मंदसौर में EOW का ट्रैप: दलौदा सरपंच और पति 3500 रुपए लेते पकड़े गए
निर्माण अनुमति के लिए पंचायत प्रमाण पत्र जारी करने के एवज में रिश्वत मांगने का आरोप, शिकायत के सत्यापन के बाद ग्राम पंचायत कार्यालय में कार्रवाई
मंदसौर। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) उज्जैन की टीम ने सोमवार को मंदसौर जिले की ग्राम पंचायत दलौदा में ट्रैप कार्रवाई करते हुए सरपंच दुर्गा कैथवास और उनके पति व सरपंच प्रतिनिधि अनिल कैथवास को कथित रूप से 3500 रुपए की रिश्वत लेते पकड़ा। EOW के अनुसार, नक्शे के अनुरूप निर्माण अनुमति के लिए पंचायत प्रमाण पत्र जारी करने के एवज में रिश्वत मांगने की शिकायत मिलने के बाद शिकायत का सत्यापन कराया गया था।
5000 रुपए से शुरू हुई थी रिश्वत की मांग
EOW के मुताबिक, आवेदक विक्रम सिंह पिता तखत सिंह, निवासी मुवाला, तहसील सीतामऊ ने EOW उज्जैन के पुलिस अधीक्षक के समक्ष शिकायत की थी। शिकायत में बताया गया कि उनके पिता ने ग्राम पंचायत दलौदा क्षेत्र में एक भूखंड खरीदा था, जिसका नामांतरण भी हो चुका था। बैंक से ऋण लेने के लिए नक्शे के अनुरूप निर्माण अनुमति हेतु ग्राम पंचायत से प्रमाण पत्र की आवश्यकता थी।
शिकायत के अनुसार, प्रमाण पत्र जारी करने के बदले सरपंच दुर्गा कैथवास की ओर से उनके पति अनिल कैथवास के माध्यम से 5000 रुपए की कथित रिश्वत मांगी गई। EOW द्वारा शिकायत का सत्यापन किए जाने के दौरान कथित रूप से रिश्वत की राशि 4000 रुपए तय हुई। इसमें से 500 रुपए पहले ही दिए जाने की बात शिकायत में सामने आई।

पंचायत कार्यालय में EOW ने बिछाया जाल
शिकायत के सत्यापन के बाद EOW उज्जैन की टीम ने ट्रैप की योजना तैयार की। तय कार्यक्रम के अनुसार सोमवार, 28 सितंबर 2026 को ग्राम पंचायत दलौदा के कार्यालय में कार्रवाई की गई।
EOW के अनुसार, आवेदक से शेष 3500 रुपए लेते समय सरपंच दुर्गा कैथवास और उनके पति अनिल कैथवास को पकड़ लिया गया। कार्रवाई के दौरान टीम ने रिश्वत की राशि बरामद करने सहित आवश्यक प्रक्रिया पूरी की।
मामले में EOW की कार्रवाई मौके पर जारी रही। आरोपियों के विरुद्ध नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। हालांकि, रिश्वत लेने के लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
EOW टीम में ये अधिकारी-कर्मचारी रहे शामिल
ट्रैप कार्रवाई में EOW उज्जैन के उप पुलिस अधीक्षक रामनिवास यादव, निरीक्षक रीमा यादव, निरीक्षक अर्जुन मालवीय, उपनिरीक्षक अशोक राव, प्रधान आरक्षक मोहन पाल, प्रधान आरक्षक लोकेन्द्र सिंह देवड़ा, प्रधान आरक्षक मनोज सिरवर्या, आरक्षक राकेश जटिया, महिला आरक्षक मनीषा रावत, आरक्षक भरत मण्डलोई और आरक्षक चन्द्रशेखर राय शामिल रहे।
EOW की कार्रवाई के बाद मामले में आगे की वैधानिक प्रक्रिया जारी है।
दैनिक स्वराज वाणी
प्रियंका गुजराती
