट चर्चा में
बिहार की पटना स्नातक सीट इस चुनाव में खास चर्चा में है। यहां जेडीयू नेता नीरज कुमार और मोकामा विधायक अनंत सिंह के बीच राजनीतिक खींचतान पर नजर रखी जा रही है। इस मुकाबले को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा है और मतदान के बाद सामने आने वाले रुझानों का इंतजार किया जा रहा है। हालांकि, मतदान पूरा होने और मतगणना से पहले किसी भी उम्मीदवार की स्थिति को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।
पटना स्नातक सीट पर नीरज कुमार और अनंत सिंह से जुड़े राजनीतिक समीकरणों को देखते हुए यह मुकाबला केवल उम्मीदवारों तक सीमित नहीं रह गया है। समर्थकों और राजनीतिक दलों की सक्रियता भी इस सीट को चर्चा में बनाए हुए है। अब मतदाताओं का फैसला ही बताएगा कि इस सीट पर किस उम्मीदवार को बढ़त मिलती है।
शिक्षक और स्नातक मतदाताओं की भूमिका अहम
विधान परिषद चुनावों में स्नातक और शिक्षक मतदाताओं की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है। इन मतदाताओं के सामने अलग-अलग उम्मीदवार और उनके चुनावी मुद्दे होते हैं। उम्मीदवार अपने क्षेत्र में संपर्क अभियान चलाकर मतदाताओं तक पहुंचते हैं और स्थानीय अपेक्षाओं को सामने रखते हैं। चुनाव के दौरान मतदाता इन मुद्दों और उम्मीदवारों के कामकाज के आधार पर अपना निर्णय लेते हैं।
इन निर्वाचन क्षेत्रों से चुने गए सदस्य विधान परिषद में अपने मतदाताओं और क्षेत्र से जुड़े विषय उठा सकते हैं। इस कारण चुनाव को शिक्षा, पेशेवर वर्ग और स्थानीय प्रतिनिधित्व से जुड़े मुद्दों के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है। चार राज्यों में मतदान होने के कारण अलग-अलग क्षेत्रों में राजनीतिक दलों की रणनीति और उम्मीदवारों के सामने चुनौतियां भी अलग-अलग हैं।
शाम 4 बजे तक चलेगी वोटिंग
मतदान प्रक्रिया सुबह 8 बजे शुरू हुई और शाम 4 बजे तक जारी रहेगी। मतदाताओं से निर्धारित समय के भीतर अपने मतदान केंद्रों पर पहुंचकर वोट डालने की अपील की गई है। मतदान समाप्त होने के बाद चुनावी प्रक्रिया के अगले चरण का इंतजार रहेगा। फिलहाल चारों राज्यों की 28 सीटों पर मतदाताओं का फैसला दर्ज किया जा रहा है।
बिहार की पटना स्नातक सीट के साथ-साथ उत्तर प्रदेश, कर्नाटक और महाराष्ट्र की सीटों पर भी चुनावी नतीजों को लेकर उत्सुकता बनी हुई है। मतदान के बाद उम्मीदवारों और राजनीतिक दलों की नजर मतगणना पर रहेगी। 28 सीटों के परिणाम सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि किस राज्य में किस उम्मीदवार को मतदाताओं का समर्थन मिला।
