Jhansi Dam Reel Viral: रील के लिए 30 फीट ऊंचाई से पहूज डैम में कूदा युवक, दोनों पैर टूटे
पानी कम होने के कारण चट्टानी सतह से टकराया 32 वर्षीय पुष्पेंद्र, पुलिस और स्थानीय लोगों ने बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया
झांसी। सोशल मीडिया पर लोकप्रिय होने और कुछ सेकंड की रोमांचक रील बनाने की कोशिश उत्तर प्रदेश के झांसी में एक युवक के लिए बेहद भारी पड़ गई। अपने दोस्तों के साथ पहूज डैम घूमने पहुंचे 32 वर्षीय युवक ने वीडियो बनवाते हुए करीब 30 फीट ऊंचाई से डैम में छलांग लगा दी। जिस स्थान पर वह कूदा, वहां पानी की गहराई बहुत कम थी। नीचे पहुंचते ही युवक चट्टानी सतह से टकरा गया, जिससे उसके दोनों पैरों की हड्डियां टूट गईं।
हादसे के बाद युवक पानी और चट्टानों के बीच फंस गया तथा अपने दम पर बाहर नहीं निकल सका। मौके पर मौजूद लोगों ने घटना की सूचना पुलिस को दी। पुलिस और स्थानीय लोगों ने घायल युवक को किसी तरह डैम से बाहर निकाला और इलाज के लिए निजी अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने उसे भर्ती कर उपचार शुरू कर दिया है।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में छलांग लगाने से पहले युवक के दोस्त कथित रूप से मजाक करते हुए सुनाई दे रहे हैं। लेकिन कुछ ही सेकंड बाद हंसी-मजाक का यह माहौल गंभीर हादसे में बदल गया।
दोस्तों के साथ पहूज डैम घूमने गया था पुष्पेंद्र
घायल युवक की पहचान पुष्पेंद्र कुमार के रूप में हुई है। वह झांसी के रक्सा थाना क्षेत्र के परवाई गांव का निवासी बताया गया है। रविवार शाम पुष्पेंद्र अपने कई दोस्तों के साथ पहूज बांध घूमने पहुंचा था।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, युवक और उसके दोस्त वहां मोबाइल फोन से वीडियो और रील बना रहे थे। इसी दौरान पुष्पेंद्र बांध के बाईं ओर स्थित व्यू पॉइंट पर पहुंच गया। उसके दोस्त दूसरी तरफ खड़े होकर मोबाइल से रिकॉर्डिंग करने लगे।
पुष्पेंद्र ने कथित रूप से व्यू पॉइंट की बाउंड्रीवॉल पर चढ़कर नीचे डैम में छलांग लगाने का फैसला किया। उसे अनुमान था कि नीचे पर्याप्त पानी होगा और वह सुरक्षित तरीके से उसमें गिर जाएगा, लेकिन वास्तविक स्थिति बिल्कुल अलग थी।
पानी की जगह चट्टानी सतह से टकराया युवक
करीब 30 फीट की ऊंचाई से छलांग लगाने के बाद पुष्पेंद्र उस हिस्से में जा गिरा, जहां पानी काफी कम था। नीचे मौजूद चट्टानों से तेज टक्कर लगने के कारण उसके दोनों पैरों में गंभीर चोट आई।
चोट लगते ही वह उठ नहीं सका। वीडियो बना रहे दोस्तों और आसपास मौजूद लोगों ने मदद के लिए आवाज लगाई। डैम का क्षेत्र जोखिम भरा होने के कारण उसे तत्काल बाहर निकालना आसान नहीं था।
हादसे की सूचना मिलने के बाद ग्रासलैंड चौकी प्रभारी रणविजय सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। इसके बाद स्थानीय लोगों की सहायता से घायल युवक को सुरक्षित बाहर निकाला गया। उसे तत्काल एक निजी अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों पैरों में फ्रैक्चर होने की जानकारी दी।
के अनुसार, घटना रविवार शाम हुई और पुष्पेंद्र को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
एक पैर का ऑपरेशन, दूसरे का उपचार जारी
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, डॉक्टरों ने पुष्पेंद्र के एक पैर का ऑपरेशन किया है, जबकि दूसरे पैर का उपचार जारी है। हादसे की सूचना मिलने के बाद उसके परिजन भी अस्पताल पहुंच गए।
पुष्पेंद्र ने घटना के बाद कथित रूप से कहा कि वह भविष्य में कभी इस तरह का खतरनाक स्टंट नहीं करेगा। कुछ सेकंड के वीडियो के लिए लिया गया जोखिम अब उसके लिए लंबे उपचार और पुनर्वास का कारण बन गया है।
चिकित्सकों के अनुसार, ऊंचाई से चट्टानी सतह पर गिरने से पैरों के अलावा रीढ़, सिर और शरीर के अंदरूनी अंगों में भी गंभीर चोट लग सकती है। ऐसे हादसों में व्यक्ति की जान जाने का खतरा भी बना रहता है।
वायरल वीडियो में दोस्त करते रहे रिकॉर्डिंग
सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में युवक को छलांग लगाने की तैयारी करते देखा जा सकता है। उसके दोस्त सुरक्षित स्थान से मोबाइल फोन पर पूरी गतिविधि रिकॉर्ड कर रहे थे। बताया जा रहा है कि छलांग लगाने से पहले दोस्त मजाक में “भगवान तेरी आत्मा को शांति दे” जैसी बात कहते सुनाई दे रहे हैं।
इसके बाद युवक बाउंड्रीवॉल से नीचे छलांग लगा देता है। नीचे गिरते ही उसे गंभीर चोट लग जाती है। वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया उपयोगकर्ता इस तरह के खतरनाक स्टंट को लेकर नाराजगी जता रहे हैं।
कई लोगों का कहना है कि दोस्तों को वीडियो बनाने के बजाय युवक को ऐसा कदम उठाने से रोकना चाहिए था। वहीं, कुछ लोगों ने पहूज डैम जैसे जोखिम भरे स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था और चेतावनी बोर्ड बढ़ाने की आवश्यकता बताई है।
पहूज डैम पर पहले भी हो चुके हैं हादसे
पहूज डैम और इसके आसपास के जल क्षेत्र में पहले भी रील, फोटो और पिकनिक के दौरान जानलेवा हादसे हो चुके हैं। जुलाई 2025 में दो युवक सोशल मीडिया वीडियो बनवाने के लिए पानी के बीच मौजूद एक चट्टान तक पहुंचने की कोशिश कर रहे थे। तेज बहाव में बह जाने के कारण दोनों की मौत हो गई थी।
के अनुसार, दोनों युवक अपने दोस्त से वीडियो बनवा रहे थे और पानी के तेज बहाव में फंस गए थे। उनके शव अगले दिन बरामद किए जा सके थे।
लगातार सामने आ रहे ऐसे हादसे बताते हैं कि डैम, झरने, नदी और पहाड़ी क्षेत्रों में बिना सुरक्षा इंतजाम के वीडियो बनाना कितना खतरनाक हो सकता है।
कुछ सेकंड की रील के लिए जोखिम न उठाएं
सोशल मीडिया पर लाइक, शेयर और फॉलोअर्स बढ़ाने के लिए कई युवा खतरनाक स्टंट करते हैं। ऊंची इमारतों, पुलों, रेलवे ट्रैक, डैम और तेज बहाव वाले जल स्रोतों के पास बनाए गए वीडियो गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकते हैं।
किसी भी जलाशय की गहराई ऊपर से देखकर तय नहीं की जा सकती। पानी के नीचे चट्टान, लोहे का ढांचा, मलबा या तेज धार हो सकती है। मौसम और डैम से पानी छोड़े जाने के कारण जलस्तर तथा बहाव अचानक बदल सकता है।
पुलिस और प्रशासन लगातार लोगों से प्रतिबंधित तथा जोखिम वाले स्थानों पर स्टंट नहीं करने की अपील करते हैं। वीडियो बनाने वाले मित्रों की भी जिम्मेदारी है कि वे किसी को खतरनाक कदम उठाने के लिए प्रोत्साहित न करें और दुर्घटना की आशंका होने पर तुरंत रोकें।
पुष्पेंद्र के साथ हुआ हादसा उन लोगों के लिए चेतावनी है, जो सोशल मीडिया पर लोकप्रिय होने के लिए अपनी जान जोखिम में डालते हैं। एक रील कुछ समय के लिए वायरल हो सकती है, लेकिन उसकी वजह से लगी चोट या हुआ नुकसान पूरी जिंदगी प्रभावित कर सकता है।
