मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया ‘विकास की गाथा – अभ्युदय सारंगपुर’ पुस्तक का विमोचन
भोपाल/सारंगपुर। सारंगपुर विधानसभा क्षेत्र में पिछले ढाई वर्षों में हुए विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं और शासन की विभिन्न पहलों को दस्तावेज के रूप में प्रस्तुत करने वाली पुस्तक ‘विकास की गाथा – अभ्युदय सारंगपुर’ का विमोचन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल स्थित राज्य सचिवालय में किया। पुस्तक में क्षेत्र की विकास यात्रा के साथ आगामी विकास की प्राथमिकताओं और कार्ययोजना को भी शामिल किया गया है।
विकास कार्यों का दस्तावेज बनी पुस्तक
यह पुस्तक मध्यप्रदेश शासन के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कौशल विकास एवं रोजगार विभाग एवं सारंगपुर विधायक डॉ. गौतम टेटवाल के कार्यकाल के दौरान क्षेत्र में हुए विकास कार्यों और जनसेवा के प्रयासों का संकलित दस्तावेज है।
पुस्तक में सारंगपुर विधानसभा क्षेत्र में हुए विकास कार्यों को विषयवार और विभागवार प्रस्तुत किया गया है। इसमें सड़क, पुल-पुलिया, बिजली, सिंचाई, जल संरक्षण, स्वास्थ्य, शिक्षा, नगरीय विकास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, महिला एवं बाल विकास तथा सामाजिक क्षेत्र से जुड़े कार्यों की जानकारी दी गई है।
मुख्यमंत्री ने दी शुभकामनाएं
पुस्तक के विमोचन अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने डॉ. गौतम टेटवाल को पुस्तक के प्रकाशन के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने विकास कार्यों के दस्तावेजीकरण की पहल की सराहना करते हुए कहा कि किसी क्षेत्र में हुए विकास कार्यों, शासन की योजनाओं और जनभागीदारी को एक स्थान पर संकलित करना महत्वपूर्ण है।
इससे नागरिकों को अपने क्षेत्र में हुए कार्यों की जानकारी प्राप्त करने के साथ विकास की दिशा को समझने में भी मदद मिलती है।
योजनाओं और उपलब्धियों को आंकड़ों के साथ किया प्रस्तुत
‘विकास की गाथा – अभ्युदय सारंगपुर’ में क्षेत्र की जनसुविधाओं के विस्तार के साथ शासन की विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों और स्थानीय स्तर पर किए गए कार्यों का भी उल्लेख किया गया है।
विकास कार्यों को चित्रों और आंकड़ों के माध्यम से प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है, ताकि पाठकों को जानकारी सरल और व्यवस्थित तरीके से मिल सके।

जनभागीदारी को भी दिया महत्व
पुस्तक में विकास को केवल सरकारी योजनाओं और निर्माण कार्यों तक सीमित नहीं रखा गया है। इसमें जनता की सहभागिता को भी क्षेत्र की विकास यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया गया है।
जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, जनसुविधाओं के विस्तार और स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए किए गए प्रयासों का भी पुस्तक में उल्लेख किया गया है।
आगामी विकास की कार्ययोजना भी शामिल
डॉ. गौतम टेटवाल ने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में हुए विकास कार्य जनता के विश्वास और सहयोग का परिणाम हैं। उन्होंने कहा कि विकास एक सतत प्रक्रिया है और आने वाले वर्षों की प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए कार्ययोजना तैयार की गई है।
उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल, सिंचाई, रोजगार, अधोसंरचना और जनसुविधाओं से जुड़े कार्यों को आगामी समय में प्राथमिकता देने की बात कही।
उन्होंने कहा कि “आगामी ढाई वर्ष सारंगपुर के विकास को नई गति देने के लिए समर्पित रहेंगे।”
‘विकसित सारंगपुर’ की दिशा में आगे बढ़ने का संकल्प
पुस्तक की खास बात यह है कि इसमें पिछले ढाई वर्षों के कार्यों के साथ भविष्य की विकास प्राथमिकताओं को भी स्थान दिया गया है। इस तरह यह पुस्तक अब तक की विकास यात्रा का दस्तावेज होने के साथ आगामी दिशा की जानकारी भी देती है।

कई मंत्री और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
भोपाल में आयोजित पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में मध्यप्रदेश शासन के मंत्री उदय प्रताप सिंह, गोविंद सिंह राजपूत, राकेश शुक्ला, धर्मेंद्र सिंह लोधी और प्रतिमा बागरी सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्यजन उपस्थित रहे।
‘विकास की गाथा – अभ्युदय सारंगपुर’ को विधानसभा क्षेत्र में हुए विकास कार्यों, जनसेवा और शासन की योजनाओं को एक स्थान पर संकलित करने की पहल के रूप में प्रस्तुत किया गया है। पुस्तक में सारंगपुर की अब तक की विकास यात्रा के साथ “विकसित सारंगपुर” की आगामी दिशा को भी सामने रखा गया है।
