Indore News: चलती कार पर गिरा विशाल पेड़, डिप्टी कलेक्टर पूर्णिमा सिंघी की मां की मौत; दो लोग घायल
मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराने के बाद घर लौट रही थीं 75 वर्षीय राधा देवी सिंघी, करीब डेढ़ घंटे तक क्षतिग्रस्त कार में फंसी रहीं; जेसीबी और क्रेन की सहायता से चलाया गया बचाव अभियान
इंदौर। मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में सोमवार शाम भारी बारिश के दौरान दर्दनाक हादसा हो गया। सेंट्रल जेल के सामने से गुजर रही कार पर अचानक एक विशाल पेड़ गिर गया। हादसे में नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण में पदस्थ डिप्टी कलेक्टर पूर्णिमा सिंघी की मां राधा देवी सिंघी की मौत हो गई, जबकि कार में सवार परिवार के दो अन्य सदस्य घायल हो गए।
घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। पेड़ का वजन अधिक होने और कार के बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो जाने के कारण उसमें फंसे लोगों को बाहर निकालने में काफी परेशानी हुई। पुलिस, नगर निगम और प्रशासन की टीमों ने स्थानीय लोगों की सहायता से बचाव अभियान चलाया। भारी शाखाओं को हटाने के लिए जेसीबी और हाइड्रोलिक क्रेन की मदद ली गई।
मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराकर लौट रही थीं राधा देवी
मृतका की पहचान 75 वर्षीय राधा देवी सिंघी के रूप में हुई है। वह डिप्टी कलेक्टर पूर्णिमा सिंघी की मां थीं। बताया गया है कि राधा देवी का हाल ही में मोतियाबिंद का ऑपरेशन हुआ था और वह परिवार के सदस्यों के साथ अस्पताल से घर लौट रही थीं।
कार में उनके साथ 55 वर्षीय वैशाली जायसवाल और 25 वर्षीय प्रखर सिंघी भी मौजूद थे। सेंट्रल जेल के सामने चिमनबाग चौराहे के पास पहुंचते ही तेज बारिश के बीच एक भारी पेड़ अचानक कार के ऊपर गिर गया। पेड़ गिरते ही कार की छत और ऊपरी हिस्सा पूरी तरह दब गया तथा उसमें बैठे लोग अंदर फंस गए।
हादसे में दो लोग घायल
दुर्घटना में वैशाली जायसवाल और प्रखर सिंघी घायल हुए हैं। दोनों को बचाव दल ने कार से बाहर निकालकर उपचार के लिए शहर के निजी गोकुलदास अस्पताल में भर्ती कराया। चिकित्सकों द्वारा दोनों घायलों का उपचार किया जा रहा है।
हादसे की तीव्रता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि विशाल पेड़ गिरने से कार का ढांचा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। कार के अंदर बैठे लोगों के लिए तुरंत बाहर निकलना संभव नहीं था। आसपास मौजूद लोगों ने हादसा देखकर पुलिस और प्रशासन को सूचना दी तथा अपने स्तर पर मदद करने का प्रयास किया।
करीब डेढ़ घंटे तक कार में फंसी रहीं बुजुर्ग
राधा देवी कार की पिछली सीट पर बैठी हुई थीं और पेड़ गिरने के बाद बुरी तरह क्षतिग्रस्त वाहन में फंस गईं। पेड़ और उसकी बड़ी शाखाओं को हटाने में काफी समय लगा। लगभग डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद उन्हें कार से बाहर निकाला जा सका।
बचाव टीमों ने पहले पेड़ की भारी शाखाओं को हटाया और फिर कार के कुछ हिस्सों को काटकर उसमें फंसे लोगों तक पहुंचने का रास्ता बनाया। राधा देवी को बाहर निकालने के बाद चिकित्सकों ने उन्हें मृत
बैठक में थीं डिप्टी कलेक्टर पूर्णिमा सिंघी
जिस समय यह हादसा हुआ, उस दौरान डिप्टी कलेक्टर पूर्णिमा सिंघी नर्मदा घाटी विकास विभाग से संबंधित एक बैठक में उपस्थित थीं। हादसे की सूचना मिलते ही विभागीय बैठक निरस्त कर दी गई और अधिकारियों को घटनास्थल पर भेजा गया।
संभागायुक्त भास्कर लक्षकार ने अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचने तथा राहत एवं बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए। अपर कलेक्टर रजनीश कसेरा ने भी घटनास्थल पहुंचकर नगर निगम और अन्य विभागों द्वारा चलाए जा रहे बचाव अभियान की निगरानी की।
जेसीबी और हाइड्रोलिक क्रेन से हटाया पेड़
विशाल पेड़ का बड़ा हिस्सा कार पर गिरने के कारण उसे सामान्य उपकरणों से हटाना संभव नहीं था। इसके बाद जेसीबी मशीन और हाइड्रोलिक क्रेन बुलाई गई। बचाव दल ने सावधानीपूर्वक पेड़ की शाखाओं को काटते हुए वाहन तक पहुंचने का प्रयास किया।
इस दौरान सड़क पर यातायात भी प्रभावित हुआ। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास व्यवस्था संभालते हुए बचाव वाहनों के लिए रास्ता बनाया। पेड़ और दुर्घटनाग्रस्त कार को हटाने के बाद मार्ग पर यातायात सामान्य कराने का प्रयास किया गया।
बारिश के बीच शहर में पेड़ों की सुरक्षा पर सवाल
इस दुर्घटना ने शहर की व्यस्त सड़कों के किनारे मौजूद पुराने और कमजोर पेड़ों की स्थिति को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मानसून के दौरान तेज हवा और बारिश के कारण कमजोर पेड़ों तथा बड़ी शाखाओं के गिरने का खतरा बढ़ जाता है। समय रहते ऐसे पेड़ों की पहचान और छंटाई नहीं होने पर राहगीरों और वाहन चालकों की जान जोखिम में पड़ सकती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि व्यस्त मार्गों पर स्थित पुराने और खतरनाक पेड़ों का नियमित सर्वेक्षण किया जाना चाहिए। जिन पेड़ों की जड़ें कमजोर हो चुकी हैं अथवा जिनकी भारी शाखाएं सड़क की तरफ झुकी हुई हैं, उन्हें सुरक्षित तरीके से हटाने या उनकी छंटाई करने की आवश्यकता है।
घटनास्थल की जांच में जुटा प्रशासन
पुलिस और प्रशासन की टीम ने घटनास्थल की जांच शुरू कर दी है। हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और पेड़ की स्थिति पहले से कमजोर थी या नहीं, इन पहलुओं की पड़ताल की जा सकती है। संबंधित विभाग से पेड़ों के सर्वेक्षण और रखरखाव की जानकारी भी मांगी जा सकती है।
इस दर्दनाक हादसे ने डिप्टी कलेक्टर पूर्णिमा सिंघी के परिवार को गहरा आघात पहुंचाया है। आंख का इलाज कराने के बाद घर लौट रही राधा देवी की कार पर अचानक पेड़ गिरने से जान चली गई। वहीं, दुर्घटना में घायल दोनों लोगों का अस्पताल में उपचार जारी है। घटना ने बारिश के मौसम में शहर की सड़कों पर सुरक्षा व्यवस्था और कमजोर पेड़ों की समय पर पहचान की आवश्यकता को एक बार फिर सामने ला दिया है।
