नागपुर में मालवा महासंघ का राष्ट्रीय अधिवेशन संपन्न, सामाजिक एकजुटता और पारिवारिक मूल्यों पर जोर
महिदपुर रोड। आचार्य श्री विश्वरत्न सागर सुरीश्वर जी महाराज के सान्निध्य एवं मार्गदर्शन में 2 एवं 3 अक्टूबर को नागपुर, महाराष्ट्र में मालवा महासंघ एवं जनप्रतिनिधियों का राष्ट्रीय अधिवेशन आयोजित किया गया। अधिवेशन में मध्यप्रदेश, गुजरात और राजस्थान से आए समाजबंधुओं ने सहभागिता की। आयोजन में समाज की एकजुटता, पारिवारिक मूल्यों, धार्मिक संस्कारों और मंदिरों की व्यवस्थाओं से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। आचार्य श्री ने समाजबंधुओं को संबोधित करते हुए आपसी संवाद बढ़ाने और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
नगर के सामाजिक कार्यकर्ता एवं जैन समाज मीडिया प्रभारी सचिन भंडारी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, अधिवेशन में मालवा महासंघ के करीब 400 सदस्य और जैन पत्रकार परिषद के लगभग 50 सदस्य शामिल हुए। अन्य सहभागियों सहित आयोजन में लगभग 500 समाजबंधुओं की उपस्थिति रही। विभिन्न राज्यों से पहुंचे सदस्यों ने धार्मिक एवं सामाजिक विषयों पर आचार्य श्री का मार्गदर्शन प्राप्त किया।
बढ़ते तलाक के मामलों पर आचार्य श्री ने जताई चिंता
अधिवेशन को संबोधित करते हुए आचार्य श्री विश्वरत्न सागर सुरीश्वर जी महाराज ने समाज में बढ़ते तलाक जैसे मामलों पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने परिवार और सामाजिक मूल्यों को मजबूत बनाने की आवश्यकता बताई। उनके मार्गदर्शन में पारिवारिक संबंधों में आपसी संवाद, संस्कार और धार्मिक मूल्यों की भूमिका पर विशेष जोर रहा।
आचार्य श्री ने समाजबंधुओं से आह्वान किया कि वे परिवारों में संवाद को बढ़ावा दें और सामाजिक मूल्यों के संरक्षण के लिए सक्रिय रहें। उन्होंने पारिवारिक विषयों के साथ समाज की एकजुटता पर भी ध्यान देने की बात कही। अधिवेशन में उपस्थित सदस्यों के समक्ष परिवार और समाज से जुड़े इन विषयों को प्रमुखता से रखा गया।
धार्मिक संस्कारों के संरक्षण और आपसी जुड़ाव को मजबूत बनाने का संदेश भी उनके संबोधन का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा। उन्होंने समाजबंधुओं को धार्मिक एवं सामाजिक गतिविधियों में सहभागिता बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।
मालवा क्षेत्र के मंदिरों में पूजन सामग्री की व्यवस्था पर निर्देश
राष्ट्रीय अधिवेशन में मालवा क्षेत्र के विभिन्न मंदिरों की व्यवस्थाओं पर भी चर्चा हुई। आचार्य श्री ने मंदिरों में पूजन सामग्री की समुचित उपलब्धता सुनिश्चित करने को लेकर दिशा-निर्देश दिए। इस संबंध में नागेश्वर तीर्थ के पदाधिकारियों को आवश्यक व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी सौंपी गई।
उन्होंने धार्मिक स्थलों की व्यवस्थाओं को व्यवस्थित रखने और वहां आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखने की बात कही। मंदिरों में पूजन सामग्री की व्यवस्था को लेकर दिए गए निर्देशों में धार्मिक गतिविधियों के सुचारु संचालन पर जोर रहा।
अधिवेशन के दौरान धार्मिक स्थलों की व्यवस्था और समाज की सहभागिता, दोनों विषयों को महत्व दिया गया। आचार्य श्री ने विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक विषयों पर मार्गदर्शन देते हुए संबंधित व्यवस्थाओं के प्रति जिम्मेदारी निभाने का संदेश दिया।
धार्मिक संस्कारों के संरक्षण और संगठन की भूमिका पर चर्चा
अधिवेशन में समाज की एकजुटता तथा धार्मिक संस्कारों के संरक्षण को प्रमुख विषयों के रूप में रखा गया। आचार्य श्री ने सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता पर जोर देते हुए समाजबंधुओं को संगठित होकर कार्य करने का आह्वान किया।
मध्यप्रदेश, गुजरात और राजस्थान से आए सदस्यों की उपस्थिति में संगठन की भूमिका तथा सामाजिक सरोकारों पर विचार रखे गए। आयोजन का उद्देश्य समाज को संगठित करना और धार्मिक, सामाजिक एवं रचनात्मक गतिविधियों को गति देना रहा।
दो दिवसीय अधिवेशन के दौरान धार्मिक मार्गदर्शन के साथ सामाजिक विषयों पर विचार-विमर्श भी हुआ। परिवार, मंदिर व्यवस्था, संगठन और समाज की सक्रिय भागीदारी जैसे विषय आयोजन के केंद्र में रहे। विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे समाजबंधुओं ने इन विषयों पर प्रस्तुत विचारों और आचार्य श्री के दिशा-निर्देशों को सुना।
राजेश मानव, वीरेंद्र जैन सहित वक्ताओं ने रखे विचार
कार्यक्रम में विभिन्न वक्ताओं ने समाज की वर्तमान परिस्थितियों, संगठन की भूमिका और सामाजिक सरोकारों पर अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं में राजेश मानव, पत्रकार वीरेंद्र जैन, संतोष मेहता, राजेंद्र कनपुरिया और महिदपुर रोड के सचिन भंडारी शामिल रहे।
वक्ताओं ने अधिवेशन में सामाजिक विषयों पर अपने विचार रखते हुए संगठन एवं समाज की सहभागिता से जुड़े पहलुओं पर चर्चा की। विभिन्न राज्यों के समाजबंधुओं की उपस्थिति में हुए इस विचार-विमर्श में धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने का उद्देश्य प्रमुख रहा।
जैन समाज मीडिया प्रभारी सचिन भंडारी ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की और अपने विचार रखे। उन्होंने आयोजन की जानकारी साझा करते हुए बताया कि अधिवेशन में मालवा महासंघ और जैन पत्रकार परिषद के सदस्यों सहित बड़ी संख्या में समाजबंधु उपस्थित रहे।
प्रदेश संयोजक दीपक दुग्गड़ का किया बहुमान
राष्ट्रीय अधिवेशन के दौरान जैन पत्रकार परिषद द्वारा प्रदेश संयोजक दीपक दुग्गड़ का बहुमान किया गया। यह सम्मान आचार्य श्री विश्वरत्न सागर सुरीश्वर जी महाराज के सान्निध्य में हुआ। कार्यक्रम में जैन पत्रकार परिषद के सदस्यों की भी सहभागिता रही।
धार्मिक एवं सामाजिक विषयों पर चर्चा के साथ आयोजित इस सम्मान कार्यक्रम में प्रदेश संयोजक का बहुमान अधिवेशन की गतिविधियों का हिस्सा रहा। जैन पत्रकार परिषद के लगभग 50 सदस्य आयोजन में शामिल हुए और उन्होंने आचार्य श्री का मार्गदर्शन प्राप्त किया।
तीन राज्यों के समाजबंधुओं की रही सहभागिता
अधिवेशन में मध्यप्रदेश के साथ गुजरात और राजस्थान से आए समाजबंधुओं ने भाग लिया। अधिवेशन प्रभारी अनिल दशरला की भी सहभागिता रही। विभिन्न क्षेत्रों के सदस्यों की उपस्थिति में समाज को संगठित करने तथा धार्मिक, सामाजिक और रचनात्मक गतिविधियों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।
दो दिवसीय आयोजन में आचार्य श्री के मार्गदर्शन, वक्ताओं के विचार और समाजबंधुओं की सहभागिता के माध्यम से पारिवारिक मूल्यों एवं सामाजिक एकजुटता का संदेश दिया गया। आयोजन संबंधी जानकारी नगर के सामाजिक कार्यकर्ता एवं जैन समाज मीडिया प्रभारी सचिन भंडारी ने दी।
