Indore 311 App: अब घर बैठे कर सकेंगे प्रॉपर्टी टैक्स का आकलन, 21 प्रकार के सुधारों के लिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा
दैनिक स्वराज वाणी, इंदौर। इंदौर नगर निगम ने शहर के संपत्तिकरदाताओं को बड़ी सुविधा देते हुए इंदौर 311 मोबाइल एप में संपत्तिकर से जुड़ी नई ऑनलाइन सेवाएं शुरू की हैं। अब नागरिकों को संपत्तिकर खाते में सुधार, दावा-आपत्ति और शिकायत दर्ज कराने के लिए नगर निगम मुख्यालय या जोन कार्यालयों के बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। संपत्ति मालिक एप के माध्यम से घर बैठे अपनी संपत्ति का स्व-आकलन भी कर सकेंगे।
नई व्यवस्था के तहत संपत्तिकर खाते से संबंधित 21 प्रकार के सुधारों के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की सुविधा दी गई है। आवेदन जमा करने के बाद नागरिक उसकी लाइव स्थिति भी देख सकेंगे। एप यह बताएगा कि आवेदन किस अधिकारी के पास जांच के लिए भेजा गया है और उसके निराकरण की प्रक्रिया किस स्तर तक पहुंची है।
संपत्ति का खुद कर सकेंगे आकलन
इंदौर 311 एप में जोड़ी गई नई सुविधा के माध्यम से संपत्ति मालिक स्वयं अपनी संपत्ति का आकलन कर सकेंगे। इसके लिए संपत्ति का क्षेत्रफल, उपयोग, निर्माण और अन्य आवश्यक विवरण दर्ज करना होगा। उपलब्ध जानकारी के आधार पर संपत्तिकर का आकलन किया जा सकेगा।
स्व-आकलन की सुविधा से उन संपत्ति मालिकों को विशेष लाभ मिलेगा, जिनकी नई संपत्ति बनी है या जिनकी संपत्ति का विवरण अभी तक नगर निगम के रिकॉर्ड में दर्ज नहीं है। इससे नागरिक अपनी जानकारी स्वयं प्रस्तुत कर सकेंगे और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार संपत्तिकर खाता बनवाने के लिए आवेदन कर पाएंगे।
आवेदन करते समय गलत जानकारी देने से बचना जरूरी होगा। नगर निगम द्वारा दस्तावेजों और संपत्ति के विवरण की जांच की जा सकती है। जरूरत पड़ने पर संबंधित अधिकारी मौके पर जाकर संपत्ति का सत्यापन भी कर सकता है।
21 प्रकार के सुधारों के लिए आवेदन
नगर निगम के अनुसार संपत्तिकर खातों में आवश्यक संशोधन से संबंधित 21 प्रकार की सेवाओं को एप से जोड़ा गया है। इनमें संपत्ति के रिकॉर्ड में दर्ज जानकारी से जुड़ी त्रुटियों को ठीक कराने के लिए आवेदन किया जा सकेगा।
संपत्ति मालिक नाम, संपर्क विवरण, संपत्ति से संबंधित जानकारी, उपयोग की श्रेणी, निर्माण विवरण और खाते में दर्ज अन्य त्रुटियों के सुधार के लिए निर्धारित विकल्प चुन सकेंगे। किस मामले में कौन-सा दस्तावेज आवश्यक होगा, इसकी जानकारी आवेदन के समय एप पर प्रदर्शित की जाएगी।
नागरिकों को अपनी आवश्यकता के अनुसार सही श्रेणी का चयन करना होगा। गलत श्रेणी में आवेदन करने या अधूरे दस्तावेज अपलोड करने से प्रक्रिया में देरी हो सकती है। 21 सेवाओं की विस्तृत और अद्यतन सूची एप के संपत्तिकर अनुभाग में देखी जा सकती है।
ऑनलाइन दर्ज करा सकेंगे दावा-आपत्ति
यदि किसी संपत्ति मालिक को नगर निगम द्वारा किए गए संपत्तिकर आकलन, बकाया राशि या खाते में दर्ज विवरण पर आपत्ति है तो वह एप के माध्यम से अपना दावा या आपत्ति प्रस्तुत कर सकेगा। इसके साथ संबंधित दस्तावेज भी ऑनलाइन अपलोड किए जा सकेंगे।
पहले ऐसी आपत्तियां दर्ज कराने के लिए नागरिकों को नगर निगम के कार्यालय पहुंचना पड़ता था। आवेदन की स्थिति जानने के लिए भी संबंधित शाखा या अधिकारी से संपर्क करना पड़ता था। ऑनलाइन सुविधा शुरू होने से यह प्रक्रिया अधिक सरल और पारदर्शी होने की उम्मीद है।
नगर निगम अधिकारियों द्वारा आवेदन और दस्तावेजों की जांच की जाएगी। आवश्यक होने पर आवेदक से अतिरिक्त जानकारी मांगी जा सकती है। जांच पूरी होने के बाद आवेदन पर निर्णय लिया जाएगा और उसकी जानकारी एप पर उपलब्ध कराई जाएगी।
आवेदन की होगी लाइव ट्रैकिंग
नई सुविधा का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा आवेदन और शिकायत की लाइव ट्रैकिंग है। आवेदन जमा करने के बाद नागरिक यह देख सकेंगे कि उनका प्रकरण किस अधिकारी या शाखा के पास लंबित है। आवेदन स्वीकार होने, जांच के लिए भेजे जाने, अतिरिक्त दस्तावेज मांगे जाने और निराकरण होने जैसी जानकारी एप पर दिखाई देगी।
लाइव ट्रैकिंग से आवेदन की स्थिति जानने के लिए कार्यालय जाने या कर्मचारियों से बार-बार पूछताछ करने की जरूरत कम होगी। इससे अधिकारियों की जवाबदेही भी बढ़ेगी, क्योंकि प्रत्येक आवेदन की प्रगति डिजिटल प्रणाली में दर्ज रहेगी।
यदि आवेदन लंबे समय तक लंबित रहता है तो नागरिक उसके पंजीयन या शिकायत क्रमांक के माध्यम से संबंधित अधिकारी से संपर्क कर सकेंगे। डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध होने से आवेदन गुम होने या उसकी स्थिति स्पष्ट नहीं होने जैसी समस्याएं भी कम होने की उम्मीद है।
शिकायत किस अधिकारी के पास है, यह भी दिखेगा
इंदौर 311 एप में नागरिकों को यह जानकारी भी उपलब्ध होगी कि उनका आवेदन जांच या निराकरण के लिए किस अधिकारी को भेजा गया है। इससे संपत्ति मालिक सीधे संबंधित विभाग की प्रगति देख पाएंगे।
आवेदन को एक शाखा से दूसरी शाखा भेजे जाने की स्थिति भी दर्ज होगी। किसी दस्तावेज या जानकारी की कमी होने पर एप के माध्यम से सूचना दी जा सकती है। इसलिए नागरिकों को आवेदन में सक्रिय मोबाइल नंबर दर्ज करना और एप पर मिलने वाले अपडेट नियमित रूप से देखना चाहिए।
नगर निगम ने संपत्तिकर सेवाओं को सरल और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से यह व्यवस्था लागू की है। निगम की आधिकारिक जानकारी के अनुसार शिकायतों तथा आवेदनों की लाइव ट्रैकिंग सुविधा नागरिकों के लिए उपलब्ध रहेगी।
आवेदन के लिए तैयार रखें जरूरी दस्तावेज
संपत्तिकर खाते में सुधार का आवेदन करते समय नागरिकों को संपत्ति से संबंधित दस्तावेज अपलोड करने पड़ सकते हैं। आवेदन की प्रकृति के अनुसार संपत्ति की रजिस्ट्री, पूर्व संपत्तिकर रसीद, पहचान पत्र, स्वामित्व संबंधी दस्तावेज, निर्माण या उपयोग से जुड़ी जानकारी और अन्य प्रमाण मांगे जा सकते हैं।
नागरिकों को दस्तावेजों की स्पष्ट फोटो या स्कैन कॉपी अपलोड करनी चाहिए। आवेदन जमा करने से पहले नाम, पता, संपत्ति खाता या संपत्ति आईडी और मोबाइल नंबर की दोबारा जांच करना उपयोगी होगा। अधूरी अथवा अस्पष्ट जानकारी मिलने पर आवेदन वापस किया जा सकता है।
ऐसे इस्तेमाल करें इंदौर 311 एप
नागरिक अपने एंड्रॉयड या आईफोन में आधिकारिक इंदौर 311 एप डाउनलोड या अपडेट कर सकते हैं। एप में मोबाइल नंबर के माध्यम से पंजीयन या लॉगिन करने के बाद संपत्तिकर से संबंधित विकल्प पर जाना होगा। इसके बाद उपलब्ध सेवाओं में से दावा-आपत्ति, शिकायत, स्व-आकलन या आवश्यक सुधार का विकल्प चुना जा सकेगा।
आवेदन का विवरण भरने और दस्तावेज अपलोड करने के बाद उसे जमा करना होगा। आवेदन सबमिट होने पर मिलने वाले क्रमांक को सुरक्षित रखना जरूरी है। इसी क्रमांक से आवेदन की लाइव स्थिति देखी जा सकेगी।
इंदौर 311 एप पर नागरिक पहले से सड़क, कचरा, सीवरेज और स्ट्रीट लाइट जैसी समस्याओं की शिकायत दर्ज कर सकते हैं। इसके अलावा एप पर हेल्पलाइन, आसपास की नागरिक सुविधाओं, बिजली, संपत्तिकर और एस्टेट से संबंधित विकल्प भी उपलब्ध हैं।
निगम कार्यालयों का दबाव कम होने की उम्मीद
ऑनलाइन सुविधा शुरू होने से नगर निगम के मुख्यालय और जोन कार्यालयों में संपत्तिकर संबंधी आवेदनों के लिए आने वाले नागरिकों की संख्या कम हो सकती है। इससे कर्मचारियों को भी आवेदनों की जांच और निराकरण के लिए केंद्रीकृत डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध होगा।
नई प्रणाली का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा, जब ऑनलाइन प्राप्त आवेदनों का समय-सीमा में निराकरण किया जाए और एप पर दिखाई जाने वाली स्थिति नियमित रूप से अपडेट हो। नागरिकों को भी आवेदन करते समय सही जानकारी और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।
