उज्जैन हनुमान जी प्रतिमा को लेकर बड़ा दावा सामने आया है। सड़क चौड़ीकरण के दौरान 170 साल पुराने मंदिर की प्रतिमा को 40 घंटे की कोशिश के बाद भी नहीं हटाया जा सका।
उज्जैन हनुमान जी प्रतिमा: 40 घंटे की कोशिश भी नाकाम! 170 साल पुराने मंदिर में चौंकाने वाला दावा
रिपोर्टर: रणछोड सिंह चन्द्रवंशी
उज्जैन। उज्जैन हनुमान जी प्रतिमा को लेकर एक ऐसा दावा सामने आया है, जिसने लोगों के बीच चर्चा और आस्था दोनों को बढ़ा दिया है। सड़क चौड़ीकरण के दौरान करीब 170 साल पुराने मंदिर को हटाने की कार्रवाई के बीच हनुमान जी की प्रतिमा को हटाने की कोशिश की गई। दावा है कि भारी मशीनों और लगातार प्रयास के बावजूद प्रतिमा अपनी जगह से नहीं हिली।
करीब 40 घंटे तक प्रतिमा हटाने का प्रयास
बताया जा रहा है कि करीब 40 घंटे तक मशीनों से प्रयास किए गए, लेकिन हनुमान जी की प्रतिमा को हटाया नहीं जा सका। लगातार कोशिशों के बाद भी प्रतिमा के अपनी जगह से नहीं हिलने की बात सामने आने पर यह मामला लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया।
मौके पर मौजूद श्रद्धालुओं के बीच भी उज्जैन हनुमान जी प्रतिमा को लेकर अलग-अलग तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। कुछ लोग इसे आस्था और बजरंगबली की शक्ति से जोड़कर देख रहे हैं।
तकनीकी कारण भी हो सकता है वजह
वहीं, इस पूरे मामले को तकनीकी दृष्टि से भी देखा जा रहा है। प्रतिमा के नीचे मौजूद मजबूत संरचना, पत्थरों या पुरानी मजबूत नींव के कारण प्रतिमा को मशीनों से हटाना मुश्किल होना संभव माना जा सकता है।
ऐसे में प्रतिमा के नहीं हिलने के पीछे वास्तविक तकनीकी कारण क्या है, यह संबंधित विशेषज्ञों या आधिकारिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकता है।
170 साल पुराने मंदिर को लेकर बढ़ी चर्चा
सड़क चौड़ीकरण की कार्रवाई के बीच करीब 170 साल पुराने मंदिर और उज्जैन हनुमान जी प्रतिमा का यह मामला अब लोगों का ध्यान खींच रहा है। एक तरफ श्रद्धालु इसे अपनी आस्था से जोड़कर देख रहे हैं, तो दूसरी तरफ इसके पीछे मजबूत निर्माण और नींव जैसे तकनीकी कारणों की संभावना भी सामने आ रही है।
फिलहाल प्रतिमा को लेकर किए जा रहे दावों ने स्थानीय स्तर पर चर्चा बढ़ा दी है। मामले में आस्था से जुड़े दावों और तकनीकी संभावनाओं, दोनों को ध्यान में रखते हुए आधिकारिक जानकारी का इंतजार किया जाना जरूरी है।
