आंगनवाड़ी केंद्रों को सशक्त बनाने की पहल: बछोड़िया में ‘सेवा संकल्प अभियान’ का शुभारंभ
पिपलोदा / बछोड़िया से ब्यूरो रिपोर्ट, अर्जुन कुमावत
आंगन मिलन सेवा के साथ अभियान की शुरुआत
महिला एवं बाल विकास विभाग परियोजना पिपलोदा के तत्वावधान में ग्राम पंचायत बछोड़िया के आंगनवाड़ी केंद्र पर ‘सेवा संकल्प अभियान’ का शुभारंभ किया गया। अभियान के तहत ‘आंगन मिलन सेवा’ का आयोजन भव्य और व्यापक स्तर पर हुआ। यह विशेष अभियान 26 सितंबर से 5 अक्टूबर 2026 तक चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र में बाल विकास, मातृ स्वास्थ्य और पोषण के प्रति जागरूकता फैलाना है।
पोषण और शिक्षा के संदेश से सजा परिसर
कार्यक्रम की शुरुआत से पहले आंगनवाड़ी परिसर को आकर्षक रंगोली से सजाया गया। साथ ही स्थानीय पौष्टिक अनाजों और फलों की सजावट भी की गई। इस सजावट से पोषण और शिक्षा का संदेश साफ़ दिखाई दिया। सादगी से किया गया यह श्रृंगार बताता है कि अभियान का जोर स्थानीय और सुलभ पौष्टिक आहार पर है।
“पोषण, शिक्षा और सम्मान का केंद्र” बनेगा हर आंगनवाड़ी
अभियान का मुख्य ध्येय है: “हर आंगनवाड़ी केंद्र बनेगा – पोषण, शिक्षा और सम्मान का केंद्र।” इस संकल्प को चार स्तंभों के आधार पर धरातल पर उतारा जा रहा है:
- पोषण से स्वस्थ शरीर
- शिक्षा से उज्ज्वल भविष्य
- सेवा से सुरक्षित समाज
- सम्मान से समृद्ध प्रदेश
ये चारों स्तंभ बताते हैं कि आंगनवाड़ी केंद्र को केवल पोषण आहार बाँटने की जगह नहीं, बल्कि बच्चों, माताओं और पूरे गाँव के समग्र विकास का केंद्र बनाने का लक्ष्य है।
जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं की सक्रिय उपस्थिति
कार्यक्रम में ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधियों और विभाग की मैदानी कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और अभियान की सफलता का संकल्प लिया। उपस्थित लोगों में शामिल थे:
- जनप्रतिनिधि: सरपंच सम्मतबाई, उपसरपंच अल्कासोनी और स्थानीय प्रतिनिधि वद्रिबाई
- आंगनवाड़ी कार्यकर्ता: ममता शर्मा, पार्वती लोहार और राजु बोस
- सहायिकाएँ: मांगूबाई, प्रेमलता और संगीता
- आशा कार्यकर्ता: यशोदा कुमावत
जन-आंदोलन बना आयोजन
ग्रामीण महिलाओं और अभिभावकों की उपस्थिति ने इस आयोजन को जन-आंदोलन का रूप दे दिया। स्थानीय नागरिकों ने विभाग और शासन की इस पहल की सराहना की। उन्होंने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए हरसंभव सहयोग का भरोसा भी दिलाया। जब गाँव के लोग स्वयं आगे आते हैं, तभी ऐसे अभियान स्थायी असर छोड़ पाते हैं।
आगे की राह
अभियान 5 अक्टूबर तक चलेगा। इस दौरान बछोड़िया और आसपास के क्षेत्र में पोषण, बाल विकास और मातृ स्वास्थ्य से जुड़ी जागरूकता गतिविधियों से उम्मीद है कि परिवार आंगनवाड़ी केंद्र की सेवाओं का बेहतर लाभ उठा सकेंगे। पंचायत प्रतिनिधियों, कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों का यही तालमेल आंगनवाड़ी को सचमुच पोषण, शिक्षा और सम्मान का केंद्र बना सकता है।

