नागदा के अभिषेक सिंह चौहान को संगीत में योगदान के लिए मानद डॉक्टरेट, दिल्ली में मनोज बक्शी ने किया सम्मानित
नागदा। संगीत के क्षेत्र में रचनात्मक योगदान और उपलब्धियों के लिए नागदा के अभिषेक सिंह चौहान को नई दिल्ली में आयोजित विशेष सम्मान समारोह में मानद डॉक्टरेट से सम्मानित किया गया। यूनिवर्सल मानद पुरस्कार परिषद द्वारा आयोजित इस राष्ट्रीय स्तर के समारोह में बॉलीवुड अभिनेता मनोज बक्शी ने उन्हें सम्मान प्रदान किया। अभिषेक ने इस उपलब्धि को अपने जीवन का गौरवपूर्ण और भावनात्मक क्षण बताते हुए संगीत के क्षेत्र में आगे भी बेहतर कार्य करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
अभिषेक सिंह चौहान लंबे समय से संगीत और रचनात्मक गतिविधियों में सक्रिय हैं। वे मिड टाउन म्यूजिक के माध्यम से अपने कार्यों को प्रस्तुत कर रहे हैं। भक्ति संगीत सहित विभिन्न संगीत विधाओं में कार्य करने के साथ उन्होंने स्वतंत्र संगीत निर्माण के क्षेत्र में भी अपनी पहचान बनाई है। इससे पूर्व उन्हें भारत गौरव सम्मान भी मिल चुका है।
नई दिल्ली में आयोजित समारोह में मिला सम्मान
नई दिल्ली में आयोजित विशेष समारोह में अभिषेक सिंह चौहान को उनके संगीत संबंधी योगदान और उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया। यूनिवर्सल मानद पुरस्कार परिषद की ओर से प्रदान की गई मानद डॉक्टरेट को उन्होंने अपनी संगीत यात्रा का महत्वपूर्ण अवसर बताया।
समारोह में अभिनेता मनोज बक्शी ने अभिषेक को सम्मान प्रदान किया। बक्शी गदर-2 और बजरंगी भाईजान सहित कई चर्चित फिल्मों में अभिनय के लिए जाने जाते हैं। राष्ट्रीय स्तर के इस आयोजन में सम्मान मिलने पर अभिषेक ने परिषद के प्रति आभार व्यक्त किया और अपनी खुशी साझा की।
मिड टाउन म्यूजिक से प्रस्तुत कर रहे रचनात्मक कार्य
अभिषेक सिंह चौहान मिड टाउन म्यूजिक के माध्यम से अपने संगीत एवं रचनात्मक कार्यों को श्रोताओं के सामने प्रस्तुत कर रहे हैं। उनकी सक्रियता भक्ति संगीत तक सीमित नहीं है; उन्होंने विभिन्न संगीत विधाओं में भी कार्य किया है। स्वतंत्र संगीत निर्माण उनकी रचनात्मक यात्रा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है।
संगीत के प्रति उनकी निरंतर सक्रियता और विभिन्न विधाओं में किए गए कार्यों को इस सम्मान का आधार बताया गया है। अभिषेक ने अपनी संगीत यात्रा के दौरान रचनात्मक अभिव्यक्ति को महत्व दिया है। मानद डॉक्टरेट मिलने के बाद उन्होंने नए प्रयोगों और बेहतर प्रस्तुतियों के साथ आगे बढ़ने की इच्छा व्यक्त की।
स्वतंत्र संगीत निर्माण में बनाई पहचान
स्वतंत्र संगीत निर्माण के क्षेत्र में अभिषेक ने अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। अपने संगीत को प्रस्तुत करने के लिए वे मिड टाउन म्यूजिक से जुड़े कार्यों में सक्रिय हैं। भक्ति संगीत और अन्य विधाओं में उनकी सहभागिता ने उनकी रचनात्मक यात्रा को विविध स्वरूप दिया है।
सम्मान समारोह के दौरान मीडिया से बातचीत में उन्होंने अपने कार्यों और संगीत से जुड़े अनुभवों की जानकारी साझा की। उन्होंने भविष्य की योजनाओं पर भी चर्चा की। उनके वक्तव्य में संगीत के प्रति निरंतर प्रयास, नए प्रयोग और गुणवत्तापूर्ण कार्य प्रस्तुत करने की भावना प्रमुख रही।
पहले मिल चुका है भारत गौरव सम्मान

अभिषेक सिंह चौहान को इससे पूर्व भारत गौरव सम्मान भी प्राप्त हो चुका है। अब मानद डॉक्टरेट मिलने से उनकी उपलब्धियों में एक और सम्मान जुड़ा है। उन्होंने इस अवसर को अपने लिए उत्साह और जिम्मेदारी बढ़ाने वाला बताया।
उनके अनुसार, सम्मान कलाकार को आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि उन्हें संगीत और रचनात्मक क्षेत्र में अधिक मेहनत करने के लिए प्रोत्साहित करेगी। नए प्रयोगों के माध्यम से बेहतर कार्य प्रस्तुत करना उनकी आगे की यात्रा का उद्देश्य रहेगा।
सम्मान को बताया गौरवपूर्ण और भावनात्मक क्षण
मानद डॉक्टरेट प्राप्त करने के बाद अभिषेक ने इसे अपने जीवन का गौरवपूर्ण और भावनात्मक क्षण बताया। उन्होंने यूनिवर्सल मानद पुरस्कार परिषद का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सम्मान उनके लिए प्रेरणा का माध्यम है।
उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया में आगे और अधिक मेहनत करने तथा रचनात्मक कार्यों को बेहतर बनाने की बात कही। संगीत में नए प्रयोग करने की इच्छा भी व्यक्त की। अभिषेक के लिए यह अवसर अब तक की यात्रा को याद करने और भविष्य के कार्यों के प्रति उत्साह व्यक्त करने का रहा।
सहयोगियों और शुभचिंतकों के प्रति जताया आभार
मीडिया से चर्चा में अभिषेक ने कहा कि यह सम्मान केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है। उन्होंने इसे उन सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त करने का अवसर बताया, जिन्होंने उनकी संगीत यात्रा में सहयोग, प्रोत्साहन और विश्वास बनाए रखा।
उन्होंने अपनी सफलता में साथ देने वाले लोगों के योगदान को स्वीकार किया। नई दिल्ली में मिले सम्मान के साथ नागदा के अभिषेक सिंह चौहान की संगीत यात्रा में एक नई उपलब्धि जुड़ी है। उन्होंने इस प्रोत्साहन को आगे के रचनात्मक प्रयासों में बदलने और बेहतर संगीत कार्य प्रस्तुत करने की प्रतिबद्धता जताई।
