गोहद में बिना रॉयल्टी खनिज ले जा रहे दो डंपर जब्त
भिण्ड। गोहद क्षेत्र में भ्रमण के दौरान अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) गोहद ने बिना रॉयल्टी दस्तावेज के खनिज परिवहन करते दो डंपरों को पकड़ा। वाहनों में काली गिट्टी भरी थी, जिसे इटावा ले जाया जा रहा था। जांच के दौरान चालक खनिज परिवहन से संबंधित रॉयल्टी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद दोनों डंपरों को जब्त कर नियमानुसार कार्रवाई की गई।
चितौरा के डेरमन पाली मोड़ पर हुई जांच
प्राप्त जानकारी के अनुसार, एसडीएम गोहद गत दिवस क्षेत्रीय भ्रमण पर थे। इस दौरान तहसीलदार मौ भी उनके साथ मौजूद थे। ग्राम चितौरा स्थित डेरमन पाली मोड़ पर खनिज परिवहन कर रहे वाहनों की जांच की गई। इसी दौरान दो डंपर आते दिखाई दिए। अधिकारियों ने दोनों वाहनों को रुकवाकर उनकी जांच की।
जांच में वाहन क्रमांक MP 07 ZS 9660 और UP 75 BT 6791 में काली गिट्टी भरी मिली। पूछताछ में पता चला कि दोनों डंपरों से गिट्टी इटावा ले जाई जा रही थी। खनिज परिवहन के लिए आवश्यक रॉयल्टी दस्तावेज दिखाने को कहा गया, लेकिन चालक मौके पर दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके।
दस्तावेज नहीं मिलने पर दोनों वाहन जब्त
वाहनों के साथ रॉयल्टी संबंधी दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने पर अधिकारियों ने दोनों डंपरों को जब्त कर लिया। मामले में नियमानुसार कार्रवाई की गई है। प्रशासन की ओर से खनिज के परिवहन के दौरान दस्तावेजों की जांच की जा रही है। जांच का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि खनिज का परिवहन वैध दस्तावेजों के आधार पर हो।
रॉयल्टी दस्तावेज खनिज के वैध परिवहन से जुड़े जरूरी कागजात होते हैं। वाहन की जांच के समय चालक को परिवहन से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने होते हैं। इस मामले में दोनों डंपरों के चालक ऐसा नहीं कर सके। इसी आधार पर कार्रवाई की गई। प्रशासन ने वाहनों को जब्त कर आगे की प्रक्रिया नियमानुसार शुरू की है।
क्षेत्र में निगरानी और जांच जारी
प्रशासन के अनुसार, खनिज के अवैध परिवहन पर नियंत्रण रखने के लिए क्षेत्र में लगातार निगरानी की जा रही है। भ्रमण के दौरान संदिग्ध वाहनों की जांच की जाती है और दस्तावेजों का मिलान किया जाता है। बिना वैध रॉयल्टी के खनिज परिवहन पाए जाने पर संबंधित वाहन के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
गोहद क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई के बाद खनिज परिवहन करने वाले वाहन चालकों और संचालकों से दस्तावेज साथ रखने की अपेक्षा की गई है। जांच के दौरान वैध रॉयल्टी प्रस्तुत नहीं कर पाने पर संबंधित वाहन के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अवैध खनिज परिवहन रोकने के लिए निगरानी और जांच की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।
