बाल ब्रह्मचारी वसंत जी महाराज के सानिध्य में धार्मिक प्रतियोगिताओं का आयोजन, विजेताओं को किया सम्मानित
Silwani । संवाददाता वैभव जैन मस्ताना। नगर के होली चौक स्थित श्री तारण तरण जैन चैत्यालय में आध्यात्मिक गुरु बाल ब्रह्मचारी वसंत जी महाराज के परम मंगल सानिध्य में वर्षायोग चल रहा है। वर्षायोग के दौरान प्रतिदिन मंगल प्रवचन सहित विभिन्न धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में समाजजनों के लिए धार्मिक प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया जा रहा है।
इसी श्रृंखला में चैत्यालय परिसर में वर्ग पहेली प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता में तरुण वर्ग के 99 परीक्षार्थियों तथा बाल वर्ग के 43 परीक्षार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। प्रतिभागियों ने धार्मिक विषयों से जुड़ी वर्ग पहेली को हल कर अपनी धार्मिक जानकारी एवं प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
प्रतियोगिता के परिणाम के बाद प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले परीक्षार्थियों को समाज की ओर से पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया गया और उन्हें आगे भी धार्मिक एवं ज्ञानवर्धक गतिविधियों में सहभागिता के लिए प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम में जैन समाज द्वारा रतन जैन नेताजी परिवार से शैलेंद्र जैन बड़े एवं श्रीमती दीपाली जैन को पुरस्कार वितरण के लिए चयनित किया गया, जिसके तहत उन्होंने प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए।
समाजजनों ने कहा कि इस प्रकार की धार्मिक प्रतियोगिताओं का उद्देश्य बच्चों एवं युवाओं को धर्म, संस्कार और आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़ना है। प्रतियोगिताओं के माध्यम से धार्मिक ज्ञान बढ़ाने के साथ बच्चों में एकाग्रता, अध्ययन और सकारात्मक प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित होती है।
ज्ञात हो कि बाल ब्रह्मचारी वसंत जी महाराज का वर्षायोग सिलवानी स्थित श्री तारण तरण जैन चैत्यालय में चल रहा है। वर्षायोग के दौरान प्रतिदिन मंगल प्रवचन एवं अनेक धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें समाज के वरिष्ठजन, महिलाएं, युवा एवं बच्चे बड़ी संख्या में शामिल होकर धर्मलाभ ले रहे हैं।
धार्मिक प्रतियोगिता के आयोजन एवं विजेताओं के सम्मान से समाजजनों में उत्साह का वातावरण रहा। उपस्थित समाजबंधुओं ने वर्षायोग के दौरान आयोजित हो रहे धार्मिक कार्यक्रमों की सराहना की तथा अधिक से अधिक समाजजनों से इनमें सहभागिता करने का आह्वान किया।
