बाकानेर में शराब से भरा आयसर वाहन पकड़ा, आबकारी विभाग की निगरानी पर कांग्रेस ने उठाए सवाल
बाकानेर / कौशिक पण्डित कुशाग्र समाचार सेवा मनावर जिला धार मध्यप्रदेश
देर रात पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में बड़ी मात्रा में अंग्रेजी शराब मिलने की सूचना, 1200 से 1300 पेटी और 35 से 40 लाख रुपए कीमत का प्रारंभिक अनुमान
बाकानेर/मनावर। मनावर थाना क्षेत्र के बाकानेर में देर रात पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में अंग्रेजी शराब से भरा एक आयसर वाहन पकड़े जाने के बाद आबकारी विभाग की निगरानी व्यवस्था को लेकर कांग्रेस नेताओं ने सवाल उठाए हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार वाहन से करीब 1200 से 1300 पेटी अंग्रेजी शराब मिलने की बात सामने आई है। शराब की अनुमानित कीमत 35 से 40 लाख रुपए बताई जा रही है। हालांकि शराब की वास्तविक मात्रा और कीमत की आधिकारिक पुष्टि विभागीय गिनती और पंचनामा पूरा होने के बाद ही हो सकेगी।
जानकारी के अनुसार बाकानेर चौकी क्षेत्र में पुलिस ने आयसर वाहन क्रमांक 06 क्क्ष 4066 को रोककर जांच की। तलाशी के दौरान वाहन में बड़ी मात्रा में अंग्रेजी शराब मिलने की जानकारी सामने आई। इसके बाद पुलिस ने वाहन को अपने कब्जे में लेकर कार्रवाई शुरू की। शराब की पेटियों की गिनती देर रात तक चलती रही और करीब रात 2 बजे तक कार्रवाई जारी रहने की जानकारी है।
मौके पर मनावर एसडीओपी, थाना प्रभारी मनावर, बाकानेर चौकी प्रभारी सहित पुलिस बल मौजूद रहा। कार्रवाई के दौरान कांग्रेस नेता राजेश पवार, जिमी सनबेर, संग्राम सहित कांग्रेस कार्यकर्ताओं की टीम भी मौके पर पहुंची। कांग्रेस नेताओं ने शराब की इतनी बड़ी खेप पकड़े जाने के बाद क्षेत्र में अवैध शराब के परिवहन और निगरानी व्यवस्था को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं।
आबकारी विभाग की निगरानी पर उठे सवाल
कांग्रेस नेताओं ने मनावर क्षेत्र की आबकारी अधिकारी एकता सोनकर की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए। उनका कहना है कि यदि इतनी बड़ी मात्रा में शराब का परिवहन क्षेत्र से होकर हो रहा था, तो आबकारी विभाग को इसकी जानकारी पहले क्यों नहीं मिली।
कांग्रेस नेताओं ने सवाल उठाया कि पुलिस द्वारा कार्रवाई किए जाने के बाद ही इतनी बड़ी शराब की खेप का पता चलना विभाग की निगरानी व्यवस्था पर प्रश्न खड़े करता है। हालांकि इन आरोपों और सवालों पर आबकारी विभाग या संबंधित अधिकारी का आधिकारिक पक्ष खबर लिखे जाने तक सामने नहीं आया है। विभाग का पक्ष सामने आने के बाद ही मामले की स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी।
गुजरात भेजे जाने की आशंका की भी चर्चा
स्थानीय स्तर पर यह चर्चा भी सामने आई कि शराब की खेप गुजरात की ओर ले जाई जा रही थी। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। यदि जांच में यह बात सामने आती है, तो पुलिस और संबंधित विभाग के लिए शराब के स्रोत, वाहन के स्वामित्व, चालक, परिवहन से जुड़े लोगों और संभावित गंतव्य की जानकारी जुटाना महत्वपूर्ण होगा।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि मनावर क्षेत्र से गुजरात की ओर जाने वाले मार्गों का कथित रूप से अवैध शराब परिवहन में इस्तेमाल किया जाता रहा है। इन आरोपों की पुष्टि के लिए स्वतंत्र और आधिकारिक जांच आवश्यक होगी।
ठेके के मैनेजर से बहस का वीडियो सामने आने की बात
कार्रवाई के दौरान मनावर शराब ठेके का मैनेजर भी मौके पर पहुंचा। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं और मैनेजर के बीच कथित बहस का वीडियो सामने आने की बात कही जा रही है। वीडियो में किन परिस्थितियों में बहस हुई और उसका वास्तविक कारण क्या था, यह संबंधित वीडियो तथा पुलिस की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर
इस पूरे मामले में अब पुलिस और संबंधित विभाग की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। जांच में यह पता लगाया जाना बाकी है कि शराब कहां से लोड की गई थी, इसे किस स्थान पर पहुंचाया जाना था, वाहन का मालिक कौन है और परिवहन में कौन-कौन लोग शामिल थे।
फिलहाल शराब की पेटियों की अंतिम संख्या, शराब की वास्तविक कीमत, वाहन मालिक और चालक की जानकारी तथा प्रकरण में लगाई जाने वाली धाराओं की आधिकारिक पुष्टि कार्रवाई पूरी होने के बाद ही सामने आने की संभावना है। बड़ी मात्रा में शराब पकड़े जाने के बाद आबकारी विभाग की निगरानी व्यवस्था को लेकर उठे सवालों पर विभाग का आधिकारिक पक्ष भी महत्वपूर्ण रहेगा।
