नागदा में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा एवं नागदा गरिमा सिद्धि वेलफेयर सोसाइटी ने शिक्षक सम्मान समारोह आयोजित किया। 30 से अधिक शिक्षकों का सम्मान हुआ। वरिष्ठ पत्रकार कैलाश सनोलिया ने कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माण की मजबूत नींव तैयार करते हैं।
नागदा शिक्षक सम्मान समारोह में राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया गया। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा नागदा एवं नागदा गरिमा सिद्धि वेलफेयर सोसाइटी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह में सेवानिवृत्त सहित विभिन्न क्षेत्रों में सेवाएं देने वाले 30 से अधिक शिक्षकों को शाल, श्रीफल एवं सम्मान पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया। एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस की ओर से भी सभी शिक्षकों को सम्मानित कर प्रणाम पत्र प्रदान किए गए।
राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों का महत्व ज्यादा
समारोह के मुख्य अतिथि वरिष्ठ पत्रकार कैलाश सनोलिया ने कहा कि राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों का अत्यंत महत्वपूर्ण योगदान है। शिक्षक अपने पुरुषार्थ एवं साधना से ऐसी पीढ़ी तैयार करते हैं, जो आगे चलकर समाज एवं राष्ट्र सेवा में अपना योगदान देती है। इसलिए शिक्षक को समाज का भाग्य विधाता भी कहा जाता है।
उन्होंने कहा कि देश में इंजीनियर, चिकित्सक, वैज्ञानिक एवं विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ तैयार करने में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। शिक्षक की साधना से विद्यार्थियों के जीवन में निखार आता है और वे राष्ट्र निर्माण की नींव के पत्थर बनते हैं।
सारस्वत अतिथि श्री गुलजारीलाल त्रिवेदी ने कहा कि शिक्षक के बिना जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती। वे लोग धन्य हैं, जिन्हें गुरु का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
आरक्षण व्यवस्था पर भी रखे विचार
विशिष्ट अतिथि एवं अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जितेंद्र कुशवाह ने कहा कि वर्तमान आरक्षण व्यवस्था के प्रारूप पर पुनर्विचार की महती आवश्यकता है। इसके कारण प्रतिभाओं का पलायन हो रहा है। उन्होंने सामान्य वर्ग के लिए आयोग गठित किए जाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
लायन अशोक बिसानी ने गुरु के महत्व को प्रतिपादित किया। वहीं श्रीमती मारिया शेखावत ने गीत के माध्यम से राष्ट्रभक्ति की अलख जगाई।
अध्यक्षीय उद्बोधन में ठाकुर धर्मेंद्र सिंह डोडिया ने कहा कि समाज की प्रतिभाओं का सम्मान होना चाहिए तथा आरक्षण के दंश से मुक्ति मिलना चाहिए। उन्होंने आर्थिक आधार पर आरक्षण को सर्वोत्तम विचार बताया। कार्यक्रम को संजय राजपूत ने भी संबोधित किया।
हेमलता तोमर ने दिया स्वागत उद्बोधन
प्रारंभ में स्वागत उद्बोधन अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा महिला इकाई की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती हेमलता तोमर ने दिया। उन्होंने आरक्षण विषय पर कार्यशाला आयोजित करने का सुझाव देते हुए कहा कि जब भी गुरु सम्मान की बात होगी अथवा आरक्षण को लेकर कोई आंदोलन होगा, वे उसमें सबसे आगे रहेंगी।
कवि सुंदरलाल जोशी ‘सूरज’ ने भारत के पूर्व राष्ट्रपति एवं महान शिक्षाविद डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन तथा वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप के जीवन पर संक्षिप्त जानकारी प्रस्तुत की और महाराणा प्रताप पर अपनी रचना का पाठ किया। समारोह का काव्यात्मक संचालन भी उन्होंने किया।
इन शिक्षकों का हुआ सम्मान
डॉ. अर्चना कुशवाह, डॉ. के.बी. गुप्ता, श्रीमती मारिया शेखावत, चंद्रशेखर दवे, वंदना व्यास, श्रीमती विमला राजावत, श्रीमती वैदेही देशमुख, श्री बालूसिंह पंवार, सुंदरलाल जोशी ‘सूरज’, प्रभात गुप्ता, श्रीमती शशि तिवारी, डॉ. लक्ष्मण नारायण सत्यार्थी, श्रीमती सुनीता मीणा, श्रीमती साधना राठौर, आभा गंगराड़े, प्रोफेसर श्री लालजी साहनी, रमेश चंद्र सारस्वत, श्रीमती संध्या बाथम, पूजा सोलंकी, निशा धीमन, अशोक जैन, फेबियोला लॉरेंस, पूनम सोनी, इंदर सिंह सांखला, करुणा सेंगर, शैलेंद्र शर्मा, पूर्णिमा मोदी, किरण कनौजिया एवं दिव्या नायक सहित 30 से अधिक शिक्षकों का सम्मान किया गया।
अतिथियों का किया स्वागत
कार्यक्रम में अतिथियों का स्वागत राधा सोनगरा, रीना चौहान, मिलेन्द्र प्रताप सिंह चौहान, रामप्रकाश सिंह सिकरवार तथा समाज सेवक इंद्र फाउंडेशन के अध्यक्ष राजेश इन्द्र ने किया। कार्यक्रम में मदर मैरी का स्टाफ भी शामिल था।
काव्यात्मक संचालन सुंदरलाल जोशी ‘सूरज’ ने किया तथा आभार प्रदर्शन श्रीमती हेमलता तोमर ने किया।
नागदा से जीवनलाल जैन की रिपोर्ट।

