इंदौर में सीमा नाथ से जब्त ₹48.50 लाख की नकदी फॉरफीट, सफेमा के तहत कार्रवाई
इंदौर। मादक पदार्थों की तस्करी की आरोपी सीमा नाथ से जब्त किए गए 48 लाख 50 हजार रुपये की नकदी को सफेमा के तहत फॉरफीट किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस के अनुसार, इस राशि का संबंध नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार से पाया गया था। इसके बाद सक्षम प्राधिकारी के समक्ष कार्रवाई की प्रक्रिया चली। अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त राजेश कुमार त्रिपाठी ने गुरुवार को बताया कि संबंधित आदेश की पुष्टि कर दी गई है। पुलिस ने इसे इंदौर में किसी तस्कर से बरामद नकदी को सफेमा के तहत कुर्क किए जाने का पहला मामला बताया है।
गिरफ्तारी के दौरान मिली थी नकदी
डीसीपी त्रिपाठी के अनुसार, सीमा नाथ को 24 अगस्त 2025 को गिरफ्तार किया गया था। उसके कब्जे से 516 ग्राम हेरोइन और 48.50 लाख रुपये नकद बरामद किए गए थे। वर्तमान कार्रवाई उसी नकदी से संबंधित है, जिसे गिरफ्तारी के समय पुलिस ने जब्त किया था।
इस तरह नकदी की शुरुआती जब्ती और अब सामने आई फॉरफीट की कार्रवाई अलग चरण हैं। गिरफ्तारी के दौरान राशि पुलिस के कब्जे में ली गई थी। इसके बाद उस रकम के स्रोत से संबंधित जांच और सक्षम प्राधिकारी के समक्ष प्रक्रिया का विवरण सामने आया है।
पुलिस ने अवैध कारोबार से कमाई बताई
पुलिस का कहना है कि जांच में बरामद नकदी मादक पदार्थों के अवैध कारोबार से अर्जित किए जाने की जानकारी मिली। इसी आधार पर रकम के संबंध में आगे कार्रवाई की गई। यह विवरण पुलिस अधिकारी के बयान पर आधारित है।
उपलब्ध रिपोर्ट में जांच के दौरान जुटाए गए प्रत्येक दस्तावेज, वित्तीय लेनदेन अथवा रकम के अलग-अलग हिस्सों का ब्योरा नहीं दिया गया है। इसलिए राशि किस अवधि में और किन विशेष लेनदेन से प्राप्त हुई, इसका विस्तृत निष्कर्ष उपलब्ध जानकारी से नहीं निकाला जा सकता।
पक्ष रखने का अवसर दिया गया
डीसीपी के मुताबिक, मुंबई स्थित सक्षम प्राधिकारी ने सीमा नाथ को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया था। सुनवाई के दौरान उसकी ओर से कोई उपस्थित नहीं हुआ। पुलिस अधिकारी के अनुसार, कोई लिखित जवाब या संबंधित दस्तावेज भी प्रस्तुत नहीं किए गए।
इसके बाद सक्षम प्राधिकारी द्वारा नकदी के संबंध में आदेश की पुष्टि किए जाने की जानकारी दी गई। हालांकि, आदेश की पूरी प्रति उपलब्ध सामग्री में शामिल नहीं है। इसलिए उसकी विस्तृत शर्तों और कानूनी निष्कर्षों का वर्णन संबंधित दस्तावेज देखे बिना नहीं किया जा सकता।
जब्ती और फॉरफीट की कार्रवाई का अंतर
इस मामले में घटनाक्रम समझने के लिए दोनों शब्दों का अलग संदर्भ ध्यान में रखना जरूरी है। शुरुआती खबर गिरफ्तारी के दौरान नकदी बरामद होने और पुलिस द्वारा उसे जब्त करने से संबंधित थी। नई जानकारी उस रकम पर बाद में हुए सक्षम प्राधिकारी के आदेश से जुड़ी है।
इसलिए इसे गुरुवार को 48.50 लाख रुपये की नई बरामदगी के रूप में नहीं लिखा जाना चाहिए। इसी तरह नकदी से संबंधित आदेश को आरोपी के सभी आपराधिक मामलों में दोषसिद्धि का फैसला मानना भी उचित नहीं होगा। उपलब्ध खबर रकम पर की गई कार्रवाई के बारे में है।
सीमा नाथ पर 13 आपराधिक प्रकरण
साझा समाचार विवरण में सीमा नाथ के खिलाफ कुल 13 आपराधिक प्रकरण दर्ज होने की जानकारी दी गई है। किसी व्यक्ति पर प्रकरण दर्ज होने और उस मामले में अदालत द्वारा दोषी ठहराए जाने के बीच अंतर होता है। उपलब्ध अंश में सभी मामलों के फैसलों का विवरण नहीं है।
इस कारण संबंधित मामलों की वर्तमान स्थिति, सजा अथवा न्यायिक निष्कर्ष के बारे में अतिरिक्त दावा नहीं किया जा सकता। यहां मुख्य जानकारी जब्त नकदी और उससे जुड़ी कार्रवाई है। अन्य प्रकरणों का उल्लेख आपराधिक रिकॉर्ड संबंधी उपलब्ध विवरण तक सीमित है।
नकदी से संबंधित कार्रवाई पर केंद्रित मामला
साझा रिपोर्ट में सफेमा के तहत नकदी फॉरफीट किए जाने की बात कही गई है। लेकिन आदेश की प्रति के बिना लागू धाराओं और पूरी प्रक्रिया का स्वतंत्र कानूनी विश्लेषण उपलब्ध नहीं है। खबर में कार्रवाई को पुलिस और सक्षम प्राधिकारी से संबंधित विवरण के आधार पर प्रस्तुत किया गया है।
इस मामले का प्रमुख घटनाक्रम गिरफ्तारी के दौरान नकदी की बरामदगी, उसके स्रोत की जांच, पक्ष रखने का अवसर और उसके बाद आदेश की पुष्टि है। किसी अन्य संपत्ति की कुर्की अथवा नई गिरफ्तारी की जानकारी साझा विवरण में नहीं दी गई है।
